{"_id":"67d1f61c23f42d7ac60ab782","slug":"jammu-assembly-session-jammu-news-c-10-lko1021-565159-2025-03-13","type":"story","status":"publish","title_hn":"स्थानीय युवाओं को रोजगार में तवज्जो, बाहरियों को जमीन नहीं : उपमुख्यमंत्री","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
स्थानीय युवाओं को रोजगार में तवज्जो, बाहरियों को जमीन नहीं : उपमुख्यमंत्री
विज्ञापन
कहा, 10 वर्षों में स्थानीय उद्योग को करना पड़ा घाटे का सामना, रोजगार के लिए कुछ नहीं किया गया
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। उपमुख्यमंत्री सुरिंदर चाैधरी ने कहा कि प्रदेश में उद्योग लगाने पर स्थानीय युवाओं को रोजगार देना होगा। स्थानीय युवाओं को उद्योगों में नौकरी पाने का अधिकार है। सरकार का प्रयास है कि प्रदेशवासियों की जमीन बाहरी लोगों को नहीं देने दें। उन्होंने कहा, जो भी सही होगा, किया जाएगा।
भाजपा विधायक राजीव जसरोटिया के सवाल पर जवाब देते हुए उपमुख्यमंत्री ने कहा कि 10 वर्षों के दौरान स्थानीय उद्योग को घाटे का सामना करना पड़ा। स्थानीय युवाओं के रोजगार के लिए कुछ नहीं किया गया। हम इसे बदलने के लिए प्रतिबद्ध हैं। विधायक जसरोटिया ने कहा कि क्षेत्र में उद्योग लगने पर स्थानीय युवाओं को 20 फीसदी और 80 फीसदी बाहरियों को रोजगार मिला है।
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि जम्मू-कश्मीर के लोगों के साथ कोई अन्याय न हो, यह सुनिश्चित करने के लिए अब्दुल्ला सरकार प्रतिबद्ध है। जम्मू-कश्मीर औद्योगिक नीति 2021-30 की मुख्य विशेषताएं विभिन्न क्षेत्रों में औद्योगिक विकास को बढ़ावा देना है, जिसमें जम्मू-कश्मीर सरकार द्वारा अधिसूचित अन्य क्षेत्रों के अलावा विनिर्माण, आईटी, कृषि, खाद्य प्रसंस्करण, स्वास्थ्य सेवा, फार्मास्यूटिकल्स, बुनियादी ढांचा, रियल एस्टेट, हर्बल और औषधीय पौधों पर ध्यान केंद्रित किया गया है।
विज्ञापन
नेकां कार्यकाल स्थापित हुए औद्योगिक एस्टेट
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि औद्योगिक एस्टेट, चाहे कश्मीर, जम्मू, गंग्याल या किसी अन्य स्थान पर हों, नेशनल कॉन्फ्रेंस शासन के दौरान स्थापित किए गए थे। सरकार बनने के तुरंत बाद मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने औद्योगिक क्षेत्रों के हितधारकों के साथ बैठकें कीं। उद्योगों को प्रोत्साहन देने पर काम हो रहा है।
स्थापित होगा कौशल विकास कोष
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि स्थानीय युवाओं को उद्यमशीलता कौशल प्रदान करने के लिए एक समर्पित उद्यमी और कौशल विकास कोष की स्थापना की जाएगी। इससे सतत औद्योगिक विकास को बढ़ावा मिलेगा। इस पहल में जम्मू-कश्मीर उद्यमिता विकास संस्थान (जेकेईडीआई) और देश भर के अन्य प्रमुख संस्थानों द्वारा संचालित प्रशिक्षण और कौशल विकास कार्यक्रम शामिल होंगे।
कश्मीर में 5 हजार कनाल भूमि औद्योगिक एस्टेट के लिए चिह्नित
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि कश्मीर संभाग के विभिन्न जिलों में औद्योगिक एस्टेट की स्थापना के लिए लगभग 5,000 कनाल भूमि चिह्नित की गई है। जम्मू संभाग में 9,661 कनाल भूमि के लिए राजस्व विभाग को प्रस्ताव भेजा गया है। जम्मू संभाग के विभिन्न जिलों में औद्योगिक एस्टेट की स्थापना के लिए 14,956 कनाल भूमि के प्रस्ताव रखे गए हैं, जबकि कश्मीर में पिछले दो वर्षों के दौरान 5,532 कनाल भूमि हस्तांतरित की गई है।
उधमपुर में महिलाओं के लिए औद्योगिक एस्टेट
