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J&K: दूसरे राज्यों में खुल रहे फर्जी गन लाइसेंस के राज, सीबीआई के पास 13 मामलों की जांच, सिर्फ दो में चालान

Tue, 19 Nov 2024 02:45 PM IST
निकिता गुप्ता अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू
अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू Published by: निकिता गुप्ता Updated Tue, 19 Nov 2024 02:45 PM IST
सार

फर्जी गन लाइसेंस का बड़ा खुलासा हुआ है, जहां दूसरे राज्यों में जम्मू-कश्मीर के फर्जी लाइसेंस का राज खुला है, जिसमें 13 एफआईआर दर्ज हुए हैं लेकिन सिर्फ दो में ही चालान हुआ है।

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J&K: Secrets of fake gun licenses are being exposed in other states, CBI is investigating 13 cases, challan in
सीबीआई - फोटो : एएनआई (फाइल)

विस्तार

फर्जी गन लाइसेंस का ताजा मामला महाराष्ट्र के पुणे का सामने आया है। यहां राजोरी कालाकोट के रहने वाले कुछ लोग फर्जी गन लाइसेंस के साथ पकड़े गए। यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी दूसरे राज्यों में काम करने वाले जम्मू-कश्मीर के लोग गिरफ्तार हो चुके हैं।फर्जी गन लाइसेंस के मामलों का राज दूसरे राज्यों से ही खुल रहा है। गुजरात, राजस्थान की पुलिस भी मामलों का पर्दाफाश कर चुकी है। फर्जी लाइसेंस के 13 मामलों की जांच सीबीआई के पास है। दो में चालान भी हुआ है। बावजूद इसके यह धंधा बंद नहीं हो रहा।
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फर्जी गन लाइसेंस के हाईकोर्ट में विचाराधीन मामलों में अपीलकर्ताओं के वरिष्ठ अधिवक्ता शेख शकील का कहना है कि 2012 से 2016 के बीच पौने दो लाख फर्जी गन लाइसेंस बने हैं। जब भी इन मामलों का खुलासा होता है तो उन्हें प्रदेश में दबा दिया जाता है, क्योंकि यदि ऐसा नहीं हुआ तो वरिष्ठ अफसर फसेंगे। 10 से 12 हजार की सुरक्षा गार्ड की नौकरी करने वाले को क्या पता कि उसका लाइसेंस फर्जी है। असली गुनहगार तो डीसी कार्यालय में बैठे लोग हैं। इसकी उच्च स्तरीय जांच होनी चाहिए।
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केस 1
वर्ष 2017 में राजस्थान की एटीएस ने कुछ स्थानीय लोगों को फर्जी गन लाइसेंस के साथ गिरफ्तार किया। जांच में पता चला कि ये लाइसेंस जम्मू-कश्मीर के विभिन्न जिलों से बने हुए हैं। जांच आगे बढ़ी तो पता चला कि मुंबई, दिल्ली, राजस्थान, महाराष्ट्र में करीब तीन लाख लोग ऐसे हैं, जिनके फर्जी गन लाइसेंस बने। 2018 में मामले की जांच सीबीआई को सौंपी गई। सीबीआई ने इसे लेकर कई आईएएस, केएएस अफसरों समेत अन्य पर 13 एफआईआर दर्ज कीं। मामला हाईकोर्ट में है और जांच चल रही है।

केस 2
वर्ष 2022 में गुजरात के जयपुर में पुलिस ने जम्मू के मीरां साहिब के रहने वाले एक पूर्व सैनिक को गिरफ्तार किया। वह फर्जी गन लाइसेंस बनाकर वहां बेचता था, जबकि जम्मू-कश्मीर से हथियार ले जाकर वहां बेचता था।

केस 3
वर्ष 2024 जुलाई में जम्मू के गाडीगढ़ में 400 से अधिक फर्जी गन लाइसेंस मिले। ये लाइसेंस भी दूसरे राज्यों के लोगों के नाम पर थे, जो जम्मू-कश्मीर के अलग-अलग जिलों से बने। आए दिन जम्मू-कश्मीर के अलग-अलग क्षेत्रों से बने फर्जी गन लाइसेंस का पता चलता है। पूर्व में भी कई मामले सामने आ चुके हैं।
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