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Jammu News: पहाड़ी समुदाय को इसी वर्ष मिलेगा आरक्षण का लाभ, जनजातीय योजना में भी होंगे शामिल
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उप राज्यपाल से पहाड़ी समुदाय के 120 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने मुलाकात कर सरकार का आभार जताया
एलजी ने प्रमुख सदस्यों की समिति बनाने का दिया सुझाव, ताकि सरकारी अधिकारियों से समन्वय कर मुद्दे हल हो सकें
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। उप राज्यपाल मनोज सिन्हा ने कहा कि इस वर्ष पहाड़ी, पदारी, कोली और गद्दा ब्राह्मणों को अनुसूचित जनजाति (एसटी) आरक्षण का लाभ दिया जाएगा। साथ ही उन्हें जनजातीय योजनाओं में शामिल किया जाएगा। उन्होंने राजभवन में पहाड़ी समुदाय के 120 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात के दौरान यह भी सुझाव दिया कि पहाड़ी समुदाय के प्रमुख सदस्यों की समिति गठित की जाए जो समुदाय से संबंधित मुद्दों पर सरकारी अधिकारियों के साथ निर्बाध समन्वय कर उनका समाधान करा सकें।
उप राज्यपाल ने कहा कि प्रशासन यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है कि इस वर्ष पहाड़ी, पदारी, कोली और गद्दा ब्राह्मणों को अनुसूचित जनजाति आरक्षण का लाभ दिया जाए और उन्हें जनजातीय योजनाओं में शामिल किया जाए। पहाड़ी नेताओं ने गुज्जर, बक्करवाल व अन्य जनजातियों के हितों की रक्षा करते हुए पहाड़ी व अन्य समुदाय को सशक्त बनाने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार जताते हुए कहा कि हम सब भाई-भाई हैं व साथ मिलकर राष्ट्र निर्माण के लक्ष्य के साथ काम करते रहेंगे। पूर्व उप मुख्यमंत्री मुजफ्फर हुसैन बेग ने पहाड़ी और अन्य समुदायों की लंबे समय से लंबित मांगों को पूरा करने के लिए केंद्र सरकार और जम्मू-कश्मीर प्रशासन की सराहना की। पहाड़ी नेता रफीक शाह ने कहा कि 75 साल की राजनीतिक और सामाजिक गुलामी के बाद न्याय मिला है। उन्होंने कहा आज हम सशक्त और स्वतंत्र महसूस कर रहे हैं।
भाजपा के वरिष्ठ नेता विबोध गुप्ता ने कहा कि गुज्जर, बक्करवाल और पहाड़ी समाज मिलकर जम्मू-कश्मीर के विकास के लिए काम करेंगे और केंद्रशासित प्रदेश के विकास में जनजाति समुदाय की प्रमुख भूमिका होगी। दिनेश शर्मा ने पहाड़ी, पदारी, कोली और गद्दा ब्राह्मणों को अनुसूचित जनजाति का दर्जा देने के सरकार के ऐतिहासिक फैसले की सराहना की। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार के इस कदम ने असंतुलन को दूर किया है और सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास के दृष्टिकोण को मजबूत किया है।
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फ्लेल सिंह ने कहा कि यह हमारी युवा पीढ़ी के उज्ज्वल भविष्य के लिए पहाड़ी समुदाय की नई समृद्धि की सुबह है। राजा एजाज ने कहा कि प्रधानमंत्री और गृहमंत्री के मार्गदर्शन में वर्तमान सरकार ने पहाड़ी समुदाय और पूरे सीमा क्षेत्र के लिए अनुकूल माहौल बनाया है। अंजुम, प्रदीप शर्मा, इकबाल मलिक और मुर्तजा खान ने पहाड़ी समुदाय और भारत सरकार के बीच एक पुल के रूप में काम करने और समुदाय के लिए न्याय सुनिश्चित करने के लिए जम्मू कश्मीर प्रशासन को धन्यवाद दिया। उपराज्यपाल ने आश्वस्त किया कि उनके द्वारा उठाए गए मुद्दों को पूर्णतः लागू किया जाएगा। जिला विकास परिषद अध्यक्ष बारामुला सफीना बेग, वरिष्ठ राजनीतिक नेता, पूर्व पीआरआई सदस्य, सेवानिवृत्त सरकारी अधिकारी, समुदाय के बुजुर्ग और युवा नेता उपस्थित रहे।
