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Jammu News: डीडीसी ने मद दोगुनी करने की रखी मांग, विधायकों ने उठाए बिजली, पानी व स्वास्थ्य से जुड़े मुद्दे
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बजट से पहले मुख्यमंत्री ने जानी जम्मू के जनप्रतिनिधियों की राय, नागरिक सचिवालय में डेढ़ घंटे तक चली बैठक
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। बजट से पहले मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने जम्मू जिले के विधायकों और डीडीसी चेयरमैन से उनकी राय जानी। विधायकों ने अपने-अपने क्षेत्र में शिक्षा, स्वास्थ्य, बिजली जैसे बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की मांगे रखीं। वहीं, डीडीसी चेयरमैन ने जिले का वार्षिक मद दोगुना करने की मांग रखी।
चूंकि, प्रत्येक विधायक को 30 करोड़ रुपये जारी होने हैं। विधायकों ने इसके हिसाब से कार्यों की सूची सौंपी है। नागरिक सचिवालय जम्मू में रविवार दोपहर को करीब डेढ़ घंटे तक चली बैठक में भाजपा के सभी विधायक और डीडीसी चेयरमैन शामिल हुए। कुछ वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए जुड़े। मुख्यमंत्री ने कहा कि हम अपने कार्यालयों में भी बजट का मसौदा तैयार कर सकते थे, लेकिन हम निर्वाचित प्रतिनिधियों से परामर्श ले रहे हैं, ताकि लोगों की जरूरतों और आकांक्षाओं को ध्यान में रखा जा सके।
क्योंकि, जनता के चुने नुमाइंदों की राय अधिक महत्वपूर्ण है। जनप्रतिनिधि जमीनी हकीकत से वाकिफ हैं। चुनाव प्रचार के दौरान लोगों के साथ निकटता से बातचीत की है। आप उनकी समस्याओं और मांगों को समझते हैं। इसीलिए मैंने आपके साथ ये विचार-विमर्श करने का फैसला किया। उमर ने कहा कि ये चर्चा बजट को आकार देने और लोगों की प्रमुख चिंताओं को दूर करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।
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विधायकों ने इन मुद्दों को प्रमुखता से उठाया
विधायकों ने सड़कों की खराब स्थिति, पुलों के निर्माण की आवश्यकता, सड़कों की बेहतर कनेक्टिविटी, स्वास्थ्य सेवा में सुधार, नए शैक्षणिक संस्थानों के निर्माण, जल निकासी, सीवरेज प्रबंधन विशेष रूप से शहरी और अर्ध शहरी क्षेत्रों में, जलभराव, स्वच्छता के मुद्दों को उठाया। पर्यटन विकास पर भी फोकस किया गया। इसमें स्थानीय आकर्षणों को बढ़ावा देने, पर्यटक सुविधाओं में सुधार करने और स्थानीय अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने के लिए नए पर्यटन सर्किट बनाने के सुझाव दिए गए।
नशे के खिलाफ एक स्वर में बोले सब
बैठक में नशे पर कार्रवाई करने के लिए भी जोरदार तरीके से विधायकों ने अपनी बात रखी। एक स्वर में इसे जड़ से मिटाने पर जोर दिया। कई विधायकों ने नशा मुक्ति केंद्र स्थापित करने, जागरूकता अभियान और सख्त कार्रवाई के सुझाव दिए।
डीसी ने सौंपी सीएम को सूची
उपायुक्त जम्मू सचिन कुमार ने विधायकों से प्राप्त इनपुट के आधार पर एक विस्तृत क्षेत्रवार प्रस्ताव पेश किया। इसमें ग्रामीण और शहरी विकास, सार्वजनिक कार्य, सिंचाई, स्वास्थ्य सेवा, शिक्षा और सामाजिक कल्याण सहित विभिन्न विकास क्षेत्रों को शामिल किया गया। बाढ़ सुरक्षा उपायों, भूजल संरक्षण और जल की कमी को दूर करने के लिए जल शक्ति विभाग को मजबूत करने पर विशेष ध्यान दिया गया।
विधायकों ने रखी अपनी मांग और मांगा बजट
बिश्नाह में नशामुक्ति केंद्र, आपातकालीन अस्पताल खुले
