आईएसआई ने राजोरी में बनाए थे अपने एजेंट
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पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई कश्मीर के बाद जम्मू संभाग में बड़े आतंकी हमले कराना चाहती है। यही कारण है कि उसने आतंकियों की घुसपैठ के लिए राजोरी-पुंछ की एलओसी को चुना। पहले आईएसआई ने पाक सेना के साथ मिलकर घुसपैठ कराने की कोशिश की।
नाकाम होने के बाद एलओसी की जानकारी जुटाने के लिए आईएसआई ने राजोरी जिले में अपना स्लीपर सेल गठित किया, ताकि एलओसी पर तैनात होने वाली सेना और बीएसएफ की हर एक गतिविधि की जानकारी जुटाई जा सके और आराम से घुसपैठ की जा सके।
आईएसआई ने अपने स्लीपर सेल के लिए जानबूझ कर एलओसी से सटे इलाकों में रहने वाले लोगों को चुना। राजोरी का मंजाकोट इलाका एलओसी से सटा हुआ है। मंजाकोट का गंभीर मुगला एलओसी के जीरो लाइन पर है।
अब तक चार लोग गिरफ्तार
अब तक दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच की ओर से मंजाकेट के कफायतुल्लाह और थन्नामंडी से बीएसएफ के रिटायर्ड हवलदार को पकड़ा गया। इसके बाद थन्नामंडी से ही सेना के दो लोग पकड़े गए।
इसके बाद फिर मंजाकोट का रहने वाला शिक्षक धरा गया। यह दोनों इलाके एलओसी के पास हैं। पिछले कुछ साल से आईएसआई ने राजोरी-पुंछ की एलओसी से आतंकियों की घुसपैठ कराने की कोशिश की, लेकिन नाकाम हुए।
इसलिए आईएसआई ने राजोरी में अपना स्लीपर सेल गठित कर लिया, ताकि इसके माध्यम से सेना की गतिविधियों पर नजर रख सके। इन लोगों की मदद से यह जानकारी जुटाई जा रही थी कि कहां कहां पर घुसपैठ की संभावनाएं हैं। कहां सेना की मूवमेंट कम है।
नए इलाके होंगे टारगेट
राजोरी जिले का गंभीर मुगला, तरकुंडी, नौशेरा का सैरी, पोखरा, झंगड़, पुंछ जिले का कृष्णा घाटी, साब्जियां आदि से अब तक घुसपैठ होती रही है। यहां पर सेना और बीएसएफ की कड़ी सतर्कता है। अब आतंकी इन इलाकों की जगह दूसरे क्षेत्रों से घुसपैठ करेंगे।