पहली बार ओबीसी को मिलेगा राजनीतिक आरक्षण
जम्मू। अन्य पिछड़े वर्ग के एक प्रतिनिधिमंडल ने भी उप राज्यपाल से सोमवार को मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल ने केंद्रशासित प्रदेश में शहरी स्थानीय निकायों और पंचायतों में आरक्षण के लिए प्रधानमंत्री और जम्मू-कश्मीर प्रशासन को धन्यवाद दिया। इस ऐतिहासिक निर्णय से जम्मू-कश्मीर में पहली बार अन्य पिछड़े वर्ग को जमीनी स्तर पर लोकतांत्रिक प्रतिनिधित्व के लिए आरक्षण मिलेगा तथा अन्य राज्यों की तरह इस समुदाय को भी तमाम लाभ मिल सकेंगे। ब्यूरो
अनुसूचित जाति के पूर्व विधायकों ने प्रमोशन में आरक्षण के मुद्दे रखे
जम्मू। उप राज्यपाल मनोज सिन्हा ने अनुसूचित जाति के पूर्व विधायकों के प्रतिनिधिमंडल से सोमवार को राजभवन जम्मू में मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल ने दलित समुदाय के विकास, जन-कल्याण के अन्य विषयों के साथ प्रमोशन में आरक्षण के मुद्दे रखे।
प्रतिनिधिमंडल ने कश्मीर में तैनात दलित समुदाय के कर्मचारियों के लिए व्यापक स्थानांतरण रणनीति, आरक्षण कोटा में वृद्धि और जम्मू-कश्मीर में दलित समुदाय के लिए लोकसभा सीट के आरक्षण के मुद्दे भी रखे। उन्होंने केंद्रशासित प्रदेश में भारत-पाकिस्तान सीमा पर स्थित भूमि मालिकों के लिए मुआवजे; पीओजेके शरणार्थियों, विस्थापितों और पश्चिमी पाकिस्तान शरणार्थियों को भूमिस्वामित्व अधिकार और पीएम किसान सम्मान निधि लाभ के विस्तार के मुद्दे भी उपराज्यपाल के सामने रखे। उन्होंने अनुसूचित जातियों को सामाजिक न्याय, महिलाओं, युवाओं के सशक्तीकरण, कर्मचारियों की सुरक्षा, उनके हितों की रक्षा एवं दलित समुदाय के सामाजिक-आर्थिक उत्थान के लिए प्रधानमंत्री व जम्मू-कश्मीर प्रशासन का आभार व्यक्त किया। उपराज्यपाल ने उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया। इस दौरान डॉ. केएल भगत, प्रो. जीआर भगत, नीलम लंगेह, कुलदीप कुमार पूर्व विधायक और धरमिंदर कुमार डीडीसी सदस्य उपस्थित रहे। ब्यूरो
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एलजी ने प्रमुख सदस्यों की समिति बनाने का दिया सुझाव, ताकि सरकारी अधिकारियों से समन्वय कर मुद्दे हल हो सकें
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। उप राज्यपाल मनोज सिन्हा ने कहा कि इस वर्ष पहाड़ी, पदारी, कोली और गद्दा ब्राह्मणों को अनुसूचित जनजाति (एसटी) आरक्षण का लाभ दिया जाएगा। साथ ही उन्हें जनजातीय योजनाओं में शामिल किया जाएगा। उन्होंने राजभवन में पहाड़ी समुदाय के 120 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात के दौरान यह भी सुझाव दिया कि पहाड़ी समुदाय के प्रमुख सदस्यों की समिति गठित की जाए जो समुदाय से संबंधित मुद्दों पर सरकारी अधिकारियों के साथ निर्बाध समन्वय कर उनका समाधान करा सकें।
