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हॉटलाइन पर की भारत-पाक ने बात

Tue, 14 Oct 2014 07:31 PM IST
Updated Tue, 14 Oct 2014 07:31 PM IST
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india pakistan armies contect each other wd dgmo level talks

इस महीने की शरुआत से सीमा पर चल रहा तनाव शायद अब खत्म हो जाए। पाकिस्तानी एवं भारतीय सेना के वरिष्ठ अधिकारियों ने मंगलवार को हॉटलाइन पर बात की और सीमा पर व्याप्त तनाव घटाने के मुद्दे पर चर्चा की।

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पाकिस्तान के एक अंग्रेजी समाचार पत्र डॉन ने एक वरिष्ठ सैन्य अधिकारी के हवाले से बताया, 'पाकिस्तानी और भारतीय सेना के सैन्य संचालन निदेशकों (डीएमओ) ने आपस में हॉटलाइन पर बातचीत की।'
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सीमा पर उपजे हालिया तनाव के बाद पाकिस्तानी और भारतीय सेना के बीच यह पहली बातचीत है। भारतीय एवं पाकिस्तानी सैनिकों और सीमा रक्षकों ने बीते दिनों एक-दूसरे के क्षेत्रों में गोलीबारी की थी, जिससे भारत की ओर के 8 नागरिकों की मौत हो गई थी। पाक की ओर की जा रही भारी फायरिंग के बाद सीमा पर बसे ग्रामीणों को घर छोड़कर भागना पड़ा था।
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लोगों में अब भी पाक फायर‌िंग की दहशत

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रविवार की रात से सोमवार तक अरनिया सेक्टर में भले ही पाकिस्तानी बंदूकें शांत रही हों, लेकिन सीमावर्ती ग्रामीणों के लिए खतरा टला नहीं है। लोग अभी दहशत में हैं और शाम ढलते ही गांवों को छोड़ दे रहे हैं।

दरअसल, पाकिस्तानी गोलाबारी ने अरनियां कसबे सहित आसपास के गांवों में जमकर कहर बरपाया है। इससे दहशतजदा लोगों ने परिवार सहित शिविरों में शरण ली है। पिछले दिनों दो दिन ठहरने के बाद पाकिस्तान ने फिर से गोलाबारी शुरू कर दी थी। ऐसे में लोग किसी भी हालत में रात को गांव में ठहरना सुरक्षित नहीं समझ रहे हैं।

सोमवार शाम साढ़े सात बजे ही अरनिया सहित सीमावर्ती सभी गांवों में सन्नाटा पसर गया। अकेेले अरनिया कसबे की आबादी तकरीबन बीस हजार है। रविवार को रात को करीब चार सौ लोग ही मवेशियों की देखभाल के लिए गांव में रुके होंगे। बच्चे और महिलाएं तो गांव में कहीं नहीं दिखाई दीं। यही हाल गांव अला का है। यहां करीब डेढ़ सौ लोग ही ठहरे होंगे।

इसी तरह चंगिया पंचायत में 175, तरेबा में तीन हजार में से ढाई सौ, जव्वोयाल में 1800 में से सवा दो सौ से अधिक लोग नहीं रुक रहे हैं। जो कुछ लोग रात को गांव में रुक भी रहे हैं, वह हर वक्त दहशत में रहते हैं कि कहीं कोई गोला उनके घर में न आ गिरे।

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