यह देश हमारा है, हम इस देश के हैं: महबूबा मुफ्ती
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पीडीपी अध्यक्ष एवं अनंतनाग से सांसद महबूबा मुफ्ती शुक्रवार को लोकसभा में पाकिस्तान जाओ कहने वालों पर जमकर बरसीं। असहिष्णुता पर संसद में बहस में भाग लेते हुए महबूबा मुफ्ती ने कहा कि किसी को यह हक नहीं बनता कि वो किसी (मुस्लिमों) से भी पाकिस्तान जाने की बात कहे।
उन्होंने इस मामले में गुस्से का इजहार करते हुए कहा कि यह देश हमारा है और हम इस देश के हैं। हालांकि, एनडीए के घटक दल की सांसद ने इस दौरान साफ कहा कि देश में सहिष्णुता है।
उन्होंने कहा कि भारतीय मुस्लिम सही मायनों में इस्लाम का पालन करते हैं। ऐसा इसलिए भी है क्योंकि देश के बहुसंख्यक हिंदू बहुत सहिष्णु हैं। उन्होंने कहा कि जितनी सहिष्णुता हिंदुओं में है इतनी शायद किसी में नहीं।
हिंदू बेहद सहिष्णु हैं
कहा कि बाबा साहब अंबेडकर ने भी शायद हिंदुत्व से ही सहिष्णुता ली थी। महबूबा मुफ्ती ने कहा कि वैज्ञानिकों, लेखकों और कलाकारों द्वारा सम्मान लौटाना और विरोध जताना भी इस बात को पुख्ता करता है कि देश में सहिष्णुता है।
महबूबा ने कहा कि पाकिस्तान और सीरिया में मुस्लिमों की हत्या कर दी जाती है और उन्हें आवाज उठाने का हक भी नहीं है। इस दौरान दादरी कांड, गुजरात दंगों सहित अन्य सांप्रदायिक दंगों का उल्लेख करते हुए महबूबा ने कहा कि वो सब सिस्टम फेल होने की वजह से हुआ था, पर उस दौरान भी लोगों ने भावनाओं को जीवित रखा था।
महबूबा मुफ्ती ने बाबा साहिब अंबेडकर की तारीफ करते हुए कहा कि उन्होंने आज के राजनेताओं की तरह अगले चुनाव के बारे में न सोचकर आने वाली कई नस्लों के भविष्य को ध्यान में रखकर संविधान की संरचना की थी।