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जम्मू-कश्मीरः डेढ़ साल में डीआईजी की स्थायी नियुक्ति नहीं, पांच बार बदले गए अफसर
Thu, 02 Jul 2020 04:09 PM IST
प्रशांत कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
Published by: प्रशांत कुमार
Updated Thu, 02 Jul 2020 04:09 PM IST
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जम्मू कश्मीर पुलिस
- फोटो : सोशल मीडिया
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जम्मू-कश्मीर पुलिस की सबसे महत्वपूर्ण जम्मू-सांबा-कठुआ रेंज के डीआईजी की कुर्सी किसी आईपीएस अधिकारी को रास नहीं आ रही। जिस अधिकारी को नियुक्त किया जाता है, वह चंद महीने में ही हटा लिया जाता है। गृह विभाग पिछले डेढ़ साल से डीआईजी की स्थायी नियुक्ति नहीं कर पा रहा।
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इससे पहले कि अधिकारी कुछ समझ पाएं, उनका तबादला कर दिया जाता है। जानकारी के अनुसार पिछले डेढ़ साल में आईपीएस अधिकारी एवं राजोरी पुंछ के डीआईजी विवेक गुप्ता को जम्मू-सांबा-कठुआ रेंज की तीन बार कमान मिल चुकी है।
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एक बार उन्हें स्वतंत्र रूप से जेकेएस रेंज का कार्यभार दिया गया और दो बार अतिरिक्त पदभार। आईपीएस अधिकारी भीमसेन टूटी को दो बार स्वतंत्र रूप से पदभार दिया गया और हर बार दो से तीन महीने के भीतर ही उनको वापस भी हटा लिया गया। इसी तरह आईपीएस अधिकारी सुजित कुमार को भी डीआईजी बनाया गया, लेकिन तीन महीने में ही उनका तबादला हो गया।
सूत्रों के मुताबिक गृह विभाग जम्मू सांबा कठुआ रेंज के डीआईजी पद पर तैनाती को लेकर गंभीर नहीं है। तीनों जिले इंटरनेशनल बॉर्डर को कवर करते हैं। ऐसे में इस रेंज के डीआईजी का पद डेढ़ साल से खाली पड़ा हुआ है। बीच बीच में अधिकारियों को लगाया जाता है, फिर हटाया जाता है।
इसे लेकर आईपीएस अधिकारियों में भी रोष है। एक कारण यह भी है कि जम्मू कश्मीर में डीआईजी रैंक के अधिकारियों का भी टोटा है। रही सही कसर आईपीएस अधिकारियों के डेपुटेशन पर बाहर जाने से पूरी हो गई है।