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JK Govt U Turn: रहबर-ए-खेल, जंगलात-एनवाईसी के कर्मचारियों को हटाने की कोई योजना नहीं- जम्मू-कश्मीर सरकार
Mon, 23 May 2022 05:07 PM IST
kumar गुलशन कुमार
अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू कश्मीर
अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू कश्मीर
Published by: kumar गुलशन कुमार
Updated Mon, 23 May 2022 05:07 PM IST
सार
डीआईपीआर जम्मू-कश्मीर ने एक ट्वीट किया कि यह स्पष्ट किया जाता है कि जम्मू-कश्मीर सरकार की रहबर-ए-खेल, रहबर-ए-जंगलात और एनवाईसी योजना के तहत काम करने वाले कर्मचारियों को हटाने की कोई योजना नहीं है।
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Srinagar EJAC Protest
- फोटो : बासित जरगर
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विस्तार
जम्मू कश्मीर सरकार ने सोमवार को कहा कि रहबर-ए-खेल, रहबर-ए-जंगलात और एनवाईसी योजनाओं के तहत कार्य कर रहे कर्मचारियों को हटाने की कोई योजना नहीं है।
इसे लेकर डीआईपीआर जम्मू-कश्मीर ने आज दोपहर में एक ट्वीट किया है। इसमें लिखा है, 'यह स्पष्ट किया जाता है कि जम्मू-कश्मीर सरकार की रहबर-ए-खेल, रहबर-ए-जंगलात और एनवाईसी योजना के तहत काम करने वाले कर्मचारियों को हटाने की कोई योजना नहीं है।'
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इसे लेकर डीआईपीआर जम्मू-कश्मीर ने आज दोपहर में एक ट्वीट किया है। इसमें लिखा है, 'यह स्पष्ट किया जाता है कि जम्मू-कश्मीर सरकार की रहबर-ए-खेल, रहबर-ए-जंगलात और एनवाईसी योजना के तहत काम करने वाले कर्मचारियों को हटाने की कोई योजना नहीं है।'
Rehbar E Khel Protest Jammu
- फोटो : निखिल मेहता
इससे पहले जम्मू में सोमवार को रहबर-ए-खेल, रहबर-ए-जंगलात और रहबर-ए-जीरात के कर्मचारियों ने भाजपा कार्यालय के बाहर विरोध-प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन से उन पदों के लिए फिर विज्ञापन देने के फैसले को रद्द करने की मांग की जिन पर वे तैनात हैं। सरकार ने शुक्रवार को सेवा चयन बोर्ड के माध्यम से रहबर-ए-खेल, रहबर-ए-जीरात और रहबर-ए-जंगलात पदों के लिए दोबारा विज्ञापन दिया था। इसमें इन पदों पर पहले से काम कर रहे लोगों को अतिरिक्त तरजीह और आयु में छूट दी जाएगी। वहीं, रविवार को श्रीनगर में सैकड़ों की संख्या में इन विभागों के कर्मचारियों ने फिर दिए गए विज्ञापन को वापस लेने की मांग की थी।
इसके साथ ही विपक्षी दल पीडीपी, कांग्रेस, आप, अपनी पार्टी व एनसी ने भी जम्मू कश्मीर सरकार की आलोचना की है। पीडीपी अध्यक्ष महबूबा ने इसे अतर्किक बताते हुए कहा कि जम्मू कश्मीर के युवा-युवतियों को बेदखल कर सरकार देश के दूसरे हिस्से के लोगों को यहां नौकरियां देना चाहती है। इसलिए ऐसा फैसला किया गया। वहीं, कांग्रेस ने इस फैसले को भाजपा की डर्टी राजनीति करार दिया है। अब सरकार ने एक ट्वीट के जरिये रहबर-ए-खेल, रहबर-ए-जंगलात और एनवाईसी योजनाओं के तहत कार्य कर रहे कर्मचारियों को नहीं हटाने की बात कही है। तो ऐसे में इन विभागों में काम कर रहे इन कर्मचारियों को एक उम्मीद बंधी है।
इसके साथ ही विपक्षी दल पीडीपी, कांग्रेस, आप, अपनी पार्टी व एनसी ने भी जम्मू कश्मीर सरकार की आलोचना की है। पीडीपी अध्यक्ष महबूबा ने इसे अतर्किक बताते हुए कहा कि जम्मू कश्मीर के युवा-युवतियों को बेदखल कर सरकार देश के दूसरे हिस्से के लोगों को यहां नौकरियां देना चाहती है। इसलिए ऐसा फैसला किया गया। वहीं, कांग्रेस ने इस फैसले को भाजपा की डर्टी राजनीति करार दिया है। अब सरकार ने एक ट्वीट के जरिये रहबर-ए-खेल, रहबर-ए-जंगलात और एनवाईसी योजनाओं के तहत कार्य कर रहे कर्मचारियों को नहीं हटाने की बात कही है। तो ऐसे में इन विभागों में काम कर रहे इन कर्मचारियों को एक उम्मीद बंधी है।