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जम्मू कश्मीर: फर्जी गन लाइंसेस मामले में कुपवाड़ा के पूर्व DC समेत 15 के खिलाफ चार्जशीट
Thu, 21 Mar 2024 03:46 PM IST
kumar गुलशन कुमार
अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू कश्मीर
अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू कश्मीर
Published by: kumar गुलशन कुमार
Updated Thu, 21 Mar 2024 03:46 PM IST
सार
वर्ष 2012 से लेकर 2016 तक की अवधि के दौरान नियमों का उल्लंघन करके अपात्र व्यक्तियों को बड़ी संख्या में फायर आर्म्स लाइसेंस जारी किए गए थे। इस मामले में जांच चल रही है, उसकी कड़ी में सीबीआई आरोपपत्र दायर किए हैं।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
फर्जी गन लाइसेंस मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने श्रीनगर के विशेष न्यायाधीश की अदालत में 15 आरोपियों के खिलाफ दो आरोपपत्र दायर किए गए हैं। इसमें कुपवाड़ा जिले के तत्कालीन डीसी इतरत हुसैन रफीकी व नौ अन्य, जिनमें चार गन हाउस डीलर और बिचौलिए शामिल थे। दूसरे आरोपपत्र में कुपवाड़ा जिले के ही एडीएम रविंदर कुमार भट्ट, गन हाउस डीलर व बिचौलियों सहित चार आरोपी शामिल हैं।
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वर्ष 2012 से लेकर 2016 तक की अवधि के दौरान नियमों का उल्लंघन करके अपात्र व्यक्तियों को बड़ी संख्या में फायर आर्म्स लाइसेंस जारी किए गए थे। इस मामले में जांच चल रही है, उसकी कड़ी में बुधवार को सीबीआई आरोपपत्र दायर किए हैं। 2018 में प्रदेश की सरकार की गुहार पर सीबीआई ने इसमें मामला दर्ज किया था।
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एक आरोप पत्र तत्कालीन डीसी कुपवाड़ा, चार गन हाउस डीलर और बिचौलिओं सहित 10 आरोपियों के खिलाफ आरपीसी, पीसी अधिनियम और शस्त्र अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत आरोपपत्र दायर किया गया था, जबकि एक अन्य आरोप पत्र तत्कालीन एडीएम कुपवाड़ा और गन हाउस डीलर और बिचौलियों सहित 4 अन्य लोगों शामिल हैं।
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जांच में पाया गया कि डीसी ने बिचौलियों और अन्य गन हाउस डीलरों के साथ मिलकर आपराधिक साजिश की। गन हाउस डीलरों ने देश के दूरदराज स्थानों पर तैनात रक्षा कर्मियों को लालच दिया और अवैध तरीके से जिला कुपवाड़ा से उनके हथियार लाइसेंस जारी करवा लिए। जबकि वे कर्मी न तो राज्य के निवासी हैं और न ही जिले में तैनात हैं। बिना पुलिस सत्यापन के गन हाउस डीलरों और बिचौलिए इसमें शामिल रहे।