निवेशक सम्मेलन से पहले नए जम्मू-कश्मीर में 2,845 करोड़ के निवेश पर सहमति, बढ़ेंगे रोजगार के अवसर
केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर में अप्रैल में प्रस्तावित वैश्विक निवेशक सम्मेलन के लिए सोमवार को बंगलूरू और कोलकाता में हुए रोड शो के दौरान 2,845 करोड़ रुपये के 34 एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए। इसमें उद्योगपतियों और दूसरे क्षेत्रों के लोगों ने जम्मू-कश्मीर में 14 क्षेत्रों में औद्योगिक विकास और रोजगार के अवसर बढ़ाने के लिए पूंजी निवेश में रुचि दिखाई है। दोनों रोड शो में 245 प्रतिनिधियों ने शिरकत की। 21 फरवरी को मुंबई, 2 मार्च को हैदराबाद, 5 मार्च को चेन्नई और 9 मार्च को अहमदाबाद में रोड शो किए जाएंगे।
बंगलूरू में हुए रोड शो के दौरान 847 करोड़ रुपये के निवेश के लिए 13 एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए। इसमें 670 करोड़ रुपये के अलावा प्रौद्योगिकी नवाचार केंद्र के लिए 175 करोड़ रुपये के निवेश का प्रस्ताव आया। इस दौरान जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल के सलाहकार केवल कुमार शर्मा ने कहा कि जम्मू-कश्मीर का 2.0 का नया संस्करण उभरने को तैयार है।
योजना विकास व निगरानी विभाग के प्रधान सचिव रोहित कंसल ने कहा कि जम्मू-कश्मीर को 48 से अधिक निवेश योग्य परियोजनाओं और 14 फोकस क्षेत्रों को औद्योगिक केंद्र बनाने के लिए शिनाख्त की गई है। बड़े, मेगा और छोटे उद्योगों को आकर्षित करने के लिए 6000 एकड़ औद्योगिक और सेक्टर-विशिष्ट भूमि बैंक की पहचान की गई है। इस दौरान जम्मू-कश्मीर के फिल्म और आईटी सेक्टर पर सिमरनदीप सिंह, एमडी जेके आईटीआईडीसी ने प्रस्तुति दी।
कोलकाता में आयुक्त स्कूली शिक्षा, हृदेश कुमार ने कहा कि जम्मू-कश्मीर आवासीय विद्यालयों, स्मार्ट स्कूलों, कौशल विकास केंद्रों की स्थापना के लिए देश का बेहतर स्थल है। कंफेडरेशन ऑफ इंडियन इंडस्ट्री(सीआईआई) पूर्वी क्षेत्र के पूर्व चेयरमैन संदीपन चक्रवर्ती, जेकेटीपीओ के एमडी रवींद्र कुमार ने भी विचार रखे। प्रशासनिक सचिव पर्यटन जुबैर अहमद ने बताया कि सरकार ने पर्यटन ढांचे को विकसित करने के लिए 2000 करोड़ रुपये की राशि रखी है।
जम्मू-कश्मीर में इंटरनेट, कनेक्टिविटी में राहत जल्द: शर्मा
जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल के सलाहकार केवल कुमार शर्मा ने कहा कि राज्य में इंटरनेट और कनेक्टिविटी संबंधी दिक्कतों से अगले महीनों में राहत मिलेगी। निवेशकों से बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि प्रतिबंध इस वजह से लगाया गया है ताकि इन सुविधाओं का इस्तेमाल कानून व्यवस्था को बिगाड़ने के लिए न किया जा सके। अगले कुछ महीनों के दौरान कनेक्टिविटी से संबंधित पाबंदियों में ढील दिए जाने की संभावना है। शर्मा ने कहा कि हालात की समीक्षा संबंधी सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के बाद प्रशासन हर हफ्ते और हर 15 दिन में बैठक कर इंटरनेट पर लगी रोक में राहत देने के लिए विचार करता है।