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ऋण देने के मामले में जेएंडके बैंक सबसे आगे
ब्यूरो/अमर उजाला, जम्मू
Updated Thu, 04 Dec 2014 12:47 AM IST
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रियासत के आर्थिक स्तर को ऊंचा करने के उद्देश्य से बैंकों द्वारा दिए जो वाले ऋण में जेएंडके बैंक का योगदान सबसे ज्यादा है। जम्मू-कश्मीर में कार्यरत 46 बैंकों और वित्तीय संगठनों द्वारा 30 सितंबर, 2014 तक कुल 5,512.49 करोड़ का ऋण लोगों को दिया गया।
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इसमें से जेएंडके बैंक ने अकेले 3,916.27 करोड़ रुपये ऋण बांटा, जो कुल ऋण का 71 फीसदी है। उक्त जानकारी जेएंडके बैंक के चेयरमैन और सीईओ मुश्ताक अहमद ने स्टेट लेवल बैंकिंग कमेटी की 95वीं बैठक को संबोधित करते हुए दी। रियासत में कार्यरत तमाम बैंकों ने पहले छह माह में प्राफिट और नन प्राफिट सेक्टर में 1,87,662 लोगों को ऋण मुहैया करवाया।
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बैठक की अध्यक्षता रियासत के मुख्य सचिव एमआई खांडे ने वार्षिक कार्य योजना 2014-15 के तहत अर्थव्यवस्था के विभिन्न क्षेत्रों में बैंकों के प्रदर्शन की समीक्षा की। खांडे ने बैंकों से अपील की कि रियासत में हाल में आई बाढ़ आपदा को ध्यान में रखते हुए सीएसआर प्लान की जरूरत है, ताकि लोगों को राहत दी जा सके।
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उन्होंने कहा कि अन्य प्रदेशों के 65 से 70 फीसदी ऋण-जमा अनुपात के मुकाबले रियासत के बैंकों का अनुपात काफी कम है। तमाम बैंक वर्तमान वित्तीय वर्ष के अगले छह माह में सीडी अनुपात 50 फीसदी तक पहुंचाने का प्रयास करें।
साथ ही बैंकों से अपील की कि 31 मार्च, 2015 तक रियासत में कम से कम सौ नई शाखाएं खोलें। खांडे ने बैंकों को कहा कि किसान ऋण योजना के तहत 1,77,863 करोड़ रुपये के रखे लक्ष्य को 31 मार्च 2015 तक हर हाल में प्राप्त किया जाए।
इस मौके पर उद्योग और वाणिज्य विभाग के वित्तीय आयुक्त खुर्शीद अहमद गनई, योजना विभाग के प्रमुख सचिव बीआर शर्मा, वित्त विभाग के प्रमुख सचिव बीबी व्यास, रिजर्व बैंक आफ इंडिया के जनरल मैनेजर एके मट्टू, नाबार्ड के चीफ जनरल मैनेजर शंकर ए पांडे के अलावा अन्य विभागों और बैंकों के उच्चाधिकारी उपस्थित थे।