गांधी के भारत में शामिल हो जम्मू-कश्मीर : स्पीकर
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प्रश्नकाल के दौरान सदस्य डा. शहनाज गनई ने सरकार का ध्यान इस ओर खींचते हुए आरोप लगाया कि इलाके में एक माफिया गिरोह के सक्रिय होने के कारण यह पैसा चंद लोगों की जेबों को गर्म कर रहा है।
इसका जवाब देते हुए गृह राज्यमंत्री सज्जाद किचलू ने कुल 10200 कनाल और सात मरले किसानों की भूमि सेना के अधीन होने की जानकारी सदन को दी।
उनका आरोप था कि मामला यहां तक पहुंच गया है कि गुलाम कश्मीर के कब्जे में जा चुके कुछ खसरा नंबरों का भी यह लोग मुआवजा हासिल करने में सफल हो रहे हैं।
इनमें से एक व्यक्ति के पास ही 300 से अधिक खसरा नंबर है, जिसने इनको आगे बेच दिया है। इनकी जेबों में तो सरकारी खजाने का पैसा जा रहा, लेकिन जमीन के सही मालिकों को कुछ भी हासिल नहीं हो रहा है।
विधायकों ने जमकर किया हंगामा
विधायक हर्षदेव सिंह, बलवंत सिंह मनकोटिया और यशपाल कुंडल इस मांग की अनदेखी पर वेल में गए और अपना विरोध जताया। जमीन घोटाले और अन्य मुद्दों पर हंगामा कर रहे पैंथर्स पार्टी के विधायकों को मार्शलों ने बाहर निकाला।
आपको बताते चलें कि नेकां और कांग्रेस विधायकों ने संविधान में धर्मनिरपेक्ष शब्द जोड़ने संबंधी उनके विधेयक के खिलाफ अपना मत दिया था।
आरएसएस प्रमुख के बयान पर बवाल
विधानसभा स्पीकर मुबारक गुल ने कहा कि देश में रहने वाले सभी लोग चाहे वे किसी धर्म, रंग और क्षेत्र केरहने वाले हो, इन सभी से मिलकर देश बनता है।
विधानसभा स्पीकर ने यह बायन आरएसएस के प्रमुख मोगन भागवत के उस बयान के बाद दिया है जिसेमें मोहन भागवत ने कहा था कि 'हिंदुस्तान में रहना है तो हिंदू बनकर रहना है।'
हालांकि भाजपा ने इस बात पर आपत्ति जताई जिस पर पीडीपी के नेताओं ने भी नारे बाजी करनी शुरु कर दी।