अरनिया और बिश्नाह के लिए आईआईटी काॅलेज, बिश्नाह में उपजिला स्तर का नशामुक्ति केंद्र, आपातकालीन अस्पताल, अरनिया और बिश्नाह दोनों के लिए सौंदर्यीकरण के लिए एक-एक करोड़, बार्डर क्षेत्र में डिग्री काॅलेज, नहरों से सिल्ट हटाने के लिए विशेष बंदोबस्त की मांग मुख्य रूप से सीएम के समक्ष रखी है। ये सब बजट में शामिल करने के लिए कहा गया है।
- राजीव भगत, विधायक, बिश्नाह
चार एंबुलेंस देने की मांग, बिजली बिल माफ हों
सीमांत क्षेत्रों के लिए चार से पांच नई एंबुलेंस मांगी गई हैं। बिजली बिलों को माफ किया जाए। सामूहिक भवनों, श्मशान घाट के निर्माण को लेकर खास पेशकश की गई। ग्रामीण विकास विभाग के अधीन बहुत से कार्य रखे गए हैं। इसमें गलियां-नालियां बनाना शामिल है। नहरों में अंतिम शोर तक पानी, नहरों की अच्छी से सफाई करने की मांग भी रखी गई है।
-गारू राम, विधायक, सुचेतगढ़
नशे में शामिल पुलिस अफसरों की भी पहचान हो
मौटे तौर पर शिक्षा, स्वास्थ्य, खेल को लेकर मांग रखी गई है। इसके अलावा नशा बड़ा मुद्दा है। इसे लेकर कहा गया है कि नशा करने वालों की संपत्तियां कुर्क करें। इस कृत्य में यदि पुलिस वाले हैं तो उनकी पहचान करें और कड़ी कार्रवाई करें। कुल मिलाकर बुनियादी ढांचे को मजबूत करने पर बात हुई है।
-नरिंद्र रैना, विधायक, आरएस पुरा जम्मू दक्षिण
जम्मू में 300 पंचायतें, फंड 50 के बराबर
जम्मू जिला प्रदेश में सबसे बड़ा है, लेकिन जिला विकास परिषद का फंड दूसरे जिलों की तरह ही मिलता है। हम चाहते हैं कि इसे दोगुना किया जाए। जम्मू जिले में 300 से अधिक पंचायतें हैं। वार्षिक बजट 127 करोड़ मिलता है, जोकि दुगना होना चाहिए। यहां तो 50 पंचायतों वाले जिलों को भी इतना मिलता है और जम्मू को भी।
-भारत भूषण, डीडीसी चेयरमैन, जम्मू
बजट कार्यालयों में बैठकर भी तैयार कर सकते थे। चूंकि, आप जनता की जरूरतों और आकांक्षाओं से वाकिफ हैं, इसलिए आपकी राय महत्वपूर्ण है।
- उमर अब्दुल्ला, मुख्यमंत्री
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अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। बजट से पहले मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने जम्मू जिले के विधायकों और डीडीसी चेयरमैन से उनकी राय जानी। विधायकों ने अपने-अपने क्षेत्र में शिक्षा, स्वास्थ्य, बिजली जैसे बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की मांगे रखीं। वहीं, डीडीसी चेयरमैन ने जिले का वार्षिक मद दोगुना करने की मांग रखी।
चूंकि, प्रत्येक विधायक को 30 करोड़ रुपये जारी होने हैं। विधायकों ने इसके हिसाब से कार्यों की सूची सौंपी है। नागरिक सचिवालय जम्मू में रविवार दोपहर को करीब डेढ़ घंटे तक चली बैठक में भाजपा के सभी विधायक और डीडीसी चेयरमैन शामिल हुए। कुछ वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए जुड़े। मुख्यमंत्री ने कहा कि हम अपने कार्यालयों में भी बजट का मसौदा तैयार कर सकते थे, लेकिन हम निर्वाचित प्रतिनिधियों से परामर्श ले रहे हैं, ताकि लोगों की जरूरतों और आकांक्षाओं को ध्यान में रखा जा सके।
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क्योंकि, जनता के चुने नुमाइंदों की राय अधिक महत्वपूर्ण है। जनप्रतिनिधि जमीनी हकीकत से वाकिफ हैं। चुनाव प्रचार के दौरान लोगों के साथ निकटता से बातचीत की है। आप उनकी समस्याओं और मांगों को समझते हैं। इसीलिए मैंने आपके साथ ये विचार-विमर्श करने का फैसला किया। उमर ने कहा कि ये चर्चा बजट को आकार देने और लोगों की प्रमुख चिंताओं को दूर करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।
