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जम्मू-कश्मीर : पाकिस्तान एलओसी के रास्ते भेज रहा है हेरोइन की खेप, 150 से ज्यादा रूट

Sat, 27 Nov 2021 02:21 AM IST
दुष्यंत शर्मा अजय मीनिया, जम्मू
अजय मीनिया, जम्मू Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Sat, 27 Nov 2021 02:21 AM IST
सार

साल भर करनाह, कुपवाड़ा और बारामुला के रास्ते 600 करोड़ रुपये से ज्यादा की हेरोइन भेजी गई।

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Jammu and Kashmir: Pakistan is sending consignments of heroin through LoC
loc - फोटो : फाइल, अमर उजाला

विस्तार

पाकिस्तान हेरोइन (चिट्टा) को ढाल बनाकर एलओसी के रास्ते भारत को खोखला कर रहा है। नशा तस्करी से आतंकियों के लिए फंड जुटाया जा रहा है, वहीं दूसरी तरफ देश के युवाओं को इसकी लत में डाला जा है। बीते तीन साल में नशा तस्करी के लिए 150 से ज्यादा रूट का इस्तेमाल किया गया है, जबकि 30 से 40 नए रूट तस्करी के लिए तलाशे जा रहे हैं।

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कश्मीर के कुपवाड़ा और बारामुला जिले, जम्मू संभाग के राजोरी और पुंछ जिलों की एलओसी का सबसे अधिक इस्तेमाल हो रहा है। इन जिलों की एलओसी से लगते नालों की मदद से हेरोइन भेजी जा रही है। इसके लिए एलओसी से सटे गांव में रहने वाले लोगों की मदद ली जा रही है। बीते दो साल में पाकिस्तान से लगभग तीन हजार करोड़ की हेरोइन भेजी गई है। 
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दोनों तरफ की रिश्तेदारी पड़ रही भारी
जानकारी के अनुसार कुपवाड़ा, बारामुला, राजोरी और पुंछ जिलों के 200 से अधिक ऐसे गांव हैं, जो एलओसी से बिल्कुल पास लगते हैं। पाकिस्तान में बैठे आतंकी संगठन इन गांव में मौजूद उन लोगों की मदद ले रहे हैं, जिनके रिश्तेदार पाकिस्तान और पीओजेके के अलग-अलग गांवों में रहते हैं। इन लोगों की पहचान करके फिर इनसे ओजी वर्करों के जरिए संपर्क किया जा रहा है।
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यही नहीं, पाकिस्तान जाने वाले कश्मीर के लोगों पर भी आतंकी संगठनों की नजर रहती है। जैसे ही कश्मीर का कोई शख्स पाकिस्तान जाए तो उससे बात की जाती है कि वह उनके लिए काम करे। हेरोइन की सप्लाई भेजने के सबसे ज्यादा नालों का इस्तेमाल किया जा रहा है, क्योंकि इन नालों में कोई तारबंदी नहीं है। 

उस पार जाकर लाया जा रहा चिट्टा
एलओसी से सटे गांव के लोगों को पीओजेके के उस पार के इलाकों की काफी जानकारी है। ऐसे में आतंकी संगठन पीओजेके की तरफ एक जगह पर हेरोइन की खेप छुपाकर रख देते हैं। इसके बाद इस तरफ के गांव में बैठे हैंडलर को उक्त जगह के बारे बता दिया जाता है। वह उस पार जाकर हेरोइन लाता है और इसे आगे सप्लाई कर देता है। जानकारी के अनुसार एक साल पहले मेंढर में पुलिस ने हेरोइन बरामद की। यह हेरोइन पीओजेके में जाकर बरामद की गई। पकड़े गए तस्कर ने पुलिस को बताया कि नशे की खेप उस पार कहां पड़ी हुई है। इसके बाद पुलिस टीम ने पीओजेके में घुसकर हेरोइन की खेप बरामद की। 

आतंकी मोमीन भी कर चुका खुलासा
सूत्रों का कहना है कि 11 जून को 2019 में सुरक्षाबलों ने कुपवाड़ा से तीन आतंकी पकड़े। इनमें मोमीन पीर ऐसा शख्स है, जिसका मामा पाकिस्तान में है। यहां तक कि मोमीन के अलगाववादी भी रिश्तेदार हैं। इनके पास से भी 100 करोड़ की हेरोइन मिली थी। वह कई बार पाकिस्तान जा चुका है। उसने बताया था कि कैसे पाकिस्तान में बैठे हैंडलर उससे संपर्क करते हैं।
 
इस साल अब तक पाकिस्तान से कब-कब आया जहर

  • 02 मार्च : कश्मीर में 10 करोड़ की हेरोइन मिली
  • 19 जुलाई  : अफगानिस्तान की टैग वाली 40 करोड़ की हेरोइन अखनूर बॉर्डर से पकड़ी। 
  • 23 मई : कुपवाड़ा में 50 करोड़ की हेरोइन मिली। 
  • सितंबर 2021 को पंजाब पुलिस ने नौशेरा के रहने वाले दो तस्करों को 30 करोड़ की हेरोइन के साथ पकड़ा, इनसे डेढ़ करोड़ की नकदी भी मिली। 

इससे पहले के मामले
- 11 जून 2019 को 100 करोड़, 26 जुलाई 2020 को टंगधार में 50 करोड़ की हेरोइन, 14 सितंबर 2020 को राजोरी एलनओसी पर 35 करोड़ और 19 सितंबर 2020 को अरनिया में 315 करोड़ रुपये की हेरोइन मिली। 

हर बार रूट बदला जा रहा
नशा तस्करी की बहुत सी संभावनाएं हैं। इसके लिए कई सारे रूट हैं। कभी भी नशा तस्कर एक रूट का इस्तेमाल नहीं करते। हर बार नया रूट बदल लिया जाता है। 
- युगल मन्हास, एसएसपी कुपवाड़ा

नदी नालों से अधिक संभावना
मेंढर, राजोरी, पुंछ, आदि की एलओसी के पास कई नाले पाकिस्तान जाते हैं। इन नालों से नशा तस्करी की संभावना रहती है। 
- देवेंद्र आनंद, प्रवक्ता, सेना 

इन इलाकों से भेजा जा रहा जहर
करनाह, कुपवाड़ा, बारामुला, राजोरी, पुंछ, जम्मू, कठुआ से बड़े स्तर पर हेरोइन भेजी जा रही है। लगभग पूरे साल ही पाकिस्तान ने हेरोइन की सप्लाई भेजी है। कुछेक बार ड्रोन का इस्तेमाल भी किया। आतंकी संगठन पैसों का इस्तेमाल कर रहे हैं। हेरोइन भेजकर आतंकियों के लिए पैसा एकत्र किया जा रहा है। पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां इसे लेकर अलर्ट हैं। ऐसा करने वालों पर कार्रवाई हो रही है। 
- दिलबाग सिंह, डीजीपी, जेके पुलिस

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