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जम्मू कश्मीर हाईकोर्ट: बफर जोन के लिए क्या कदम उठाए गए, जेकेएलसीएमए डल संरक्षण पर हफ्ते में रिपोर्ट दें
Fri, 11 Nov 2022 01:29 AM IST
विमल शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू
अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू
Published by: विमल शर्मा
Updated Fri, 11 Nov 2022 01:29 AM IST
सार
जम्मू-कश्मीर और लद्दाख हाईकोर्ट ने जम्मू-कश्मीर झील संरक्षण एवं जलमार्ग प्रबंधन प्राधिकरण (जेकेएलसीएमए) से छह सप्ताह में बफर जोन संबंधी विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। कोर्ट ने कहा, डल झील संरक्षण को लेकर पिछले 20 वर्ष से निर्देश जारी किए जा रहे हैं।
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highcourt srinagar
- फोटो : फाइल
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विस्तार
जम्मू-कश्मीर और लद्दाख हाईकोर्ट ने जम्मू-कश्मीर झील संरक्षण एवं जलमार्ग प्रबंधन प्राधिकरण (जेकेएलसीएमए) से छह सप्ताह में बफर जोन संबंधी विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। कोर्ट ने कहा, डल झील संरक्षण को लेकर पिछले 20 वर्ष से निर्देश जारी किए जा रहे हैं।
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पिछली सुनवाई में भी कहा गया था कि कोर्ट को अब तक उठाए गए कदमों से अवगत कराने के लिए विस्तृत रिपोर्ट दी जाए, लेकिन प्राधिकरण ने रिपोर्ट नहीं दी है। अब एक सप्ताह में बताना होगा कि बफर जोन को लेकर पुनर्विचार करते हुए क्या कदम उठाए गए।
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मुख्य न्यायाधीश अली मोहम्मद माग्रे और न्यायाधीश पुनीत गुप्ता ने कहा कि 2002 से जनहित याचिका पर सुनवाई हो रही है। डल झील समेत विभिन्न जलाशयों व जलस्रोतों के संरक्षण और सफाई के लिए समय-समय पर निर्देश दिए जाते रहे हैं।
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डल झील के 200 मीटर दायरे के बफर जोन में निर्माण पर रोक लगाई गई है। संबंधित प्राधिकरण को बताना होगा कि इस वर्जित क्षेत्र के लिए जो योजना बनाई गई है, उसमें क्या कुछ किया गया है।
सरकारी वकील ने कहा कि महाधिवक्ता ने विभागीय अधिकारियों के साथ बैठक की है। इस पर कोर्ट ने कहा कि अगली सुनवाई 16 नवंबर को होगी।