मुसलमानों के लिए हिंदुस्तान सबसे महफूज देश है: रजा मुराद
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देश को मुसलमानों के लिए सबसे महफूज करार देते हुए रजा मुराद ने कहा कि कोई कुछ भी कहे, लेकिन मुसलमानों के लिए हिंदुस्तान से बेहतर देश कोई नहीं है।
देश में असहिष्णुता पर छिड़ी बहस में शामिल होते हुए उन्होंने कहा कि सिलसिलेवार यदि दिल के अजीज अवार्ड लौटाए जा रहे हैं तो इसमें कुछ तो दर्द छिपा हुआ है।
नरेंद्र मोदी को सकारात्मक सोच वाले प्रधानमंत्री करार देते हुए रजा मुराद ने कहा कि उनकी ही पार्टी के कुछ लोग जहरीले बयान दे रहे हैं। जहरीले बयान भी आतंकवाद का एक रूप हैं।
केंद्रीय सरकार देश और सरकार की छवि खराब करने वाले तत्वों पर लगाम लगाने में विफल साबित हो रही है। सरकार का मतलब एसी रूम से बयान देने और सुर्खियों में रहना भर नहीं है। जमीनी स्तर पर भी नतीजे सामने आना जरूरी है।
भारत-पाकिस्तान के बीच वार्ता के माहौल पर उन्होंने कहा कि बातचीत ही एकमात्र हल है। जंग अपने आप में मसला है। भारत ने हर लिहाज से बड़प्पन दिखाया है।
दशकों बाद भी सरकारें कश्मीरी पंडितों का दुख नहीं समझ पाईं
फिल्म अभिनेता रजा मुराद रियासत को मानवाधिकार हनन की सबसे बड़ी नजीर मानते हैं। बकौल मुराद देश भर के तमाम राज्यों की तुलना में जम्मू कश्मीर को मानवाधिकार सुरक्षा की सबसे ज्यादा जरूरत है।
कश्मीरी विस्थापितों का हवाला देते हुए रजा मुराद ने कहा कि दशकों बाद भी सरकार पीड़ितों का दुख-दर्द साझा कर पुनर्वास करना तो दूर न्यूनतम बुनियादी सहूलियतें भी फरहाम नहीं कर पाई हैं।
रजा मुराद ने कहा कि कश्मीरी विस्थापितों के साथ जो हुआ, उसके लिए अलगाववादियों सहित तमाम सरकारों को उनसे माफी मांगनी चाहिए। जगती में क्रिकेट प्रतियोगिता का उद्घाटन करने के दूसरे दिन वीरवार को रजा मुराद प्रेस क्लब जम्मू द्वारा आयोजित मेल मुलाकात कार्यक्रम में मीडिया से मुखातिब थे।