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पाकिस्तान परस्त जमात पर शिकंजा: स्कूलों के नाम पर भूमि आवंटन की जांच शुरू, सभी जिलों से रिपोर्ट तलब, अब तक 50 से अधिक स्कूल चिह्नित

Tue, 13 Jul 2021 01:46 AM IST
Vikas Kumar बृजेश कुमार सिंह, अमर उजाला, जम्मू
बृजेश कुमार सिंह, अमर उजाला, जम्मू Published by: Vikas Kumar Updated Tue, 13 Jul 2021 01:46 AM IST
सार

सरकार से जुड़े उच्च पदस्थ सूत्रों ने बताया कि पूर्ववर्ती सरकारों के कार्यकाल में जमात को शिक्षा के प्रचार-प्रसार के लिए स्कूल खोलने के नाम पर बड़े पैमाने पर सरकारी जमीनें आवंटित की गईं। उत्तरी, दक्षिणी और मध्य कश्मीर सभी जगह जमात के स्कूल हैं।

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jammu and kashmir administration preparing to tighten the noose on pro-pakistan jamaat-e-islami
आतंकवाद - फोटो : Defence Aviation Post

विस्तार

जम्मू-कश्मीर में देश विरोधी और आतंकियों से संबंध रखने वाले दागी कर्मचारियों के सफाये का अभियान शुरू करने के साथ अब पाकिस्तान परस्त जमात-ए-इस्लामी पर शिकंजा कसने की तैयारी है। जमात को स्कूलों के नाम पर नियमों को दरकिनार कर सरकारी जमीन के आवंटन की जांच शुरू कर दी है। जमात को फायदा पहुंचाने के लिए पूर्ववर्ती सरकारों ने व्यापक पैमाने पर गड़बड़ी की है। सरकार ने सभी जिलों से ऐसे स्कूलों की रिपोर्ट तलब की है। अब तक ऐसे पचास से ज्यादा स्कूल चिह्नित कर लिए गए हैं। इनको दी गई जमीन का आवंटन रद्द किया जाएगा।

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सरकार से जुड़े उच्च पदस्थ सूत्रों ने बताया कि पूर्ववर्ती सरकारों के कार्यकाल में जमात को शिक्षा के प्रचार-प्रसार के लिए स्कूल खोलने के नाम पर बड़े पैमाने पर सरकारी जमीनें आवंटित की गईं। उत्तरी, दक्षिणी और मध्य कश्मीर सभी जगह जमात के स्कूल हैं। आरोप है कि इन स्कूलों में कट्टरता का बीज भावी पीढ़ी में बोया जाता है। सूत्रों के अनुसार अनुच्छेद 370 हटने के बाद सरकार के पास ऐसी कई शिकायतें प्राप्त हुईं, जिसमें जमात के स्कूलों को नियमों को दरकिनार कर भूमि आवंटित करने की बात सामने आई। 
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नाम बदलकर जारी रखीं गतिविधियां 
यह भी शिकायत मिली कि प्रतिबंध के बाद भी जमात नाम बदलकर अपनी गतिविधियां जारी रखे हुए है। इन शिकायतों को सरकार ने गंभीरता से लेते हुए सभी जिलों से जमात के स्कूलों तथा उन्हें आवंटित सरकारी भूमि का ब्योरा मांगा। सरकार ने जब जांच कराई तो पाया कि पूर्ववर्ती सरकार के कार्यकाल में इन्हें लाभ पहुंचाने के लिए  जमीन आवंटन में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी की गई है। नियमों को दरकिनार कर जमीन दे दी गई। 
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गड़बड़ी करने वाले अफसरों पर भी होगी कार्रवाई 
सूत्रों ने बताया कि ऐसे स्कूलों की तादाद सैकड़ों में है। अब तक जांच के बाद 50 स्कूलों को चिह्नित किया जा चुका है जिनके खिलाफ कार्रवाई की जानी है। एक उच्च अधिकारी ने बताया कि जल्द ही इनका आवंटन रद्द कर दिया जाएगा। नियमों के विपरीत जिन स्कूलों को भी जमीन आवंटित हुई है उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। राजस्व रिकॉर्ड से मिलान का काम अंतिम चरण में है। साथ ही गड़बड़ी के लिए जिम्मेदार अफसरों की जिम्मेदारी भी तय की जाएगी।


सरकार तीन मोर्चों पर कर रही काम
केंद्र शासित प्रदेश में सरकार पाकिस्तान परस्त देश-विरोधी तथा आतंकी गतिविधियों पर अंकुश लगाने के लिए तीन मोर्चों पर काम कर रही है। पहला आतंकियों तथा पाकिस्तान के हमदर्दों की सरकारी नौकरी से बर्खास्तगी, दूसरा कट्टरता का बीज बोने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और तीसरा जमात पर कार्रवाई। सरकार से जुड़े सूत्रों का कहना है कि इन तीनों फार्मूलों पर काम कर काफी हद तक घाटी में शांति बहाल करने में सफलता मिलेगी।

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