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Jammu News: एलजी ने पुंछ में तीन लोगों के परिजनों को सौंपे नियुक्ति पत्र, एक-एक कनाल जमीन भी दी
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दिसंबर 2023 में आतंकियों की ओर से किए गए हमले के बाद हिरासत में तीन नागरिकों की हुई थी मौत
23 फरवरी को प्रशासन ने की थी मृतकों के परिजना को मुआवजा, नौकरी देने की घोषणा
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। उप राज्यपाल ने रविवार को पुंछ में मारे गए तीन नागरिकों के परिजनों को नौकरी के पत्र सौंपे। साथ ही परिवारों को आवास बनाने के लिए एक-एक कनाल भूमि के आवंटन आदेश भी सौंपे गए। पिछले साल दिसंबर में पुंछ जिले में आतंकवादियों द्वारा घात लगाकर किए गए हमले के बाद कथित तौर पर हिरासत में तीन नागरिकों की मौत हो गई थी।
21 दिसंबर 2023 को डेरा की गली और बफलियाज के बीच धत्यार मोड़ पर आतंकवादियों ने सेना के दो वाहनों पर घात लगाकर हमला किया था, जिसमें चार सैनिक की जान चली गई थी और तीन अन्य घायल हो गए थे। इसके बाद तीन सफीर अहमद (43), मोहम्मद शौकत अली (27) और शब्बीर अहमद (32) को पूछताछ के लिए उठाया गया था और अगले दिन वे मृत पाए गए थे।
जम्मू-कश्मीर प्रशासन ने 23 फरवरी को मारे गए नागरिकों के परिजनों को मुआवजा और नौकरी देने की घोषणा की थी। प्रवक्ता ने कहा कि उपराज्यपाल ने पुंछ में मारे गए नागरिकों के परिजनों को एसआरओ-43 के तहत नियुक्ति आदेश सौंपे। उन्होंने कहा कि नियुक्ति आदेश सफीर अहमद की पत्नी जरीना बेगम, शौकत अली के भाई मोहम्मद रज्जाक और शब्बीर अहमद के भाई मोहम्मद कबीर को सौंप दिए गए। तीनों सुरनकोट के बफलियाज इलाके के एक गांव के निवासी हैं।
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भविष्य में भी हर संभव सहायता का आश्वासन
प्रवक्ता ने कहा कि उप राज्यपाल ने परिवार के सदस्यों को भविष्य में अपने प्रशासन से हर संभव सहायता का आश्वासन दिया। इस अवसर पर पुंछ के उपायुक्त चौधरी मोहम्मद यासीन भी मौजूद रहे। जनवरी में सेना ने मृत नागरिकों के गांव टोपा पीर को गोद लेने और एक प्रमुख आउटरीच पहल के हिस्से के रूप में इसे एक मॉडल गांव में बदलने के फैसले की घोषणा की है। सेना प्रमुख मनोज पांडे और उपराज्यपाल सिन्हा के साथ, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने पिछले साल 27 दिसंबर को राजोरी जिले की अपनी यात्रा के दौरान मारे गए नागरिकों के परिवारों से मुलाकात की और न्याय का आश्वासन दिया था।
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23 फरवरी को प्रशासन ने की थी मृतकों के परिजना को मुआवजा, नौकरी देने की घोषणा
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। उप राज्यपाल ने रविवार को पुंछ में मारे गए तीन नागरिकों के परिजनों को नौकरी के पत्र सौंपे। साथ ही परिवारों को आवास बनाने के लिए एक-एक कनाल भूमि के आवंटन आदेश भी सौंपे गए। पिछले साल दिसंबर में पुंछ जिले में आतंकवादियों द्वारा घात लगाकर किए गए हमले के बाद कथित तौर पर हिरासत में तीन नागरिकों की मौत हो गई थी।
21 दिसंबर 2023 को डेरा की गली और बफलियाज के बीच धत्यार मोड़ पर आतंकवादियों ने सेना के दो वाहनों पर घात लगाकर हमला किया था, जिसमें चार सैनिक की जान चली गई थी और तीन अन्य घायल हो गए थे। इसके बाद तीन सफीर अहमद (43), मोहम्मद शौकत अली (27) और शब्बीर अहमद (32) को पूछताछ के लिए उठाया गया था और अगले दिन वे मृत पाए गए थे।
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जम्मू-कश्मीर प्रशासन ने 23 फरवरी को मारे गए नागरिकों के परिजनों को मुआवजा और नौकरी देने की घोषणा की थी। प्रवक्ता ने कहा कि उपराज्यपाल ने पुंछ में मारे गए नागरिकों के परिजनों को एसआरओ-43 के तहत नियुक्ति आदेश सौंपे। उन्होंने कहा कि नियुक्ति आदेश सफीर अहमद की पत्नी जरीना बेगम, शौकत अली के भाई मोहम्मद रज्जाक और शब्बीर अहमद के भाई मोहम्मद कबीर को सौंप दिए गए। तीनों सुरनकोट के बफलियाज इलाके के एक गांव के निवासी हैं।
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भविष्य में भी हर संभव सहायता का आश्वासन
प्रवक्ता ने कहा कि उप राज्यपाल ने परिवार के सदस्यों को भविष्य में अपने प्रशासन से हर संभव सहायता का आश्वासन दिया। इस अवसर पर पुंछ के उपायुक्त चौधरी मोहम्मद यासीन भी मौजूद रहे। जनवरी में सेना ने मृत नागरिकों के गांव टोपा पीर को गोद लेने और एक प्रमुख आउटरीच पहल के हिस्से के रूप में इसे एक मॉडल गांव में बदलने के फैसले की घोषणा की है। सेना प्रमुख मनोज पांडे और उपराज्यपाल सिन्हा के साथ, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने पिछले साल 27 दिसंबर को राजोरी जिले की अपनी यात्रा के दौरान मारे गए नागरिकों के परिवारों से मुलाकात की और न्याय का आश्वासन दिया था।