तेलंगाना में दिखेगी जम्मू कश्मीर की संस्कृति की छटा
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इसमें जम्मू-कश्मीर के 120 कलाकार तेलंगाना के लोगों के सामने अपनी संस्कृति की झलक पेश करेंगे। इसको लेकर कलाकारों ने अपनी तैयारी शुरू कर दी है। कला व भाषा अकादमी की तरफ से नए वर्ष में कई तरह की नई योजनाएं तैयार की है और इसी में राज्य की संस्कृति, कला व कलाकारों को पूरे देश में अलग पहचान दिलाने की योजना भी है।
इसी को लेकर पहली बार अकादमी तेलंगाना में जम्मू कश्मीर कल्चर फेस्टिवल का आयोजन 5, 6 व 7 फरवरी को करने जा रहा है। इस कल्चरल फेस्टिवल में जम्मू कश्मीर के कलाकार अपनी संस्कृति की झलक को सबके सामने रखेंगे। कलाकारों के कार्यक्रम के चुनाव की प्रक्रिया को अकादमी ने शुरू कर दिया है और जो भी शानदार प्रस्तुति करेगा उसको तेलंगाना में जाने का मौका मिलेगा।
अकादमी पहली बार एसी कोच में कलाकारों को करवाएगी यात्रा
इस कल्चर फेस्टिवल में कलाकार डोगरी, कश्मीरी, लद्दाखी, गोजरी, पहाड़ी, भद्रवाही कल्चरल ग्रुप नाटक, गीत, लोक नृत्य के कार्यक्रम पेश करके अपनी कला का प्रदर्शन करेंगे। पहली बार बाहरी राज्य के लोगों को गोजरी व पहाड़ी भाषा में गीत व संगीत सुनने को मिलेगा।
पहली बार कलाकार ट्रेन के एसी कोच में सफर करके तेलंगाना पहुंचेंगे। जम्मू-कश्मीर कला संस्कृति व भाषा अकादमी पहले कलाकारों को स्लीपर कोच में बाहरी राज्य में प्रस्तुति के लिए भेजती थी, लेकिन नए वर्ष से इनको अकादमी एसी कोच में यात्रा करने की सुविधा देगी।
जम्मू-कश्मीर कला संस्कृति व भाषा अकादमी के सचिव डा. अजीज हाजिनी ने बताया कि जम्मू-कश्मीर संस्कृति पूरे देश में फैलाने का काम अकादमी कर रही है और इसी चरण में तेलंगाना का टूर है। इसके बाद अन्य राज्यों में भी इसी तरह के फेस्टिवल का आयोजन होगा।