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J&K Election: सरकारी नौकरी की टीस, स्टार्टअप का साथ, जम्मू-कश्मीर में जीत-हार का बटन 25 लाख युवाओं के हाथ

Sun, 08 Sep 2024 02:57 PM IST
विजय पुंडीर अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू
अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू Published by: विजय पुंडीर Updated Sun, 08 Sep 2024 02:57 PM IST
सार

अनुच्छेद 370 और 35ए हटने के बाद युवाओं में तेजी से रोजगार की संभावना जगी लेकिन पर्याप्त रोजगार नहीं मिल पाया। इसका बड़ा कारण जम्मू-कश्मीर जैसे प्रदेश में उद्योग उस गति से नहीं बढे़ जिसकी उम्मीद की जा रही थी।

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J&K Election button of victory and defeat in Jammu and Kashmir is in the hands of 25 lakh youth
जम्मू कश्मीर विधानसभा चुनाव - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

विधानसभा चुनाव में प्रदेश भर की 90 सीटों पर 25.24 युवा वोटर हैं। इनमें 3.71 लाख युवा मतदाता पहली बार मतदान करेंगे। तमाम सीटों पर युवा वर्ग हार-जीत में निर्णायक होंगे। युवाओं के सामने इस वक्त रोजगार बड़ा मुद्दा है। सरकार के रोजगार सृजन के तमाम प्रयासों के बावजूद प्रदेश में बेरोजगारी दर कम होने के आशानुरूप परिणाम सामने नहीं आ रहे हैं। प्रदेश में 15 साल से ऊपर की श्रेणी में बेरोजगारी दर पंजाब, हरियाणा, उत्तराखंड जैसे राज्यों से तो कम है, लेकिन 15-29 वर्ष के युवाओं में बेरोजगारी 13.7 फीसदी है। यह राष्ट्रीय औसत बेरोजगारी से तीन फीसदी ज्यादा है।

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अनुच्छेद 370 और 35ए हटने के बाद युवाओं में तेजी से रोजगार की संभावना जगी लेकिन पर्याप्त रोजगार नहीं मिल पाया। इसका बड़ा कारण जम्मू-कश्मीर जैसे प्रदेश में उद्योग उस गति से नहीं बढे़ जिसकी उम्मीद की जा रही थी। इसमें उद्योगों के लिए जमीन न मिलना भी बड़ा कारण है।
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सरकार के आंकड़े बताते हैं कि 2019 से अभी तक प्रदेश में 48384 युवाओं को सरकारी नौकरी मिली है। हालांकि, एलजी प्रशासन दावा करता है इस अवधि के दौरान 8.21 लाख लोगों को स्वरोजगार से जोड़ा है। युवाओं को नौकरी पाने से ज्यादा देने वाला बनाया गया है। जम्मू-कश्मीर में 722 पंजीकृत स्टार्टअप हैं। इनमें 254 महिला-नेतृत्व वाले हैं। इस स्टार्टअप में निर्माण और इंजीनियरिंग प्रमुख हैं, जो कुल स्टार्टअप का 49 प्रतिशत हैं। प्रदेश सरकार ने जम्मू-कश्मीर में स्टार्टअप बढ़ाने के लिए हाल ही में स्टार्टअप नीति भी बनाई है। जम्मू-कश्मीर में निर्माण उद्योग ने गति पकड़ी है। अधिकांश ठेके अन्य राज्यों के ठेकेदारों को मिलने से स्थानीय युवाओं को इन कंपिनयों में रोजगार नहीं मिल रहा। ठेकेदार दूसरे राज्यों से कामगार अपने साथ ला रहे हैं। जानकार बताते हैं कि इसका कारण उन राज्यों में दिहाड़ी कम होना है।

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संगिठत क्षेत्र में रोजगार करने वालों की संख्या बढ़ी
जम्मू-कश्मीर कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) के आंकड़ों की मानें तो 2019-2020 वित्त वर्ष में जम्मू-कश्मीर में 9253 संस्थानों के 549475 लोगों के ईपीएफओं में खाते थे। 2020-21 में संस्थानों में 7.33 फीसदी की वृद्धि हुई जबकि सदस्यों में 1.77 फीसदी की। 2021-22 में संस्थानों में 8.68 फीसदी की वृद्धि हुई जबकि सदस्यों में 1.24 फीसदी की। 2022-23 में संस्थानों में 7.78 फीसदी की वृद्धि हुई जबकि सदस्यों में 11.49 फीसदी की। 2023-24 में संस्थानों में 9.45 फीसदी की वृद्धि हुई जबकि सदस्यों में 0.66 फीसदी की। 2024-25 में वर्तमान तक संस्थानों की संख्या करीब 1300 है जबकि सदस्यों की संख्या 595603 के करीब है।

सालों तक भर्तियां न निकला भी बेरोजगारी दर बढ़ने का कारण
प्रदेश में बेरोजगारी दर बढ़ने के पीछे एक कार सालों तक भर्तियां न निकलना भी है। 2022 में सब-इंस्पेक्टर के 1200 पदों के लिए 97973 अभ्यार्थियों ने परीक्षा दी। सरकारें पद अधिसूचित तो करती हैं, लेकिन परीक्षा दो से चार साल बाद होती है। इससे युवाओं पर न सिर्फ तैयारी का बोझ बढ़ता बल्कि ओवरएज होने का भी डर बना रहता है। 2020 और 2021 में जम्मू-कश्मीर सेवा चयन बोर्ड द्वारा अधिसूचित पदों पर अभी तक भर्ती नहीं हो पाई है।

क्या कहते हैं युवा
मैं बीते पांच साल से सरकारी नौकरी की तैयारी में लगा हूं। सरकार पद अधिसूचित करने में कंजूसी कर रही है। स्कूल शिक्षा विभाग में संविदा पर कर्मचारियों की भर्ती की जा रही है। पढ़े-लिखे युवाओं को चतुर्थ श्रेणी के पद के लिए आवेदन करना पड़ रहा है। -अजय कुमार, युवा

2019 के बाद सरकारी पद अधिसूचित तो हुए लेकिन भर्ती समय पर नहीं हो रही है। कई-कई साल तक परीक्षाएं ही नहीं होती। इसका असर बच्चों की तैयारी पर पड़ रहा है। सरकार ने हाल में पुलिस कांस्टेबल के पद अधिसूचित किए हैं। पुलिस कांस्टेबल के पद अधिसूचति हुए सात साल हो चले हैं। -राकेश कुमार, युवा

प्रदेश में बेरोजगारी के आंकड़े
राज्य 15-29     15-59    15 वर्ष से ऊपर
जेएंडके 13.7    4.8          4.4
पंजाब 17.5      6.7           6.1
हरियाणा 17.5   6.4         6.1
हिमाचल 12.5   5.0         4.3
दिल्ली     6.1    2.0         1.9
25.24 लाख युवा मतदाता
4.4 फीसदी बेरोजगारी
1.2 फीसदी राष्ट्रीय बेरोजगारी दर से ज्यादा

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