फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Jammu and Kashmir ›   Jammu News ›   india china news hindi, Paramveer Chakra winner Bana Singh said China ready to face consequences

परमवीर चक्र विजेता बाना सिंह बोले- भारत अब 1962 वाला देश नहीं है, चीन के सारे मुगालते दूर हो जाएंगे

Wed, 17 Jun 2020 11:31 AM IST
प्रशांत कुमार ओमपाल संब्याल, जम्मू
ओमपाल संब्याल, जम्मू Published by: प्रशांत कुमार Updated Wed, 17 Jun 2020 11:31 AM IST
विज्ञापन
india china news hindi, Paramveer Chakra winner Bana Singh said China ready to face consequences
परमवीर चक्र विजेता कैप्टन बाना सिंह - फोटो : सोशल मीडिया

पूर्वी लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा पर गलवां घाटी में सैनिकों की शहादत को परमवीर चक्र विजेता कैप्टन बाना सिंह ने दुर्भाग्यपूर्ण बताया है। देश के 21 परमवीर चक्र विजेताओं में से जीवित तीन जांबाजों में शामिल कैप्टन बाना सिंह ने कहा कि एलएसी पर गोली नहीं चली है। इसे युद्ध का मोर्चा भी नहीं कहा जा सकता। चीन ने जिस तरह से सीमा का कायदा तोड़ा है, उसकी कीमत भी चुकानी होगी। 

विज्ञापन


उन्होंने कहा कि दिलेरी में हमारे सामने चीन की सेना कहीं नही टिकती। सिंह ने कहा कि चीन अपनी फौज को पत्थर के इस्तेमाल की रणनीति सिखाकर एक अतिक्रमणकारी मुल्क की मिसाल पेश कर रहा है। एलएसी पर सैनिकों की शहादत से अब बिल्कुल अलग हालात बन गए हैं, ये भारत पर युद्ध थोपने जैसी हरकतें हैं। 
विज्ञापन


यह भी पढ़ेंः लद्दाख मे तैनात सुरक्षाबलों को दी गईं आपातकालीन शक्तियां, श्रीनगर से भेजी गईं बोफोर्स तोपें
विज्ञापन
विज्ञापन


लद्दाख के सियाचिन ग्लेशियर पर अतुलनीय पराक्रम दिखाकर सर्वोच्च वीरता पुरस्कार पाने वाले सिंह ने कहा, भारतीय फौज के पास सबसे बड़ा हथियार उसके जवानों का हौसला और साहस है। भारत अब 1962 वाला देश भी नहीं। युद्ध किसी के हित में नहीं है, लेकिन ऐसा ही चलता रहा तो चीन के सारे मुगालते भी दूर कर दिए जाएंगे। सरकार को इस पर सूझबूझ से काम लेना होगा।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed