{"_id":"5e49b55d8ebc3ee5991be8bd","slug":"jaish-threatens-terror-attack-before-trump-s-india-tour","type":"story","status":"publish","title_hn":"डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे से पहले जैश-ए-मोहम्मद ने दी आतंकी हमले की धमकी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे से पहले जैश-ए-मोहम्मद ने दी आतंकी हमले की धमकी
Mon, 17 Feb 2020 03:04 AM IST
दुष्यंत शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू
अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Mon, 17 Feb 2020 03:04 AM IST
विज्ञापन
प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : Shutterstock
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे से पहले आतंकी गुट जैश-ए-मोहम्मद ने वीडियो जारी कर आतंकी हमले की गीदड़ भभकी दी है। उसने कुरान की आयत का जिक्र कर कहा है कि कत्ल करने वालों को हरगिज माफ नहीं किया जाएगा। आतंकी हमला पाकिस्तानी आतंकियों के बजाय कश्मीरी आतंकियों से करवाने की बात कही है।
विज्ञापन
सूत्रों के अनुसार, आतंकियों द्वारा सुरक्षा बलों के काफिलों पर फिदायीन हमले और आम लोगों को लक्ष्य बना आतंकी वारदातों को अंजाम देने की साजिश रची जा रही है। उनके अनुसार, जैश इस वीडियो के जरिये अमेरिका को यह जताने की कोशिश कर रहा है कि कश्मीर में अनुच्छेद-370 के खात्मे के बाद से लोग बेहद नाराज हैं और घाटी में अशांति का माहौल है। ट्रंप 24-25 फरवरी को भारत के दौरे पर आ रहे हैं।
विज्ञापन
वीडियो में यह कहा गया...
वीडियो में भारत से बदला लेने की बातें कही गई हैं। इसमें कहा गया है, ‘ऐ लोगों, बदला इंसाफ के लिए होता है, ताकि तुम डर सको और कोई अपराध न करो। जिस तरह तुमने मुसलमानों को परेशान किया, उनकी बस्तियां जर्लाइं, सबका बदला लिया जाएगा।
विज्ञापन
अब मगर कातिलों इंतिहा हो गई है। अमन की लोरियां सुन चुके हम बहुत, वो कहानी गई, वो फसाना गया। हर बहाना गया, हाथ पर हाथ रखकर यूं ही बेसबब आसमां देखने का जमाना गया।’
पीओके में हुई आतंकी समूहों की बैठक, पाक सैन्य अधिकारी भी हुए शामिल
सूत्रों के अनुसार, इस वीडियो से सुरक्षा एजेंसियों को संकेत मिले हैं कि पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में फरवरी के शुरुआती हफ्ते में आतंकी समूहों की बैठक हुई है। इसमें पाकिस्तानी सेना के अधिकारी भी शामिल थे और फैसला लिया गया कि हिजबुल मुजाहिदीन को फिर से सक्रिय किया जाएगा।
पाकिस्तानी आतंकियों से हमले करवाने के बजाय उसके सदस्यों को यह काम सौंपा जाए। अगर जैश या लश्कर-ए-ताइबा कोई आतंकी हमले को अंजाम दें तो उसकी जिम्मेदारी भी हिजबुल लेगा।