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जम्मू-कश्मीर: प्रदेश के युवा बोले, नई फिल्म नीति में क्षेत्रीय सिनेमा मजबूत करे सरकार
Thu, 12 Aug 2021 01:14 PM IST
करिश्मा चिब
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
Published by: करिश्मा चिब
Updated Thu, 12 Aug 2021 01:14 PM IST
सार
जम्मू के युवा कलाकार और फिल्म निदेशक बोले, क्षेत्रीय भाषाओं में फिल्मों के लिए मिले प्रोत्साहन।
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जम्मू-कश्मीर
- फोटो : बासित जरगर
विस्तार
जम्मू-कश्मीर में मनोरंजन उद्योग को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने नई फिल्म नीति घोषित की है। यह कई मायनों में जम्मू-कश्मीर में फिल्म जगत के लिए स्वर्णिम युग साबित होगी। नई फिल्म नीति राष्ट्रीय सिनेमा को प्रदेश में आने का न्योता देने के साथ-साथ क्षेत्रीय सिनेमा को पंख लगाने का काम करेगी। इसको लेकर युवा निदेशकों और कलाकारों के अलग-अलग प्रतिक्रिया दी है।
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युवा निदेशक और कलाकार बॉलीवुड के निमंत्रण के साथ-साथ क्षेत्रीय सिनेमा पर ज्यादा ध्यान देने की बात कर रहे हैं। क्षेत्रीय भाषा में फिल्मेें बनने पर सब्सिडी मिले, ताकि क्षेत्रीय सिनेमा को प्रोत्साहन मिले। सरकार नई फिल्म नीति से साठ और सत्तर के दशक को वापस लाना चाहती है, तब कश्मीर घाटी बॉलीवुड की पहली पसंद हुआ करती थी।
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नई फिल्म नीति न सिर्फ जम्मू-कश्मीर, बल्कि देश के कलाकारों के लिए लाभकारी होगी। जम्मू-कश्मीर में बॉलीवुड, मराठी, साउथ सहित अन्य क्षेत्रों का सिनेमा आएगा तो यहां के युवाओं को रोजगार मिलेगा। प्रदेश में युवा सिनेमा से जुड़ने के लिए प्रेरित होंगे। युवाओं को एक मंच मिलेगा, जहां वे अपने विचारों को व्यक्त कर सकेंगे। मंच नहीं होने से जम्मू-कश्मीर के युवा पंजाबी सिनेमा में काम करते हैं। नई फिल्म नीति से क्षेत्रीय सिनेमा उभरकर निखरेगा, जिससे जम्मू-कश्मीर की प्रतिभाएं राष्ट्रीय पटल पर आएंगी। - सुनील पालिवाल, युवा अभिनेता, जम्मू
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नई फिल्म नीति में क्षेत्रीय सिनेमा को बढ़ावा देने की कोई ठोस नीति नहीं है। स्थानीय फिल्म निर्माता अगर क्षेत्रीय भाषा में फिल्म बनाना चहाते हैं तो सरकार की ओर से उन्हें कोई प्रोत्साहन नहीं मिलता है। आप राष्ट्रीय सिनेमा को न्योता दें, लेकिन क्षेत्रीय सिनेमा के विकास पर ज्यादा ध्यान देने की जरूरत है, जिससे यहां के युवा कलाकारों को न सिर्फ रोजगार मिलेगा, बल्कि स्थानीय भाषाओं को भी प्रोत्साहन मिलेगा। - अभिषेक भारती, युवा नाटक निदेशक, जम्मू
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फिल्म कई मायनों में प्रदेश के युवाओं के लिए मील का पत्थर साबित होगी। बॉलीवुड सहित अन्य सिनेमा जब प्रदेश में आएगा तो यहां के कलाकारों और निदेशकों को एक्सपोजर मिलेगा। प्रदेश में फिल्म उद्योग तो बढ़ा, लेकिन पंजाब, भोजपुरी, मराठी की तरह क्षेत्रीय सिनेमा को बढ़ावा मिले, इस पर सरकार का ज्यादा ध्यान होना चाहिए। - आकाश डोगरा, क्षेत्रीय फिल्म निर्माता, जम्मू
पहले भी कश्मीर में फिल्मों की शूटिंग होती थी और नई फिल्म नीति में भी इसको बढ़ावा मिलेगा। शूटिंग के लिए जम्मू कैसे फिल्म निर्माताओं की पंसद बने, इस पर सरकार को काम करना होगा। क्षेत्रीय सिनेमा को प्रोत्साहन देना होगा, ताकि जम्मू-कश्मीर के कलाकारों की भागीदारी राष्ट्रीय सिनेमा में मौजूद हो सके।