जम्मू-कश्मीर: अब हर छात्र पी रहा शुद्ध जल, स्कूलों में नल से जल पहुंचाने वाला दूसरा केंद्र शासित प्रदेश बना
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 29 सितंबर 2020 को देशभर के स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों में शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने का आह्वान किया था। केंद्रीय जलशक्ति मंत्री शेखावत ने 2 अक्तूबर 2020 को जल जीवन मिशन के तहत 100 दिनों के अभियान का शुभारंभ किया था।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर अंडमान और निकोबार द्वीप समूह के बाद स्कूलों तथा आंगनबाड़ी केंद्रों में नल से जल पहुंचाने वाला दूसरा केंद्र शासित प्रदेश बन गया है। केंद्रीय जलशक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने बताया कि जम्मू-कश्मीर के सभी 22422 स्कूलों और 23926 आंगनबाड़ी केंद्रों में नल के कनेक्शन उपलब्ध कराए गए हैं।
शेखावत ने कहा कि जल जीवन मिशन के माध्यम से विकास की गंगा बह रही है। धरती के स्वर्ग की पाठशालाओं और आंगनबाड़ी केंद्रों में सुचारु नल कनेक्शन स्थापित हो चुके हैं। नौनिहालों को पीने के लिए शुद्ध जल मिल रहा है। कश्मीरी भाई-बहनों ने जिस कश्मीर का सपना देखा था उसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी साकार कर रहे हैं।
जल जीवन मिशन जम्मू-कश्मीर के एमडी सैय्यद आबिद रशीद शाह ने बताया कि केंद्र शासित प्रदेश के हर स्कूल में नल का कनेक्शन पहुंचाना और शुद्ध जल की आपूर्ति बहाल करने का लक्ष्य कठिन था लेकिन हमने यह काम समय से पहले पूरा किया। स्कूलों में भविष्य में भी जलापूर्ति स्थायी रहे इसके लिए निरंतर निगरानी और स्त्रोतों को सुचारु रखना सुनिश्चित करेंगे।
पिछले साल शुरू हुआ था 100 दिन का अभियान
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 29 सितंबर 2020 को देशभर के स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों में शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने का आह्वान किया था। केंद्रीय जलशक्ति मंत्री शेखावत ने 2 अक्तूबर 2020 को जल जीवन मिशन के तहत 100 दिनों के अभियान का शुभारंभ किया। राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्यमंत्रियों तथा राज्यपालों को पत्र लिखकर स्कूलों में पेयजल और शौचालयों में हाथ धोने का पानी उपलब्ध कराने का आग्रह भी किया था।
वर्ष 2022 तक हर घर में होगा नल कनेक्शन
शेखावत ने बताया कि जम्मू और कश्मीर ने जल जीवन मिशन के तहत वर्ष 2022 तक हर ग्रामीण घर में नल से जल पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है। राज्य में 1835190 ग्रामीण परिवार हैं जिनमें से 1027000 (56 प्रतिशत) से अधिक परिवारों में नल से जल पहुंचाया जा रहा है। गांदरबल और श्रीनगर तो पूरी तरह से हर घर नल जिला बन गए हैं। केंद्र शासित प्रदेश में 1056 गांव ऐसे हैं जहां के घरों में अब पीने का शुद्ध पेयजल उनके नल से मिल रहा है।