लश्कर के साथ मिलकर ISIS कर सकता भारत पर हमला: आर्मी
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सेना ने संभावना जताई है कि आतंकी संगठन लश्कर और हिजबुल मुजाहिदीन की आड़ लेकर आईएसआईएस आतंकी वारदातों को अंजाम दे सकता है।
सेना की 16 कोर के जीओसी लेफ्टिनेंट जनरल आरआर निंभोरकर ने कहा कि अभी उनका पास आईएसआईएस के इनपुट नहीं है, लेकिन इस बात से इंकार नहीं किया जा सकता कि वह लश्कर या अन्य आतंकी संगठनों के साथ मिलकर जम्मू-कश्मीर में हमले कर सकता है।
आईएसआईएस का इस क्षेत्र में नाम नहीं है और वह सिर्फ शोहरत हासिल करने के लिए ऐसा कर सकता है। यदि वह इसमें सफल होता है तो उसका लाभ उठाने की कोशिश करेगा। निंभोरकर वीरवार को रख मुट्ठी में आयोजित पूर्व सैनिकों के मेले के दौरान पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे।
पीओके में आतंकी कैंप सक्रिय हैं
कुपवाड़ा में कर्नल संतोष के शहीद होने के दो दिन बाद सेना ने कहा है कि पीओके में आतंकी कैंप सक्रिय हैं और उनमें छह-सात सौ से ज्यादा आतंकी प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं।
वह किसी भी समय जम्मू कश्मीर में घुसपैठ के लिए तैयार हैं। जीओसी निंभोरकर ने कहा कि उधमपुर हमले के दौरान जिंदा पकड़े गए पाकिस्तानी आतंकी मोहम्मद नावेद के बयान पर यकीन करें तो पीओके में 35-37 आतंकी प्रशिक्षण शिविर सक्रिय हैं।
यदि एक कैंप में औसतन 20 आतंकी प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हों तो उनकी संख्या छह सौ से ज्यादा बनती है। उनके पास आतंकियों की उपस्थिति के इनपुट हैं।
पाक LOC पर रिमोट से चलने वाले हथियार तैनात कर सकता है
लाइन ऑफ कंट्रोल पर रिमोट से चलने वाले हथियार तैनात करने के संबंध में पूछे जाने पर निंभोरकर ने कहा कि सेना समय-समय पर नई तकनीक इस्तेमाल करती रहती है।
इस तरह के हथियारों का भी अध्ययन चल रहा है और यदि वह कसौटी पर खरे उतरे तो उनका उपयोग किया जाएगा। रियासत में कई फायरिंग रेंज बंद करने से सैनिकों के अभ्यास में आ रही समस्या पर जीओसी ने कहा कि यह गंभीर समस्या है।
इस संबंध में केंद्र और रियासती सरकार से बातचीत चल रही है। राजनीतिज्ञों द्वारा समय-समय पर अफस्पा हटाने की मांग किए जाने पर उन्होंने कहा कि इस संबंध में कोई भी फैसला केंद्र सरकार को लेना है।