फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Jammu and Kashmir ›   Jammu News ›   J&K: 60 percent power theft, loss of revenue due to illegal connections

जम्मू-कश्मीर: साठ फीसदी बिजली चोरी, अवैध कनेक्शनों से राजस्व को घाटा

Tue, 29 Jun 2021 07:12 PM IST
करिश्मा चिब न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू Published by: करिश्मा चिब Updated Tue, 29 Jun 2021 07:12 PM IST
सार

बिजली निगम के पास 40 फीसदी का ही हिसाब, लाइन लॉस रोकने में नाकाम।

विज्ञापन
J&K: 60 percent power theft, loss of revenue due to illegal connections
बिजली चोरी - फोटो : सांकेतिक चित्र

विस्तार

जम्मू संभाग में बिजली चोरी के कारण राजस्व को घाटा हो रहा है। लाइन लॉस बढ़ता जा रहा है। यह 58 फीसदी से बढ़कर 60 फीसदी पहुंच गया है। इसे रोक पाने में बिजली निगम नाकाम है। निगम के पास 40 फीसदी बिजली का ही हिसाब है, 60 प्रतिशत बिजली कहां और कौन खर्च कर रहा है, इसका पता नहीं। जम्मू संभाग में 100 करोड़ की बिजली आपूर्ति प्रतिमाह की जाती है।

विज्ञापन


इसमें 40 करोड़ का ही हिसाब है। इसी तरह जम्मू जिले में दस करोड़ रुपये की बिजली की आपूर्ति होती है। यहां पर भी चार करोड़ के आसपास राजस्व आ रहा है। निगम के अनुसार बिजली चोरी के कारण लाइन लॉस बढ़ा है। हालांकि पहले कारपोरेशन ने बिजली चोरी के खिलाफ सख्ती की थी। मीटर रीडर पर भी कार्रवाई अमल में लाई गई थी। इसके बावजूद मुख्य तारों से लिए गए अवैध कनेक्शन अभी तक नहीं हट पाए हैं।  
विज्ञापन


मिलीभगत की बू
लोगों ने गर्मी से बचने के लिए घरों में एसी, कूलर लगा रखे हैं। कायदे से इनका बिल तीन हजार रुपये प्रति माह के आसपास आना चाहिए। मगर सांठ-गांठ कर सौ से तीन सौ रुपये अदा कर बिजली प्रयोग में लाई जा रही है। सर्दी के मौसम में लोगों ने हीटरों के लिए अलग से कनेक्शन ले रखे हैं। इनका सौ रुपये प्रति माह अदा किया जाता है। मगर मीटर के हिसाब से बिल हजार रुपये से कम नहीं आना चाहिए। इन कारणों से भी लाइन लॉस बढ़ गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन


यह भी पढ़ें- श्री अमरनाथ यात्रा: कश्मीर के ऐतिहासिक मंदिरों से पहुंचेगी अमरनाथ छड़ी मुबारक, 22 अगस्त को होंगे बाबा बर्फानी के दर्शन

लोगों ने मीटर वायर से ही अवैध कनेक्शन लिए हैं। मीटर रीडिंग चेक करने पर कम आती है। ऐसे में लोग भारी भरकम बिल अदा करने से बच रहे हैं। बिजली चोरी पर लगाम लगाने पर सख्ती की जा रही है। जांच के लिए टीमों का गठन किया गया है। अवैध कनेक्शनों को काटा जाएगा। लोगों को मीटर रीडिंग के हिसाब से ही बिल अदा करना होगा। - गुरमीत सिंह, एमडी, बिजली निगम

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed