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Hindi News ›   Jammu and Kashmir ›   Jammu News ›   J&K Railway Link: Direct train from Delhi to Kashmir will increase opportunities; But Jammu's concerns should

J&K Railway Link: दिल्ली से कश्मीर तक सीधी ट्रेन से बढ़ेंगे अवसर; लेकिन जम्मू की चिंताओं का भी हो समाधान

Sun, 16 Feb 2025 05:40 PM IST
निकिता गुप्ता अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू
अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू Published by: निकिता गुप्ता Updated Sun, 16 Feb 2025 05:40 PM IST
सार

दिल्ली से कश्मीर तक सीधी ट्रेन सेवा शुरू होने से जम्मू में पर्यटन और व्यापार पर असर पड़ेगा, लेकिन सरकार को स्थानीय रोजगार और पर्यटन स्थलों के विकास पर ध्यान देने की जरूरत है।

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J&K Railway Link: Direct train from Delhi to Kashmir will increase opportunities; But Jammu's concerns should
अमर उजाला कार्यालय जम्मू में शनिवार को संवाद कार्यक्रम - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

दिल्ली से कश्मीर तक सीधी ट्रेन चलने से प्रदेश का यह भाग अब सड़क, हवाई और रेल संपर्क से 12 महीनों तक देश के अन्य हिस्सों के साथ जुड़ा रहेगा। इससे प्रदेश में उद्योग बढ़ेगा। रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे। हालांकि इन सकारात्मक बदलावों के बीच जम्मू के कारोबारियों, ट्रांसपोर्टरों को अपना रोजगार प्रभावित होने की चिंता भी सता रही है।

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अमर उजाला कार्यालय जम्मू में शनिवार को संवाद कार्यक्रम में शामिल लोगों ने कहा कि वे विकास के विरोधी नहीं हैं, बशर्ते उसका असर उनकी आजीविका पर न पड़े। जम्मू और कश्मीर संभाग में संतुलित विकास हो। कश्मीर तक ट्रेन चलने से वहां पर्यटकों की संख्या बढ़ेगी।
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इसका सीधा असर जम्मू पर पड़ेगा। इस असर से दोनों संभागों की अर्थव्यवस्था असंतुलित न हो, इसके लिए सरकार को जम्मू संभाग में भी पर्यटन को बढ़ावा देना होगा। धार्मिक, एडवेंचर सहित अन्य तरह के पर्यटन की संभावनाओं का दोहन करना होगा।जम्मू संभाग में पर्यटकों के लिए पर्यटन स्थलों की तलाश कर उनका विकास करना होगा। जम्मू शहर में बड़े पर्यटन प्रोजेक्टों को समय पर पूरा करना होगा। यहां धार्मिक पर्यटन ज्यादा है, लेकिन जम्मू संभाग में स्थापित या लगने वाले उद्योगों में स्थानीय लोगाें को रोजगार मिले, इसे प्राथमिकता देनी होगी।

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पर्यटन स्थलों का हो विकास
विकास को कोई नहीं रोक सकता, लेकिन असंतुलित विकास नहीं होना चाहिए। कश्मीर तक सीधी ट्रेन सेवा शुरू होने से वहां का विकास होगा, लेकिन जम्मू का कारोबार प्रभावित होगा। कारोबार पर प्रभाव कम पड़े, इसके लिए विकल्प तलाशने होंगे। जम्मू मंदिरों का शहर है, लेकिन यहां मंदिरों की हालात खस्ता है। उत्तर वाहिनी परमंडल जैसे बड़े धार्मिक स्थल हैं, लेकिन विकास नहीं है।

सरकार को इस तरफ ध्यान देना होगा। कश्मीर तक ट्रेन जा रही है, लेकिन ऐसा न हो कि अमरनाथ यात्रा का पंजीकरण भी वहां से ही करवाया जाए। सरकार पंजीकरण की व्यवस्था जम्मू में रखे।प्रीतम सिंह, उपाध्यक्ष, ऑल जेएंडके होटल और लॉज एसोसिएशन

