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Interview: अब आपका चेहरा ही होगा बोर्डिंग पास, जम्मू एयरपोर्ट निदेशक ने बताया कब होगी शुरुआत

Wed, 24 Dec 2025 06:09 PM IST
निकिता गुप्ता अरुण कुमार अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू
अरुण कुमार अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू Published by: निकिता गुप्ता Updated Wed, 24 Dec 2025 06:09 PM IST
सार

हवाई कनेक्टिविटी और बुनियादी ढांचे के विकास के लिए साल 2026 बहुत खास होगा शहरवासियों को नया टर्मिनल भवन मिलेगा। इसमें आधुनिक सुविधाएं होंगी। एयरपोर्ट पर डिजी यात्रा की सुविधा मिलेगी। यात्रियों का चेहरा बोर्डिंग पास बनेगा और पहचान पत्र की तरह काम करेगा। ज्यादा उड़ानों का संचालन हो सकेगा। व्यस्त समय में 2000 यात्रियों की भीड़ को एयरपोर्ट प्रबंधन संभालने में सक्षम होगा। ज्यादा धुंध और कम रोशनी में एयरपोर्ट पर 350 मीटर तक की दृश्यता में उड़ानों का संचालन हो सकेगा। सुरक्षा की दृष्टि से सिर्फ जम्मू एयरपोर्ट पर ही परिधि घुसपैठ पहचान प्रणाली (पीआईडीएस) है जिससे सुरक्षा बढ़ी है। जम्मू एयरपोर्ट के विस्तार और अन्य बुनियादी ढांचे विकास सहित अन्य प्रमुख मुद्दों पर अमर उजाला के अरुण कुमार ने जम्मू एयरपोर्ट के निदेशक देवेंद्र यादव से बात की। पेश हैं प्रमुख अंश...

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Interview Now your face will be your boarding pass, Jammu Airport director explains when it will start.
देवेंद्र यादव, जम्मू एयरपोर्ट निदेशक - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

नए साल 2026 में जम्मू एयरपोर्ट पर स्टेट ऑफ द आर्ट टर्मिनल और डिजी यात्रा की सुविधा शुरू होगी, जिसमें यात्रियों का चेहरा ही बोर्डिंग पास के रूप में काम करेगा। एयरपोर्ट अधिक उड़ानों और 2000 यात्रियों की भीड़ को संभालने में सक्षम होगा, साथ ही सुरक्षा और बुनियादी ढांचे में भी सुधार किया जाएगा।

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2025 में जम्मू एयरपोर्ट से कितने यात्रियों ने सफर किया?
वर्ष 2025 जम्मू एयरपोर्ट पर परिचालन के हिसाब से सुरक्षित साल रहा है। ऑपरेशन सिंदूर के कारण हवाई परिचालन प्रभावित रहा। इसके बावजूद जम्मू एयरपोर्ट से दिसंबर के मध्य तक 13 लाख यात्रियों ने सफर किया। 10,900 उड़ानों का संचालन किया गया है। कार्गो और मेल ऑपरेशन भी सुचारू रूप से चला। जनवरी और नवंबर के बीच 810.32 टन माल लाने और 247.86 टन ले जाले वाले कार्गो और मेल को हैंडल किया। यह बढ़ते लॉजिस्टिक महत्व को दिखाता है।

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जम्मू एयरपोर्ट पर स्टेट ऑफ द आर्ट टर्मिनल भवन बन रहा है। 40 फीसदी निर्माण कार्य पूरा हुआ है। यह भवन ज्यादा यात्री और विमानों को संभाल सकेगा। व्यस्त समय में 2000 यात्रियों की भीड़ संभाल सकेगा। इसमें आगमन और प्रस्थान के लिए एलिवेटेड रोड होगा। टर्मिनल बिल्डिंग को भविष्य में बढ़ने वाली यात्रियों की संख्या के हिसाब से तैयार किया है। इसमें बुनियादी ढांचे विस्तार का विकल्प भी रहेगा। 2026 में यात्रियों को इसकी सुविधा मिलेगी। टर्मिनल बनने के बाद नए सेक्टर जुड़ेंगे वह मांग और एयरलाइन पर निर्भर होगा। 

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यात्रियों के चेकइन का समय कम होगा
एयरपोर्ट पर आने के बाद यात्री को चेकइन में कम से कम समय लगे इसके लिए तकनीकी का इस्तेमाल कर रहे हैं। देश के बड़े एयरपोर्ट की तरह जम्मू एयरपोर्ट पर डिजी यात्रा सुविधा शुरू हो रही है। इसका सिस्टम इंस्टॉल किया है। एएआई से जरूरी मंजूरी मिलने के बाद यह सुविधा शुरू होगी। इससे चेक इन समय काफी ज्यादा कम होगा। जनवरी में शुरू होने की उम्मीद है। इसमें फेशियल रिकग्निशन होगी। यात्री का चेहरा और बोर्डिंग पास एक पहचान पत्र बनता है। चक इन गेट पर कैमरे लगे है। उससे टिकट और यात्री की आईडी की जांच होती है। यह बड़ी सुविधा होगी।

एयरपोर्ट पर त्रिस्तरीय सुरक्षा का घेरा
देश भर में एयरपोर्ट पर ब्यूरो ऑफ सिविल एविएशन सिक्योरिटी के मानदंड को पूरा करना होता है। सुरक्षा के दृष्टिकोण से जम्मू अन्य एयरपोर्ट के मुकाबले काफी अलग है। इस संवेदनशील एयरपोर्ट पर तीन स्तरीय सुरक्षा घेरा है। एयरपोर्ट टर्मिनल में आने और फ्लाइट पर जाने तक अलग-अलग स्तर पर जांच होती है। जम्मू एयरपोर्ट पर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के लिए एआई में काफी निवेश किया गया है। सिर्फ जम्मू एयरपोर्ट पर ही परिधि घुसपैठ पहचान प्रणाली (पीआईडीएस) है। यह घुसपैठियों के घुसने से पहले बाहरी खतरों का जल्दी पता लगाता है और चेतावनी देता है।

कम दृश्यता में भी सुरक्षित संचालन:
जम्मू एयरपोर्ट पर 800 मीटर तक की दृश्यता तक विमानों का सुरक्षित संचालन होता है। यहां पर कैट-1 सिस्टम लगा हुआ है। अब कैट-2 सिस्टम लगाया है। इसे शुरू करने के लिए जरूरी सुरक्षा मानक व प्रक्रियाओं को पूरा किया जा रहा है। इस सिस्टम के शुरू होने के बाद जम्मू एयरपोर्ट पर 350 मीटर तक विजिबिलिटी होने पर फ्लाइट की लैंडिंग और टेकऑफ हो सकेगा। कैट-2 से धुंध और कम रोशनी में उड़ानों को बेहतर संचालन हो सकेगा।

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