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जम्मू-कश्मीर: जम्मू संभाग के हक की आवाज हुई बुलंद, राजनीतिक बराबरी की गूंज

Fri, 09 Jul 2021 02:33 PM IST
करिश्मा चिब न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू Published by: करिश्मा चिब Updated Fri, 09 Jul 2021 02:33 PM IST
सार

परिसीमन आयोग की टीम ने जम्मू व किश्तवाड़ में जानी जमीनी हकीकत। जम्मू में 106 व किश्तवाड़ में 46 प्रतिनिधिमंडलों ने आयोग सदस्यों से की मुलाकात। चार दिवसीय दौरे के अंतिम दिन आज सात डीसी के साथ होगी बैठक।

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Jammu and Kashmir: The voice of the rights of Jammu division was raised, the echo of political equality
परिसीमन आयोग का जम्मू कश्मीर दौरा - फोटो : ANI

विस्तार

जम्मू-कश्मीर के पहले दौरे पर आई परिसीमन आयोग की टीम ने वीरवार को किश्तवाड़ व जम्मू में जनप्रतिनिधियों, राजनीतिक दलों व विभिन्न संगठनों के नुमाइंदों से मिलकर जमीनी हकीकत जानी। सभी ने जम्मू संभाग के हक की आवाज बुलंद की और जम्मू व कश्मीर संभाग में राजनीतिक बराबरी की वकालत की। अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति, कश्मीरी पंडितों, विस्थापितों व रिफ्यूजियों के लिए सीटें आरक्षित करने की मांग उठाई। जम्मू में 106 व किश्तवाड़ में 46 प्रतिनिधिमंडलों ने आयोग के समक्ष अपनी बात रखी।

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जम्मू में आयोग की अध्यक्ष जस्टिस सेवानिवृत्त रंजना प्रकाश देसाई, मुख्य चुनाव आयुक्त सुशील चंद्र से भाजपा, कांग्रेस, नेकां, अपनी पार्टी, पैंथर्स पार्टी, बसपा समेत 10 दलों के प्रतिनिधि मिले। इसके साथ ही कश्मीरी पंडितों, वेस्ट पाकिस्तानी रिफ्यूजियों, पीओजेके रिफ्यूजियों, वकीलों, चैंबर, सिखों समेत कई अन्य संगठनों के नुमाइंदों ने मिलकर अपनी बात रखी। सभी प्रतिनिधिमंडलों का कहना था कि परिसीमन की प्रक्रिया पारदर्शी तरीके से पूरी निष्पक्षता के साथ की जाए।
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इसमें केवल जनसंख्या को ही आधार न बनाया जाए बल्कि जम्मू संभाग की भौगोलिक चुनौतियों को भी शामिल किया जाए। पहली बार अनुसूचित जनजाति को आरक्षण का लाभ मिला है। इसलिए इसे उचित प्रतिनिधित्व दिया जाए। अनुसूचित जाति की सीटों के रोस्टर में बदलाव में भी नियमों का पालन किया जाए। विभिन्न सामुदायिक संगठनों की ओर से अपने समुदाय के लिए विधानसभा सीटें आरक्षित करने की मांग रखी गई। कई संगठनों ने आयोग के समक्ष अपनी चिंताएं भी रखीं।
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उनका कहना था कि ऐसी चर्चा है कि सत्ताधारी दल के दबाव में प्रक्रिया को पूरी करने की हिदायत दी गई है। इस पर आयोग ने उन्हें ऐसी किसी अफवाह पर ध्यान न देने को कहा। जम्मू आने से पहले टीम ने किश्तवाड़ में तीन जिलों किश्तवाड़, डोडा व रामबन के जनप्रतिनिधियों व संगठनों से मिलने के साथ ही इन जिलों के डीसी के साथ बैठक भी की। वहां से मुलाकात कर टीम दोपहर बाद जम्मू पहुंची।


होटल के आस-पास सुरक्षा बलों का पहरा
आयोग के दौरे को लेकर सुबह से ही होटल रेडिसन ब्लू के आस पास सुरक्षा घेरा काफी सख्त रहा। पूरे इलाके में सुरक्षा चाक चौबंद रही। होटल के आस पास किसी को रुकने नहीं दिया जा रहा था। होटल में सभी को पूरी चेकिंग के बाद ही जाने की अनुमति दी गई। एक-एक कर प्रतिनिधिमंडलों ने अपनी बात रखी।

परिसीमन आयोग आज सात जिलों के डीसी से करेगा मुलाकात
परिसीमन आयोग दौरे के चौथे औैर आखिरी दिन शुक्रवार को जम्मू संभाग के सात जिलों जम्मू, सांबा, कठुआ, उधमपुर, रियासी, राजोरी व पुंछ के डीसी के साथ बैठक कर विधानसभा हलकों के संबंध में उनकी राय लेगा। बैठक के साथ ही आयोग अपना दौरा समाप्त कर दिल्ली लौट जाएगा। इससे पहले मंगलवार व बुधवार को आयोग ने कश्मीर संभाग के लोगों की बात सुनी।

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