फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Jammu and Kashmir ›   Jammu News ›   International Day Against Drug Abuse: Curb on Pakistani drones, Punjab emerges as a new route for smuggling

अंतरराष्ट्रीय नशा निवारण दिवस: पाकिस्तानी ड्रोन पर लगी लगाम, मगर घाटी में तस्करी के लिए पंजाब बना नया रास्ता

Fri, 26 Jun 2026 12:58 AM IST
दुष्यंत शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Fri, 26 Jun 2026 12:58 AM IST
सार

लगातार कार्रवाई के बाद पाकिस्तान से ड्रोन के जरिए होने वाली नशे की सप्लाई में कमी आई है। अब पंजाब के रास्ते जम्मू-कश्मीर में नशे की खेप पहुंचना सुरक्षा एजेंसियों के लिए नई चुनौती बन गई है।

विज्ञापन
International Day Against Drug Abuse: Curb on Pakistani drones, Punjab emerges as a new route for smuggling
अप्रैल में एमए स्टेडियम से शुरू किया गया 100 दिवसीय नशा मुक्त जम्मू-कश्मीर अभियान अब अंतिम चरण में है। - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स

विस्तार

जम्मू-कश्मीर में नासूर बन चुके नशे के खिलाफ प्रशासन की सख्ती का असर अब तस्करी के तौर-तरीकों पर भी दिखने लगा है। अप्रैल में एमए स्टेडियम से शुरू किया गया 100 दिवसीय नशा मुक्त जम्मू-कश्मीर अभियान अब अंतिम चरण में है। अभियान के दौरान कार्रवाई सिर्फ नशा तस्करों की गिरफ्तारी तक सीमित नहीं रही, बल्कि उनकी सप्लाई चेन और अवैध कमाई के पूरे नेटवर्क पर भी एक साथ चोट की गई। लगातार कार्रवाई के बाद पाकिस्तान से ड्रोन के जरिए होने वाली नशे की सप्लाई में कमी आई है। अब पंजाब के रास्ते जम्मू-कश्मीर में नशे की खेप पहुंचना सुरक्षा एजेंसियों के लिए नई चुनौती बन गई है।

विज्ञापन


अभियान की गंभीरता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि आधे सफर में ही प्रदेश में एनडीपीएस के तहत करीब एक हजार एफआईआर दर्ज हुई है। 1200 से अधिक नशा तस्कर गिरफ्तार किये गए हैं। जांच एजेंसियां अब केवल नशीले पदार्थों की बरामदगी तक सीमित नहीं हैं। तस्करों की अवैध संपत्तियां ध्वस्त और जब्त की जा रही हैं, बैंक खातों को सीज हो रहे हैं।
विज्ञापन


उनके आर्थिक तंत्र को खत्म करने पर काम हो रहा है। सीमावर्ती इलाकों में बीएसएफ और पुलिस की सख्ती से ड्रोन ड्रॉपिंग से भेजी जाने वाली खेप को पकड़ा जा रहा है। हालांकि पंजाब से जुड़े नशा तस्करों के नेटवर्क सामने आए हैं। जांच में जम्मू-कश्मीर और पंजाब के तस्करों के बीच गठजोड़ का खुलासा होने के बाद निगरानी और बढ़ा दी गई है।
विज्ञापन
विज्ञापन


नशा तस्करों के नेटवर्क पर सबसे बड़ी चोट
नशा मुक्त जम्मू-कश्मीर अभियान के दौरान जम्मू संभाग में 60 दिनों में कड़ी कार्रवाई हुई है। संभाग में 155 हॉटस्पॉट चिह्नित किए गए। 598 एफआईआर दर्ज कर 701 नशा तस्करों को गिरफ्तार किया गया। 24 पीआईटी-एनडीपीएस के तहत हिरासत के आदेश जारी किए गए। कार्रवाई के दौरान 14 किलो से अधिक हेरोइन, 49 किलो गांजा, 3.712 किलो चरस और 204.5 किलो पोस्ता बरामद किया गया। 52 मरला में अफीम की खेती, 44 कनाल में उगी भांग, 22,150 यूनिट लाहन और 476 लीटर अवैध शराब भी नष्ट की गई।

आर्थिक कमर भी तोड़ी जा रही
तस्करों की आर्थिक कमर तोड़ने के लिए 19.30 करोड़ रुपये मूल्य की 62 अचल संपत्तियां ध्वस्त की गईं। 24.86 करोड़ रुपये की 21 अचल संपत्तियां और 1.69 करोड़ रुपये की चल संपत्ति जब्त या कुर्क की गई। परिवहन विभाग ने भी कार्रवाई करते हुए 180 पासपोर्ट निलंबित करने की सिफारिश की, 101 ड्राइविंग लाइसेंस निलंबित और 81 रद्द किए। इसके अलावा 243 वाहनों के पंजीकरण प्रमाणपत्र निलंबित तथा 94 पंजीकरण रद्द किए गए।


युवाओं को मुख्यधारा में लाया जा रहा
कार्रवाई के साथ नशे की गिरफ्त में आ चुके युवाओं को मुख्यधारा में लाने पर भी जोर दिया है। अभियान के दौरान 2,293 नशा पीड़ितों की पहचान की गई। इनमें से 884 युवाओं को पुनर्वास के लिए चुना गया। अब तक 574 युवाओं का उपचार और पुनर्वास पूरा किया जा चुका है, जबकि 254 युवाओं को स्वरोजगार योजनाओं से जोड़कर नई शुरुआत का अवसर दिया गया है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed