{"_id":"66dfda0db328956eed0aec58","slug":"jammu-and-kashmir-election-newly-formed-seat-neelam-nagari-nc-vs-bjp-news-in-hindi-2024-09-10","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"Jammu Election: नई बनी सीट नीलम नगरी में नेकां और भाजपा की प्रतिष्ठा दांव पर... मुकाबला दिनों दिन हो रहा रोचक","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Jammu Election: नई बनी सीट नीलम नगरी में नेकां और भाजपा की प्रतिष्ठा दांव पर... मुकाबला दिनों दिन हो रहा रोचक
Tue, 10 Sep 2024 11:19 AM IST
शाहरुख खान
डॉ. बृजेश कुमार सिंह, अमर उजाला, जम्मू
डॉ. बृजेश कुमार सिंह, अमर उजाला, जम्मू
Published by: शाहरुख खान
Updated Tue, 10 Sep 2024 11:19 AM IST
सार
परिसीमन में किश्तवाड़ के इलाके को काटकर नई बनी सीट नीलम नगरी में नेकां और भाजपा की प्रतिष्ठा दांव पर है। पाडर नागसेनी के लिए भाजपा ने किश्तवाड़ में पहली बार कमल खिलाने वाले सुनील शर्मा और नेकां ने डीडीसी अध्यक्ष पूजा ठाकुर को मैदान में उतारा है।
विज्ञापन
Jammu and Kashmir Election
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
नीलम नगरी के रूप में मशहूर पाडर-नागसेनी विधानसभा में मुकाबला दिनों दिन रोचक होता जा रहा है। परिसीमन में किश्तवाड़ के इलाके को काटकर नई सीट पाडर-नागसेनी बनाई गई है। पहले चरण में 18 सितंबर को होने वाली नई सीट पर मतदान में भाजपा ने पूर्व मंत्री सुनील शर्मा पर दांव लगाया है।
नेकां ने डीडीसी अध्यक्ष पूजा ठाकुर को मैदान में उतारा है। सुनील शर्मा पहले किश्तवाड़ से विधायक थे। प्रसिद्ध मचैल यात्रा के आधार शिविर गुलाबगढ़ में दुर्गम रास्तों से होकर पहुंचा जाता है। यह विधानसभा क्षेत्र पाडर व नागसेनी को मिलाकर बनाया गया है।
यहां हिंदू-मुस्लिम के साथ ही बौद्ध समुदाय के लोग भी मतदाता हैं। पूर्व विधायक सुनील शर्मा का इलाके से पहले से ही नाता है। नेकां-कांग्रेस की संयुक्त प्रत्याशी पूजा ठाकुर गठबंधन का लाभ उठाने की जुगत में हैं। 2014 में यह सीट जब किश्तवाड़ का हिस्सा थी तो पहली बार कमल खिला था।
विज्ञापन
इसके पहले किश्तवाड़ की सीट पर नेकां का कब्जा रहा। 2024 के लोकसभा चुनाव में भी इस सीट पर भाजपा को बढ़त मिली थी। नेकां और कांग्रेस गठबंधन के प्रत्याशी को भाजपा उम्मीदवार से लगभग ढाई हजार कम मत मिले थे। पीडीपी प्रत्याशी संदेश कुमार मुकाबले को त्रिकोणीय बनाने में जुटे हैं।
विज्ञापन
नेकां ने डीडीसी अध्यक्ष पूजा ठाकुर को मैदान में उतारा है। सुनील शर्मा पहले किश्तवाड़ से विधायक थे। प्रसिद्ध मचैल यात्रा के आधार शिविर गुलाबगढ़ में दुर्गम रास्तों से होकर पहुंचा जाता है। यह विधानसभा क्षेत्र पाडर व नागसेनी को मिलाकर बनाया गया है।
विज्ञापन
यहां हिंदू-मुस्लिम के साथ ही बौद्ध समुदाय के लोग भी मतदाता हैं। पूर्व विधायक सुनील शर्मा का इलाके से पहले से ही नाता है। नेकां-कांग्रेस की संयुक्त प्रत्याशी पूजा ठाकुर गठबंधन का लाभ उठाने की जुगत में हैं। 2014 में यह सीट जब किश्तवाड़ का हिस्सा थी तो पहली बार कमल खिला था।
विज्ञापन
इसके पहले किश्तवाड़ की सीट पर नेकां का कब्जा रहा। 2024 के लोकसभा चुनाव में भी इस सीट पर भाजपा को बढ़त मिली थी। नेकां और कांग्रेस गठबंधन के प्रत्याशी को भाजपा उम्मीदवार से लगभग ढाई हजार कम मत मिले थे। पीडीपी प्रत्याशी संदेश कुमार मुकाबले को त्रिकोणीय बनाने में जुटे हैं।
पाडर के लोगों को स्थानीय प्रत्याशी न होने का दर्द
पाडर के लोगों का दर्द यह है कि मैदान में उतरे प्रत्याशी स्थानीय नहीं हैं। सुनील किश्तवाड़ इलाके के और पाडर-नागसेनी विधानसभा के हैं तो पूजा दच्छन की जो कि किश्तवाड़ विधानसभा में है। पीडीपी के अलावा अन्य प्रत्याशी भी पाडर से नहीं आते हैं। उनका कहना है कि यदि प्रत्याशी स्थानीय हो तो उनके इलाके के विकास के बारे में सोच सकता है।
पाडर के लोगों का दर्द यह है कि मैदान में उतरे प्रत्याशी स्थानीय नहीं हैं। सुनील किश्तवाड़ इलाके के और पाडर-नागसेनी विधानसभा के हैं तो पूजा दच्छन की जो कि किश्तवाड़ विधानसभा में है। पीडीपी के अलावा अन्य प्रत्याशी भी पाडर से नहीं आते हैं। उनका कहना है कि यदि प्रत्याशी स्थानीय हो तो उनके इलाके के विकास के बारे में सोच सकता है।
नीलम की खान और करथई प्रोजेक्ट शुरू न होने की कसक
नीलम की खान पाडर में है। यह खान काफी समय से बंद पड़ी है। जेके मिनरल्स की ओर से यहां प्रति वर्ष खनन का उपक्रम किया जाता है, लेकिन लोगों का मानना है कि यह व्यावसायिक तरीके से नहीं होता है। इलाके के नेकराम मन्हास, मनमोहन खजूरिया, राम गुप्ता और गंगा राम का कहना है कि यदि यह खान शुरू हो जाए तो इलाके के लोगों का जीवनस्तर बदल सकता है।
नीलम की खान पाडर में है। यह खान काफी समय से बंद पड़ी है। जेके मिनरल्स की ओर से यहां प्रति वर्ष खनन का उपक्रम किया जाता है, लेकिन लोगों का मानना है कि यह व्यावसायिक तरीके से नहीं होता है। इलाके के नेकराम मन्हास, मनमोहन खजूरिया, राम गुप्ता और गंगा राम का कहना है कि यदि यह खान शुरू हो जाए तो इलाके के लोगों का जीवनस्तर बदल सकता है।
युवाओं को रोजगार के साधन सुलभ हो सकते हैं। इससे बेरोजगारी की समस्या का निदान हो सकता है। खान शुरू होने के साथ ही इसकी सफाई का कारखाना गुलाबगढ़ तथा आसपास के इलाके में ही होना चाहिए न कि विधानसभा इलाके से बाहर। गुलाबगढ़ में राजेश कुमार व मकबूल ने बताया कि इलाके में जर्जर सड़क दर्द देती है। हादसे का खतरा बना रहता है।
सड़क, बिजली का कुछ गांवों में संकट, चिकित्सा सुविधा भी नदारद
पाडर इलाके के लोगों का कहना है कि प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत अधिकतर गांव सड़क संपर्क से जुड़ गए हैं, लेकिन मचैल पंचायत में चिसौती गांव तक ही सड़क है। किदरू गांव भी सड़क सुविधा से वंचित है। गंधारी पंचायत के कुछ गांवों में बिजली नहीं है। चिकित्सा सुविधा के लिए उप जिला अठोली तो है, लेकिन यहां दवाओं व चिकित्सकों का अभाव है।
पाडर इलाके के लोगों का कहना है कि प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत अधिकतर गांव सड़क संपर्क से जुड़ गए हैं, लेकिन मचैल पंचायत में चिसौती गांव तक ही सड़क है। किदरू गांव भी सड़क सुविधा से वंचित है। गंधारी पंचायत के कुछ गांवों में बिजली नहीं है। चिकित्सा सुविधा के लिए उप जिला अठोली तो है, लेकिन यहां दवाओं व चिकित्सकों का अभाव है।
2024 लोकसभा चुनाव में पार्टियों को मिले वोट
भाजपा 14696
कांग्रेस 11004
भाजपा 14696
कांग्रेस 11004