उद्योगों में स्थानीय लोगाें को रोजगार की मिले गारंटी
यहां बड़े खेल आयोजन हों, इससे भी पर्यटन की संभावना बढ़ेगी। 2014 में जब ट्रेन कटड़ा पहुंची, तो जम्मू के होटल सहित अन्य कारोबार प्रभावित हुए। यहां लगने वाले उद्योगों में स्थानीय लोगाें के रोजगार को प्राथमिकता देनी होगी। नए पर्यटन की संभावनाओं के साथ-साथ भद्रवाह, मानसर, सुरुईंसर, बसोहली, घराना वेटलैंड जैसे पर्यटन स्थलों का विकास करना होगा।- दीपक गुप्ता, अध्यक्ष, ट्रेडर फेडरेशन वेयर हाउस, नेहरू मार्केट

एक पर्यटन सर्किट बनाने की जरूरत
एक पर्यटन सर्किट बनाने की जरूरत है। इससे पर्यटकों की संख्या बढ़ेगी। इससे अर्थव्यवस्था को बल मिलेगा। कश्मीर के पर्यटन स्थलों के साथ-साथ जम्मू के धार्मिक पर्यटन, रघुनाथ मंदिर, बावे वाली माता, माता वैष्णो के दर्शन कर लोग यहां रुकें, इसके लिए व्यवस्था करनी होगी। हमें अवसर ढूंढने होंगे। ट्रेन सेवा शुरू होने से कश्मीर पूरे साल देश के साथ जुड़ा रहेगा। यह राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए भी महत्वपूर्ण है।- राहुल अग्रवाल, कोषाध्यक्ष, जम्मू-कश्मीर हाईकोर्ट बार एसोसिएशन

टैक्सी चालक सबसे ज्यादा प्रभावित होंगे
जब ट्रेन जम्मू आई, तो पठानकोट की अर्थव्यवस्था पर असर पड़ा। पठानकोट बचा हिमाचल की वजह से। अब जब ट्रेन कश्मीर जा रही है, तो जम्मू कैसे बचेगा, इस तरफ ध्यान देना होगा। ट्रेन सेवा शुरू होने से टैक्सी कारोबार प्रभावित हुआ। हमारे पास अब काम नहीं बचा है। जम्मू के पर्यटन स्थलों के प्रति सरकार का रवैया ठीक नहीं है। जम्मू के पर्यटन स्थलों का प्रचार नहीं हुआ है। प्रचार व्यवस्था में सुधार की जरूरत है। ट्रेन के कश्मीर तक जाने से टैक्सी चालक सबसे ज्यादा प्रभावित होंगे।- देवेंद्र चौधरी, अध्यक्ष, रेलवे स्टेशन टैक्सी यूनियन

जम्मू में ज्यादा से ज्यादा ट्रेनों का करना होगा ठहराव
जम्मू में ज्यादा से ज्यादा ट्रेनों का ठहराव करना होगा। यहां के लिए हर राज्य से ट्रेन सेवा होनी चाहिए, ताकि यहां पर्यटक आएं। इससे टैक्सी सहित अन्य उद्योग से जुड़े लोगों का कारोबार चलेगा। जम्मू में पहले ही पर्यटक नहीं आ रहे हैं। जो लोग पर्यटन पर निर्भर थे, उनके लिए यहां कारोबार करना मुश्किल हो जाएगा।- कुलवीर सिंह, उपाध्यक्ष, रेलवे टैक्सी यूनियन

बेहतर कनेक्टिविटी का फायदा मिलेगा
बेहतर कनेक्टिविटी होने से विकास होगा। प्रदेश की अर्थव्यवस्था बढ़ेगी। हालांकि इससे जम्मू का कारोबार प्रभावित होगा। यहां के प्रसिद्ध पर्यटक स्थलों के प्रचार की जरूरत है। पर्यटक सिर्फ कश्मीर के पर्यटन स्थलों को जानते हैं। उन्हें जम्मू की बहुत जानकारी नहीं है। गर्मी के मौसम में कश्मीर में होटल भरे रहते हैं, लेकिन हमारे यहां लोग नहीं आते। रघुनाथ बाजार में स्थानीय लोग दुकानें किराये पर दे रहे हैं, क्योंकि वहां कारोबार नहीं बचा है।- अतुल महाजन, सदस्य, कनक मंडी कार्यकारी समिति

