मासूम को रेलवे ट्रैक पर छोड़ा, गैरों ने भी मुंह मोड़ा
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हाल में जम्मू के रेलवे ट्रैक से मिले पांच वर्षीय अंधे बच्चों को अब तक सहारा नहीं मिल पाया है। उसे किसी व्यक्ति ने ट्रैक से चाइल्ड लाइन जम्मू तक पहुंचाया था।
वहां से बच्चे को ब्लाइंड होम रूपनगर ले जाया गया, जहां के प्रबंधन ने बच्चे को यह कहकर रखने से मना कर दिया कि उनके पास इस बच्चे को रखने के लिए कोई व्यवस्था नहीं है। बाद में बच्चे को रखने के लिए मुहिम चलाकर कोर्ट के सामने पेश किया गया।
कोर्ट द्वारा आदेश जारी कर आरएस पुरा के बाल आश्रम में रखने का निर्देश दिया गया। मंगलवार को आरएस पुरा लाए जाने पर बाल आश्रम प्रबंधन की ओर से शामा को रखने की व्यवस्था न होने पर वापस भेज दिया गया।
रेलवे ट्रैक पर छोड़ा जन्मांध मासूम
उसके साथ आए संस्था के लोगों ने बताया कि वह जन्म से अंधा है। वहीं ट्रैक पर छोड़े जाने के कारण शामा सहमा हुआ है। उसका उपचार भी चल रहा है।
कर्ण वेलफेयर सोसायटी की प्रधान तजेन्द्र कौर का कहना है कि एक ओर समाज में लोग बच्चों के लिए तरसते हैं। वहीं दूसरी ओर कुछ लोग ऐसे भी हैं, जो अंधे बच्चे की पीड़ा समझ उसे पालने के बजाय रेलवे ट्रैक पर छोड़ देते हैं। उन्होंने संस्था द्वारा बच्चे को सहारा देने के कार्य को सराहा।