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Jammu News: अधिकारियों की प्रयोगशाला...8 माह में पांच तहसीलदार का तबादला, 4 बार अतिरिक्त कार्यभार

Fri, 01 Sep 2023 01:19 AM IST
जम्मू और कश्मीर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, जम्मू
संवाद न्यूज एजेंसी, जम्मू Updated Fri, 01 Sep 2023 01:19 AM IST
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सीमावर्ती क्षेत्र अरनिया के लोगों के काम हो रहे प्रभावित, कई हल मुद्दे फाइलों में दबे, केंद्रीय विद्यालय मामला भी अटका
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संवाद न्यूज एजेंसी
अरनिया। अरनिया तहसील में आठ माह में पांच तहसीलदारों का तबादला हो चुका है और चार बार अतिरिक्त कार्यभार से काम चलाया गया है। इससे कारण जहां विकास कार्य ठप हैं वहीं, लोगों के काम भी अटके हुए हैं। सुचेतगढ़ के तहसीलदार निर्भय शर्मा चार बार अतिरिक्त कार्यभार दिया गया है, लेकिन उनके कम समय के लिए मौजूद रहने से लोग मायूस हैं। जन संवाद में हल किए गए मुद्दे फाइलों में दबे हुए हैं। केंद्रीय विद्यालय का मामला अटका हुआ है।

जनवरी महीने में अरनिया की तहसीलदार पुनिका का तबादला कर दिया गया था। उस समय निर्भय शर्मा को अतिरिक्त कार्यभार दिया गया था। एक महीने के बाद तहसीलदार पंकज कुमार की तहसीलदार के रूप में तैनाती हुई थी। उन्होंने भी एक माह तक सेवाएं दी और उनका भी तबादला हो गया। फिर अतिरिक्त कार्याभार निर्भय शर्मा को सौंप दिया गया। उसके बाद आईएएस अधिकारी अनंत द्विवेदी को अरनिया का तहसीलदार नियुक्त किया गया। उन्होंने भी सेवाएं एक महीने तक दीं और उसके बाद फिर से अतिरिक्त कार्यभार निर्भय शर्मा को सौंप दिया गया। आईएएस अधिकारी इशिता राठी को अरनिया का तहसीलदार बनाया गया, जिसके बाद कामकाज जैसे ही पटरी पर लौटा तो उनके छुट्टी पर जाने से फिर तहसील का कार्यभार निर्भय शर्मा को सौंप दिया गया है।
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सूत्रों के अनुसार पता चला है कि इस अधिकारी को ज्यादा देर तक तहसीलदार के पद पर नियुक्त नहीं किया जा सकता है। जल्द ही इशिता राठी का भी तबादला कर दिया जाएगा, अगर वास्तविकता में ऐसा होता है तो एक बार फिर से अरनिया तहसील का अतिरिक्त कार्यभार निर्भय शर्मा को सौंप दिया जाएगा। अरनिया तहसीलदार पद का 8 महीने में पांच बार तबादला करना और चार बार अतिरिक्त कार्यभार पर सौंपना लोगों के लिए समस्या का बड़ा कारण बन गया है। लोग अपने काम लेकर दफ्तर में आ रहे हैं, लेकिन बार-बार तहसीलदार के तबादलों के चलते उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। शहर के लोगों द्वारा केंद्रीय विद्यालय के मुद्दे को लेकर बार-बार तहसीलदार को अवगत करवाया जा रहा है।परंतु तहसीलदार की स्थाई नियुक्ति न होने से मामला अधर में लटका हुआ है।
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अरनिया तहसील बनी प्रयोगशाला : पार्षद
इस मुद्दे पर पार्षद कैलाश चंद्र सैनी ने बताया कि अरनिया तहसील को एक प्रयोगशाला के रूप में चलाया जा रहा है। नए अधिकारी को यहां पर टेस्टिंग के लिए भेजा जाता है। उसके बाद उसका तबादला कर दिया जाता है। अतिरिक्त कार्यभार के चलते तहसीलदार की ज्यादातर अनुपस्थिति रहती है। जनप्रतिनिधि होने के चलते लोग समस्याएं लेकर उनके पास आते हैं। अतिरिक्त कार्यभार से एक तहसील नहीं बल्कि दो तहसीलों का कामकाज प्रभावित होता है। उप राज्यपाल सरकार को अरनिया के लिए एक स्थाई तहसीलदार नियुक्त करना चाहिए।



बार्डर तहसीलदार का बार-बार तबादला बढ़ा रहा समस्याएं : बलबीर कौर
पंचायत तरेवा की सरपंच बलबीर कौर ने बताया कि वैसे ही बॉर्डर क्षेत्र होने के चलते कई मुद्दे अधर में लटके हुए हैं। ऊपर से तहसीलदार का कम समय में तबादला होना बॉर्डरवासियों के लिए और समस्याएं उत्पन्न कर रहा है। अतिरिक्त कार्यभार पर तहसीलदार को हफ्ते में दो से तीन दिन तहसील में देने पड़ते हैं। उसमें भी कई बार जम्मू में बैठक निकल आती है, जिसके चलते लोगों की समस्या बढ़ती जा रही हैं। तहसील का मालिक ही नहीं होगा, तो वहां कानून व्यवस्था कायम रखना मुश्किल होगी। उप राज्यपाल प्रशासन को स्थाई तहसीलदार की नियुक्ति जल्द करनी चाहिए, ताकि लोगों को राहत मिल सके।
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