उप राज्यपाल ने कहा कि प्रशासन यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है कि इस वर्ष पहाड़ी, पदारी, कोली और गद्दा ब्राह्मणों को अनुसूचित जनजाति आरक्षण का लाभ दिया जाए और उन्हें जनजातीय योजनाओं में शामिल किया जाए। पहाड़ी नेताओं ने गुज्जर, बक्करवाल व अन्य जनजातियों के हितों की रक्षा करते हुए पहाड़ी व अन्य समुदाय को सशक्त बनाने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार जताते हुए कहा कि हम सब भाई-भाई हैं व साथ मिलकर राष्ट्र निर्माण के लक्ष्य के साथ काम करते रहेंगे। पूर्व उप मुख्यमंत्री मुजफ्फर हुसैन बेग ने पहाड़ी और अन्य समुदायों की लंबे समय से लंबित मांगों को पूरा करने के लिए केंद्र सरकार और जम्मू-कश्मीर प्रशासन की सराहना की। पहाड़ी नेता रफीक शाह ने कहा कि 75 साल की राजनीतिक और सामाजिक गुलामी के बाद न्याय मिला है। उन्होंने कहा आज हम सशक्त और स्वतंत्र महसूस कर रहे हैं।
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भाजपा के वरिष्ठ नेता विबोध गुप्ता ने कहा कि गुज्जर, बक्करवाल और पहाड़ी समाज मिलकर जम्मू-कश्मीर के विकास के लिए काम करेंगे और केंद्रशासित प्रदेश के विकास में जनजाति समुदाय की प्रमुख भूमिका होगी। दिनेश शर्मा ने पहाड़ी, पदारी, कोली और गद्दा ब्राह्मणों को अनुसूचित जनजाति का दर्जा देने के सरकार के ऐतिहासिक फैसले की सराहना की। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार के इस कदम ने असंतुलन को दूर किया है और सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास के दृष्टिकोण को मजबूत किया है।
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फ्लेल सिंह ने कहा कि यह हमारी युवा पीढ़ी के उज्ज्वल भविष्य के लिए पहाड़ी समुदाय की नई समृद्धि की सुबह है। राजा एजाज ने कहा कि प्रधानमंत्री और गृहमंत्री के मार्गदर्शन में वर्तमान सरकार ने पहाड़ी समुदाय और पूरे सीमा क्षेत्र के लिए अनुकूल माहौल बनाया है। अंजुम, प्रदीप शर्मा, इकबाल मलिक और मुर्तजा खान ने पहाड़ी समुदाय और भारत सरकार के बीच एक पुल के रूप में काम करने और समुदाय के लिए न्याय सुनिश्चित करने के लिए जम्मू कश्मीर प्रशासन को धन्यवाद दिया। उपराज्यपाल ने आश्वस्त किया कि उनके द्वारा उठाए गए मुद्दों को पूर्णतः लागू किया जाएगा। जिला विकास परिषद अध्यक्ष बारामुला सफीना बेग, वरिष्ठ राजनीतिक नेता, पूर्व पीआरआई सदस्य, सेवानिवृत्त सरकारी अधिकारी, समुदाय के बुजुर्ग और युवा नेता उपस्थित रहे।
पहली बार ओबीसी को मिलेगा राजनीतिक आरक्षण
जम्मू। अन्य पिछड़े वर्ग के एक प्रतिनिधिमंडल ने भी उप राज्यपाल से सोमवार को मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल ने केंद्रशासित प्रदेश में शहरी स्थानीय निकायों और पंचायतों में आरक्षण के लिए प्रधानमंत्री और जम्मू-कश्मीर प्रशासन को धन्यवाद दिया। इस ऐतिहासिक निर्णय से जम्मू-कश्मीर में पहली बार अन्य पिछड़े वर्ग को जमीनी स्तर पर लोकतांत्रिक प्रतिनिधित्व के लिए आरक्षण मिलेगा तथा अन्य राज्यों की तरह इस समुदाय को भी तमाम लाभ मिल सकेंगे। ब्यूरो
अनुसूचित जाति के पूर्व विधायकों ने प्रमोशन में आरक्षण के मुद्दे रखे
जम्मू। उप राज्यपाल मनोज सिन्हा ने अनुसूचित जाति के पूर्व विधायकों के प्रतिनिधिमंडल से सोमवार को राजभवन जम्मू में मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल ने दलित समुदाय के विकास, जन-कल्याण के अन्य विषयों के साथ प्रमोशन में आरक्षण के मुद्दे रखे।
प्रतिनिधिमंडल ने कश्मीर में तैनात दलित समुदाय के कर्मचारियों के लिए व्यापक स्थानांतरण रणनीति, आरक्षण कोटा में वृद्धि और जम्मू-कश्मीर में दलित समुदाय के लिए लोकसभा सीट के आरक्षण के मुद्दे भी रखे। उन्होंने केंद्रशासित प्रदेश में भारत-पाकिस्तान सीमा पर स्थित भूमि मालिकों के लिए मुआवजे