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विधायकों ने इन मुद्दों को प्रमुखता से उठाया
विधायकों ने सड़कों की खराब स्थिति, पुलों के निर्माण की आवश्यकता, सड़कों की बेहतर कनेक्टिविटी, स्वास्थ्य सेवा में सुधार, नए शैक्षणिक संस्थानों के निर्माण, जल निकासी, सीवरेज प्रबंधन विशेष रूप से शहरी और अर्ध शहरी क्षेत्रों में, जलभराव, स्वच्छता के मुद्दों को उठाया। पर्यटन विकास पर भी फोकस किया गया। इसमें स्थानीय आकर्षणों को बढ़ावा देने, पर्यटक सुविधाओं में सुधार करने और स्थानीय अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने के लिए नए पर्यटन सर्किट बनाने के सुझाव दिए गए।
नशे के खिलाफ एक स्वर में बोले सब
बैठक में नशे पर कार्रवाई करने के लिए भी जोरदार तरीके से विधायकों ने अपनी बात रखी। एक स्वर में इसे जड़ से मिटाने पर जोर दिया। कई विधायकों ने नशा मुक्ति केंद्र स्थापित करने, जागरूकता अभियान और सख्त कार्रवाई के सुझाव दिए।
डीसी ने सौंपी सीएम को सूची
उपायुक्त जम्मू सचिन कुमार ने विधायकों से प्राप्त इनपुट के आधार पर एक विस्तृत क्षेत्रवार प्रस्ताव पेश किया। इसमें ग्रामीण और शहरी विकास, सार्वजनिक कार्य, सिंचाई, स्वास्थ्य सेवा, शिक्षा और सामाजिक कल्याण सहित विभिन्न विकास क्षेत्रों को शामिल किया गया। बाढ़ सुरक्षा उपायों, भूजल संरक्षण और जल की कमी को दूर करने के लिए जल शक्ति विभाग को मजबूत करने पर विशेष ध्यान दिया गया।
विधायकों ने रखी अपनी मांग और मांगा बजट
बिश्नाह में नशामुक्ति केंद्र, आपातकालीन अस्पताल खुले
अरनिया और बिश्नाह के लिए आईआईटी काॅलेज, बिश्नाह में उपजिला स्तर का नशामुक्ति केंद्र, आपातकालीन अस्पताल, अरनिया और बिश्नाह दोनों के लिए सौंदर्यीकरण के लिए एक-एक करोड़, बार्डर क्षेत्र में डिग्री काॅलेज, नहरों से सिल्ट हटाने के लिए विशेष बंदोबस्त की मांग मुख्य रूप से सीएम के समक्ष रखी है। ये सब बजट में शामिल करने के लिए कहा गया है।
- राजीव भगत, विधायक, बिश्नाह
चार एंबुलेंस देने की मांग, बिजली बिल माफ हों
सीमांत क्षेत्रों के लिए चार से पांच नई एंबुलेंस मांगी गई हैं। बिजली बिलों को माफ किया जाए। सामूहिक भवनों, श्मशान घाट के निर्माण को लेकर खास पेशकश की गई। ग्रामीण विकास विभाग के अधीन बहुत से कार्य रखे गए हैं। इसमें गलियां-नालियां बनाना शामिल है। नहरों में अंतिम शोर तक पानी, नहरों की अच्छी से सफाई करने की मांग भी रखी गई है।
-गारू राम, विधायक, सुचेतगढ़
नशे में शामिल पुलिस अफसरों की भी पहचान हो
मौटे तौर पर शिक्षा, स्वास्थ्य, खेल को लेकर मांग रखी गई है। इसके अलावा नशा बड़ा मुद्दा है। इसे लेकर कहा गया है कि नशा करने वालों की संपत्तियां कुर्क करें। इस कृत्य में यदि पुलिस वाले हैं तो उनकी पहचान करें और कड़ी कार्रवाई करें। कुल मिलाकर बुनियादी ढांचे को मजबूत करने पर बात हुई है।
-नरिंद्र रैना, विधायक, आरएस पुरा जम्मू दक्षिण
जम्मू में 300 पंचायतें, फंड 50 के बराबर
जम्मू जिला प्रदेश में सबसे बड़ा है, लेकिन जिला विकास परिषद का फंड दूसरे जिलों की तरह ही मिलता है। हम चाहते हैं कि इसे दोगुना किया जाए। जम्मू जिले में 300 से अधिक पंचायतें हैं। वार्षिक बजट 127 करोड़ मिलता है, जोकि दुगना होना चाहिए। यहां तो 50 पंचायतों वाले जिलों को भी इतना मिलता है और जम्मू को भी।
-भारत भूषण, डीडीसी चेयरमैन, जम्मू
बजट कार्यालयों में बैठकर भी तैयार कर सकते थे। चूंकि, आप जनता की जरूरतों और आकांक्षाओं से वाकिफ हैं, इसलिए आपकी राय महत्वपूर्ण है।
- उमर अब्दुल्ला, मुख्यमंत्री