सरकार को जम्मू केंद्रित योजनाएं बनानी होंगी
जम्मू में ट्रांसपोर्ट खत्म हो रहा है। कश्मीर देश से रेल से जुड़ रहा है। यह अच्छी बात है। लेकिन, सरकार को यहां के कारोबार को बचाना होगा। जम्मू को मंदिरों का शहर कहते हैं, लेकिन यहां मंदिरों का विकास नहीं हो रहा है। सरकार को जम्मू केंद्रित योजनाएं बनानी होंगी। जम्मू संभाग में पर्यटन को बढ़ावा देना होगा, ताकि कश्मीर तक ट्रेन चलने से होने वाले नुकसान को कुछ हद तक हम कम कर सकें।- अजय भट, ऑल जम्मू ऑटो ऑपरेशन एसोसिएशन

रेलवे कर्मचारियों को काफी सुविधा मिलेगी
कश्मीर तक ट्रेन सेवा शुरू होने से रेलवे कर्मचारियों को काफी सुविधा मिलेगी। उन्हें सड़क मार्ग से कश्मीर जाने की जरूरत नहीं होगी। ट्रेन सेवा शुरू होने से पर्यटन संबंधी कारोबार भी बढ़ेगा। देश भर से लोग जम्मू-कश्मीर आएंगे। रेलवे का बुनियादी ढांचा भी बढ़ेगा।- धर्मेंद्र कुमार, रेलवे कर्मचारी

रेल डिवीजन बनने से जम्मू की अर्थव्यवस्था को मिलेगा बल
अगर कश्मीर के लिए वंदे भारत ट्रेन चल रही है, तो जम्मू में रेलवे डिविजन भी बन रहा है। रेल डिवीजन बनने से संबंधित क्षेत्र का विकास होता है। वहां की अर्थव्यवस्था बढ़ती है। स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के दरवाजे खुलते हैं। फिरोजपुर में रेल डिवीजन बनने के बाद वहां की अर्थव्यवस्था को बल मिला है।

रेलवे डिवीजन में 16000 कर्मचारी आएंगे। यहां रेलवे की वर्कशॉप बनेगी। इससे भी स्थानीय लोगों को रोजगार मिलेगा। देशभर से कर्मचारी जम्मू आए हैं, जो यहां की अर्थव्यवस्था में अपना योगदान देंगे। डिवीजन के आसपास एक पूरा बाजार बनेगा। इसमें स्थानीय लोगों को ही रोजगार मिलेगा। जहां भी इस तरह के बड़े कार्यालय बनते हैं, वहां की अर्थव्यवस्था में सकारात्मक बदलाव आते हैं।- प्रकाश चंद्र, एनआरएमयू मीडिया प्रभारी

अब दिल्ली से आने वाले यहां रुकेंगे ही नहीं
होटल उद्योग से जुड़े लोग पहले ही पर्यटकों की घटती संख्या से परेशान हैं। जम्मू के लिए कोई नीति बनानी होगा। पर्यटक जम्मू में रुकें। यहां खरीदारी करें। इसके लिए पर्यटन स्थलों का विकास करना होगा। दिल्ली से आने वाला पर्यटक पहले जम्मू रुकता था। अब ऐसा नहीं होगा। बड़े पर्यटन प्रोजेक्टों को समय पर पूरा करने की जरूरत है।- बलदेव राज, सचिव, ऑल जेएंडके होटल और लॉज एसोसिएशन

संभाग में पर्यटकों को रोकने की कोशिश होनी चाहिए
जब ट्रेन उधमपुर और फिर कटड़ा गई, तो जम्मू के कारोबार पर असर पड़ा। अब कश्मीर तक जाने से कारोबार और ज्यादा प्रभावित होगा। सरकार को चाहिए कि वह जम्मू संभाग के पर्यटन स्थलों का विकास करे। साथ ही वहां के लिए कनेक्टिविटी अच्छी होनी चाहिए, ताकि पर्यटक उन स्थानों तक आसानी से पहुंच सकें। हम भी यही चाहते हैं कि संभाग में पर्यटकों को रोकने की कोशिश होनी चाहिए।- स्वर्ण सिंह, ऑल जेएंडके होटल और लॉज एसोसिएशन

वंदे भारत से सफर होगा आसान
कश्मीर तक वंदे भारत चलने से जम्मू-कश्मीर के पर्यटन को बढ़ावा तो मिलेगा ही, साथ ही रेलवे कर्मचारियों को भी सुविधा मिलेगी। पहले कश्मीर जाने के लिए कर्मचारियों को 12 से 15 घंटे का समय लगता था। अब चार घंटे में श्रीनगर तक पहुंच पाएंगे।- अभिषेक यादव, रेलवे कर्मचारी

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