जम्मू व श्रीनगर बनेंगे महानगर क्षेत्र, दो सेटेलाइट टाउनशिप होगी विकसित
- जम्मू महानगर में जम्मू, सांबा, कठुआ, रियासी व उधमपुर के 1107 गांव होंगे शामिल
- श्रीनगर में कुपवाड़ा को छोड़कर शेष सभी नौ जिलों के 1452 गांव आएंगे
- दो सेटेलाइट टाउनशिप ग्रेटर जम्मू व ग्रेटर श्रीनगर होगा विकसित
विस्तार
संतुलित विकास तथा लोगों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए सरकार ने रियासत की दोनों राजधानियों जम्मू व श्रीनगर को महानगर की श्रेणी में लाने का फैसला किया है। इसके तहत कश्मीर संभाग के कुपवाड़ा को छोड़कर सभी नौ जिलों के 1452 गांवों को श्रीनगर महानगर क्षेत्र में शामिल किया गया है। इसी प्रकार जम्मू महानगर क्षेत्र में जम्मू, सांबा, कठुआ, रियासी व उधमपुर के 1107 गांव इस दायरे में आएंगे। इसके साथ ही ग्रेटर जम्मू व ग्रेटर श्रीनगर के रूप में दो सेटेलाइट टाउनशिप भी विकसित किए जाएंगे। इन दोनों टाउनशिप में आईटी पार्क का भी विकास होगा।
जम्मू महानगर क्षेत्र में 2216.58 वर्ग किमी तथा श्रीनगर में 2494.65 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र आएंगे। राज्य प्रशासनिक परिषद ने महानगर क्षेत्र में शामिल इलाकों को मंजूरी दे दी है। इसके लिए दो विकास प्राधिकरणों का गठन किया गया है। विकास प्राधिकरण इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट प्लान तैयार करेगा जो बुनियादी ढांचा विकसित करने में वार्षिक निवेश के लिए मार्गदर्शक होगा। अगले कुछ वर्षों में बुनियादी ढांचे - सड़क, जल आपूर्ति, सीवरेज, जल निकासी, सार्वजनिक परिवहन सहित रेल, ई-बसों और अन्य सुविधाओं पर होने वाले घाटे को कम करने के में भी मदद करेगा।
बुनियादी ढांचे के अलावा प्राधिकरण, पुलिस और नगर निगमों और उपायुक्तों के साथ विचार-विमर्श कर क्षेत्र में व्यापक गतिशीलता प्रबंधन योजना तैयार करेंगे। नए प्राधिकरण शहरी वातावरण के स्थायी प्रबंधन के लिए सतत प्रबंधन योजना तैयार करेंगे। इसके तहत हरित क्षेत्र को बढ़ाने पर जोर होगा। साथ ही जल संरक्षण, अपशिष्ट जल प्रबंधन, वर्षा जल संचयन, ऊर्जा संरक्षण पर भी बल होगा। साथ ही खुले स्थानों और शहर के पार्कों का प्रावधान भी तैयार करेंगे।
योजना और विकास के आधार पर होगा क्षेत्रों का चयन
पत्रकारों को फैसले की जानकारी देते हुए आवास व शहरी विकास विभाग के प्रमुख सचिव धीरज गुप्ता ने बताया कि इन महानगरीय क्षेत्र विकास प्राधिकरणों के लिए क्षेत्रों का चयन क्षेत्रीय योजना और विकास के सिद्धांतों पर किया गया है। क्षेत्रीय स्तर पर नियोजन और विकास मातृ शहर (मदर सिटी) के साथ-साथ क्षेत्र के आर्थिक विकास को सुनिश्चित करेगा। जम्मू और श्रीनगर के महानगरीय क्षेत्रों के साथ-साथ उनकी आबादी पिछले कुछ दशकों में तेजी से बढ़ी है।
राज्य सरकार ने राज्य के राजधानी क्षेत्रों के नियोजित विकास में चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए दिसंबर 2018 में जम्मू व कश्मीर महानगरीय क्षेत्र विकास प्राधिकरण अधिनियम, 2018 बनाया था। इसके तहत दो प्राधिकरण जम्मू मेट्रोपॉलिटन रीजन डेवलपमेंट अथॉरिटी और श्रीनगर मेट्रोपॉलिटन रीजन डेवलपमेंट अथॉरिटी बनाए गए। ये प्राधिकरण क्षेत्र के समुचित विकास के साथ ही विभिन्न योजनाओं के लिए संसाधन भी जुटाएंगे।
जम्मू महानगर
जिला |
राजस्व गांव |
क्षेत्रफल |
| जम्मू | 625 | 1961625 कनाल 12 मरला |
| सांबा | 260 | 1390297 कनाल 14 मरला |
| कठुआ | 65 | 216916 कनाल 04 मरला |
| रियासी | 41 | 350144 कनाल 18 मरला |
| उधमपुर | 116 | 514177 कनाल 02 मरला |
| कुल | 1107 | 4433161 कनाल 10 मरला |
श्रीनगर
जिला |
राजस्व गांव |
क्षेत्रफल |
| श्रीनगर | 124 | 514116 कनाल 19 मरला |
| कुलगाम | 126 | 331799 कनाल साढ़े 10 मरला |
| पुलवामा | 240 | 922715 कनाल 02 मरला |
| बांदीपोरा | 21 | 142461 कनाल |
| बारामुला | 281 | 1049195 कनाल 01 मरला |
| शोपियां | 163 | 451400 कनाल 18 मरला |
| गांदरबल | 81 | 298629 कनाल साढ़े 15 मरला |
| बडगाम | 312 | 900717 कनाल 193 मरला |
| अनंतनाग | 104 | 378268 कनाल |
| कुल | 1452 | 4989304 कनाल साढ़े तीन मरला |