उप मुख्यमंत्री ने कहा कि भूमि आवंटन आवेदनों के मूल्यांकन मानदंडों में विशेष अंक रखे गए हैं, ताकि महिलाओं को उनकी भागीदारी के आधार पर उच्च प्राथमिकता मिल सके। प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (पीएमईजीपी) के तहत नए सूक्ष्म उद्यमों की स्थापना के लिए जिला उधमपुर के सीन, ठाकरान में 1347 कनाल भूमि में से 329 कनाल भूमि पर महिलाओं के लिए एक विशेष औद्योगिक एस्टेट की स्थापना को मंजूरी दी गई है।
विज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। उपमुख्यमंत्री सुरिंदर चाैधरी ने कहा कि प्रदेश में उद्योग लगाने पर स्थानीय युवाओं को रोजगार देना होगा। स्थानीय युवाओं को उद्योगों में नौकरी पाने का अधिकार है। सरकार का प्रयास है कि प्रदेशवासियों की जमीन बाहरी लोगों को नहीं देने दें। उन्होंने कहा, जो भी सही होगा, किया जाएगा।
भाजपा विधायक राजीव जसरोटिया के सवाल पर जवाब देते हुए उपमुख्यमंत्री ने कहा कि 10 वर्षों के दौरान स्थानीय उद्योग को घाटे का सामना करना पड़ा। स्थानीय युवाओं के रोजगार के लिए कुछ नहीं किया गया। हम इसे बदलने के लिए प्रतिबद्ध हैं। विधायक जसरोटिया ने कहा कि क्षेत्र में उद्योग लगने पर स्थानीय युवाओं को 20 फीसदी और 80 फीसदी बाहरियों को रोजगार मिला है।
विज्ञापन
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि जम्मू-कश्मीर के लोगों के साथ कोई अन्याय न हो, यह सुनिश्चित करने के लिए अब्दुल्ला सरकार प्रतिबद्ध है। जम्मू-कश्मीर औद्योगिक नीति 2021-30 की मुख्य विशेषताएं विभिन्न क्षेत्रों में औद्योगिक विकास को बढ़ावा देना है, जिसमें जम्मू-कश्मीर सरकार द्वारा अधिसूचित अन्य क्षेत्रों के अलावा विनिर्माण, आईटी, कृषि, खाद्य प्रसंस्करण, स्वास्थ्य सेवा, फार्मास्यूटिकल्स, बुनियादी ढांचा, रियल एस्टेट, हर्बल और औषधीय पौधों पर ध्यान केंद्रित किया गया है।
विज्ञापन
नेकां कार्यकाल स्थापित हुए औद्योगिक एस्टेट
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि औद्योगिक एस्टेट, चाहे कश्मीर, जम्मू, गंग्याल या किसी अन्य स्थान पर हों, नेशनल कॉन्फ्रेंस शासन के दौरान स्थापित किए गए थे। सरकार बनने के तुरंत बाद मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने औद्योगिक क्षेत्रों के हितधारकों के साथ बैठकें कीं। उद्योगों को प्रोत्साहन देने पर काम हो रहा है।
स्थापित होगा कौशल विकास कोष
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि स्थानीय युवाओं को उद्यमशीलता कौशल प्रदान करने के लिए एक समर्पित उद्यमी और कौशल विकास कोष की स्थापना की जाएगी। इससे सतत औद्योगिक विकास को बढ़ावा मिलेगा। इस पहल में जम्मू-कश्मीर उद्यमिता विकास संस्थान (जेकेईडीआई) और देश भर के अन्य प्रमुख संस्थानों द्वारा संचालित प्रशिक्षण और कौशल विकास कार्यक्रम शामिल होंगे।
कश्मीर में 5 हजार कनाल भूमि औद्योगिक एस्टेट के लिए चिह्नित
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि कश्मीर संभाग के विभिन्न जिलों में औद्योगिक एस्टेट की स्थापना के लिए लगभग 5,000 कनाल भूमि चिह्नित की गई है। जम्मू संभाग में 9,661 कनाल भूमि के लिए राजस्व विभाग को प्रस्ताव भेजा गया है। जम्मू संभाग के विभिन्न जिलों में औद्योगिक एस्टेट की स्थापना के लिए 14,956 कनाल भूमि के प्रस्ताव रखे गए हैं, जबकि कश्मीर में पिछले दो वर्षों के दौरान 5,532 कनाल भूमि हस्तांतरित की गई है।
उधमपुर में महिलाओं के लिए औद्योगिक एस्टेट
उप मुख्यमंत्री ने कहा कि भूमि आवंटन आवेदनों के मूल्यांकन मानदंडों में विशेष अंक रखे गए हैं, ताकि महिलाओं को उनकी भागीदारी के आधार पर उच्च प्राथमिकता मिल सके। प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (पीएमईजीपी) के तहत नए सूक्ष्म उद्यमों की स्थापना के लिए जिला उधमपुर के सीन, ठाकरान में 1347 कनाल भूमि में से 329 कनाल भूमि पर महिलाओं के लिए एक विशेष औद्योगिक एस्टेट की स्थापना को मंजूरी दी गई है।