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Pulwama Encounter: पुलवामा में आतंकियों से मुठभेड़ जारी, सुरक्षाबलों ने इलाके को घेरा
Mon, 21 Aug 2023 08:49 AM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू
अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू
Published by: शाहरुख खान
Updated Mon, 21 Aug 2023 08:49 AM IST
सार
पुलवामा के लैरो-परिगाम में आतंकियों की मौजूदगी की सूचना पर सुरक्षाबलों ने इलाके को घेर लिया। अभी इलाके में तलाशी अभियान चल रहा है।
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Security Forces
- फोटो : संवाद
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विस्तार
जम्मू-कश्मीर के पुलवामा के लैरो-परिगाम इलाके में सुरक्षा बल और आतंकियों के बीच मुठभेड़ चल रही है। सुरक्षाबलों ने इलाके को घेर रखा है। फिलहाल इलाके में तलाशी अभियान जारी है।
समाचार एजेंसी एएनआई के अनुसार, पुलवामा के लैरो-परिगाम में आतंकियों की मौजूदगी की सूचना पर सुरक्षाबलों ने इलाके को घेर लिया। सूत्रों के अनुसार, आतंकियों ने खुद को घिरा देख सुरक्षाबलों पर फायरिंग भी की। सुरक्षाबलों ने भी जवाबी कार्रवाई की है। अभी इलाके में तलाशी अभियान चल रहा है।
कुलगाम हमले में शामिल आतंकियों की धरपकड़ के लिए तलाशी अभियान जारी
उधर, जम्मू-कश्मीर के कुलगाम जिले में अगस्त की शुरुआत में घात लगाकर किए गए हमले में शामिल आतंकवादियों की धरपकड़ के लिए तलाशी अभियान जारी है। इसके लिए क्वाडकॉप्टर का इस्तेमाल किया जा रहा है। सुरक्षा अधिकारियों का मानना है कि इस साल राजौरी और पुंछ में हुए हमलों के पीछे भी आतंकियों का यही दल शामिल था।
एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार यह आतंकी समूह अभी भी दक्षिण कश्मीर में है और पीर पंजाल पर्वत शृंखला के दूसरी ओर नहीं गया है। उनके दूसरी ओर जाने से पहले उनसे संपर्क की उम्मीद हैं। पांच अगस्त को कुलगाम के हलाण वन क्षेत्र में आतंकवादियों ने सेना के तीन जवानों को शहीद कर दिया था।
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समाचार एजेंसी एएनआई के अनुसार, पुलवामा के लैरो-परिगाम में आतंकियों की मौजूदगी की सूचना पर सुरक्षाबलों ने इलाके को घेर लिया। सूत्रों के अनुसार, आतंकियों ने खुद को घिरा देख सुरक्षाबलों पर फायरिंग भी की। सुरक्षाबलों ने भी जवाबी कार्रवाई की है। अभी इलाके में तलाशी अभियान चल रहा है।
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#WATCH | Jammu and Kashmir: Encounter underway in the Larrow- Parigam area of Pulwama.
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(Visuals deferred by unspecified time) https://t.co/4IPMlUGN49 pic.twitter.com/5VoyQLpCWN — ANI (@ANI) August 21, 2023
कुलगाम हमले में शामिल आतंकियों की धरपकड़ के लिए तलाशी अभियान जारी
उधर, जम्मू-कश्मीर के कुलगाम जिले में अगस्त की शुरुआत में घात लगाकर किए गए हमले में शामिल आतंकवादियों की धरपकड़ के लिए तलाशी अभियान जारी है। इसके लिए क्वाडकॉप्टर का इस्तेमाल किया जा रहा है। सुरक्षा अधिकारियों का मानना है कि इस साल राजौरी और पुंछ में हुए हमलों के पीछे भी आतंकियों का यही दल शामिल था।
एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार यह आतंकी समूह अभी भी दक्षिण कश्मीर में है और पीर पंजाल पर्वत शृंखला के दूसरी ओर नहीं गया है। उनके दूसरी ओर जाने से पहले उनसे संपर्क की उम्मीद हैं। पांच अगस्त को कुलगाम के हलाण वन क्षेत्र में आतंकवादियों ने सेना के तीन जवानों को शहीद कर दिया था।
अप्रैल में पुंछ में पांच कमांडो और मई में राजौरी के भटादूड़ियां में हुए हमले में पांच अन्य शहीद हुए थे। इस साल की शुरुआत में राजौरी-पुंछ और हाल ही में कुलगाम में हुए हमलों में काफी समानता है। यह छह से आठ आतंकियों का समूह है, जो पीर पंजाल पर्वत शृंखला के दोनों ओर सक्रिय हैं। इसमें अधिकांश उच्च प्रशिक्षित विदेशी आतंकी शामिल हैं, लेकिन उन्हें दो से तीन स्थानीय लोगों द्वारा समर्थन दिया जा रहा है।
लश्कर और जैश के आतंकियों का है समूह
अधिकारी के अनुसार यह समूह लश्कर-ए-ताइबा और जैश-ए-मोहम्मद के आतंकवादियों का समूह है। अब तक फोन जैसे संचार उपकरणों का उपयोग न करने के चलते रडार के नीचे रहने में कामयाब रहा है। वे फोन के इस्तेमाल से परहेज कर रहे हैं और गांवों में नहीं जाते हैं। ऐसा लगता है कि उन्हें जो भी जरूरत है उसके लिए भुगतान कर रहे हैं।
अधिकारी के अनुसार यह समूह लश्कर-ए-ताइबा और जैश-ए-मोहम्मद के आतंकवादियों का समूह है। अब तक फोन जैसे संचार उपकरणों का उपयोग न करने के चलते रडार के नीचे रहने में कामयाब रहा है। वे फोन के इस्तेमाल से परहेज कर रहे हैं और गांवों में नहीं जाते हैं। ऐसा लगता है कि उन्हें जो भी जरूरत है उसके लिए भुगतान कर रहे हैं।
मददगार कर रहे उनकी मदद
उन्होंने बताया कि ऐसा लगता है कि इस आतंकी समूह के लिए रसद आदि में मदद ओवर ग्राउंड वर्कर (ओजीडब्ल्यू) द्वारा की जा रही है। कुलगाम का यह इलाका जंगल के अंदर है, इसलिए एक छोटी टीम के साथ एक मुठभेड़ हुई थी, जबकि बड़ी टीम आतंकियों की तलाश में निकल गई है। जल्द इन आतंकियों को ढेर कर दिया जाएगा।
उन्होंने बताया कि ऐसा लगता है कि इस आतंकी समूह के लिए रसद आदि में मदद ओवर ग्राउंड वर्कर (ओजीडब्ल्यू) द्वारा की जा रही है। कुलगाम का यह इलाका जंगल के अंदर है, इसलिए एक छोटी टीम के साथ एक मुठभेड़ हुई थी, जबकि बड़ी टीम आतंकियों की तलाश में निकल गई है। जल्द इन आतंकियों को ढेर कर दिया जाएगा।