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IND vs PAK Ceasefire: संघर्ष विराम तोड़ने का आदी रहा है पाकिस्तान, देखें पड़ोसी मुल्क ने कब-कब दिया धोखा
Sun, 11 May 2025 12:55 PM IST
शाहरुख खान
अजय मीनिया, अमर उजाला, जम्मू
अजय मीनिया, अमर उजाला, जम्मू
Published by: शाहरुख खान
Updated Sun, 11 May 2025 12:55 PM IST
सार
पाकिस्तान संघर्ष विराम तोड़ने का आदी रहा है। 2010 से लेकर 2021 तक कई बार संघर्ष विराम का फैसला हुआ है, लेकिन हर बार स्थिति वैसी ही रही। जानकर हैरानी होगी कि 2010 से लेकर 2020 तक पाकिस्तान ने 11572 बार संघर्ष विराम का उल्लंघन किया है।
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गोलाबारी से क्षतिग्रस्त मकान
- फोटो : पीटीआई
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विस्तार
भारत-पाकिस्तान में तनाव के बीच बेशक संघर्ष विराम हो गया है, लेकिन विश्वास नहीं किया जा सकता है। पाकिस्तान इसे तोड़ने का आदी है। सीमा सुरक्षा बल के सेवानिवृत्त अधिकारी ने बताया कि पड़ोसी मुल्क पर विश्वास नहीं किया जा सकता। पाकिस्तान ने हर बार भरोसा तोड़ा है।
संघर्ष विराम का उल्लंघन किया है। ये उल्लंघन आज से नहीं, बल्कि एक दशक से किया जा रहा है। 2010 से लेकर 2021 तक कई बार संघर्ष विराम का फैसला हुआ है, लेकिन हर बार स्थिति वैसी ही रही।
जानकर हैरानी होगी कि 2010 से लेकर 2020 तक पाकिस्तान ने 11572 बार संघर्ष विराम का उल्लंघन किया है। इसमें 122 सीमांत नागरिकों की मौत के साथ ही 118 सुरक्षा कर्मी बलिदान हुए। इसके अलावा 594 सुरक्षाकर्मी और 673 नागरिक की घायल हुए।
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सीमा सुरक्षा बल के जम्मू सेक्टर में सेवा दे चुके पूर्व आईजी राकेश शर्मा का बताया कि पाकिस्तान पर कभी भी भरोसा नहीं किया जा सकता। जब-जब सीजफायर हुआ है, तब-तब पाकिस्तान ने विश्वासघात किया है। इसलिए सीमा सुरक्षा बल को सतर्क रहना चाहिए। संघर्ष विराम की आड़ में आतंकियों की घुसपैठ भी करवाई है। इसलिए सतर्कता बरतनी की जरूरत है।
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संघर्ष विराम का उल्लंघन किया है। ये उल्लंघन आज से नहीं, बल्कि एक दशक से किया जा रहा है। 2010 से लेकर 2021 तक कई बार संघर्ष विराम का फैसला हुआ है, लेकिन हर बार स्थिति वैसी ही रही।
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जानकर हैरानी होगी कि 2010 से लेकर 2020 तक पाकिस्तान ने 11572 बार संघर्ष विराम का उल्लंघन किया है। इसमें 122 सीमांत नागरिकों की मौत के साथ ही 118 सुरक्षा कर्मी बलिदान हुए। इसके अलावा 594 सुरक्षाकर्मी और 673 नागरिक की घायल हुए।
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सीमा सुरक्षा बल के जम्मू सेक्टर में सेवा दे चुके पूर्व आईजी राकेश शर्मा का बताया कि पाकिस्तान पर कभी भी भरोसा नहीं किया जा सकता। जब-जब सीजफायर हुआ है, तब-तब पाकिस्तान ने विश्वासघात किया है। इसलिए सीमा सुरक्षा बल को सतर्क रहना चाहिए। संघर्ष विराम की आड़ में आतंकियों की घुसपैठ भी करवाई है। इसलिए सतर्कता बरतनी की जरूरत है।
नियंत्रण रेखा पर चार वर्षों में 800 बार संघर्ष विराम तोड़ा
बताते चलें कि 2021 में नियंत्रण रेखा पर भी सीजफायर हुआ था। इसके बावजूद पाकिस्तान सेना ने राजौरी, पुंछ, कुपवाड़ा और बारामुला में नियंत्रण रेखा पर हर वर्ष संघर्ष विराम तोड़ा। चार वर्षों में नियंत्रण रेखा पर 800 से अधिक बार संघर्ष विराम तोड़ा है। इसमें 90 लोगों की मौत और 50 से ज्यादा जवान बलिदान हुए हैं।
बताते चलें कि 2021 में नियंत्रण रेखा पर भी सीजफायर हुआ था। इसके बावजूद पाकिस्तान सेना ने राजौरी, पुंछ, कुपवाड़ा और बारामुला में नियंत्रण रेखा पर हर वर्ष संघर्ष विराम तोड़ा। चार वर्षों में नियंत्रण रेखा पर 800 से अधिक बार संघर्ष विराम तोड़ा है। इसमें 90 लोगों की मौत और 50 से ज्यादा जवान बलिदान हुए हैं।
सीजफायर का इतिहास पुराना... संघर्ष विराम उल्लंघन का भी
भारत और पाकिस्तान में तनाव के बीच शनिवार शाम संघर्ष विराम की राहत भरी खबर आई। हालांकि पुराने जानकारों के अंदेशे को हकीकत में बदलते हुए पाकिस्तान ने इसके चंद घंटे बाद ही सीजफायर का उल्लंघन करते हुए भारतीय शहरों को निशाना बनाना शुरू कर दिया।
भारत और पाकिस्तान में तनाव के बीच शनिवार शाम संघर्ष विराम की राहत भरी खबर आई। हालांकि पुराने जानकारों के अंदेशे को हकीकत में बदलते हुए पाकिस्तान ने इसके चंद घंटे बाद ही सीजफायर का उल्लंघन करते हुए भारतीय शहरों को निशाना बनाना शुरू कर दिया।
पाकिस्तान के लिए ये कोई नई बात नहीं। अगर इतिहास में झांकें तो भारत के पाकिस्तान के साथ संघर्ष विराम और पाकिस्तान के सीजफायर का एक पूरा ब्योरा है। तारीख दर तारीख में ब्योरा इतिहास में कुछ यूं दर्ज है।
भारत -पाकिस्तान के बीच कब कितने संघर्ष विराम उल्लंघन
गृहमंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार
| 2018 | 2140 |
| 2019 | 347 |
| 2020 | 5133 |
| 2022-2024 | तीन बार |
1949- भारत और पाकिस्तान के बीच पहला औपचारिक सीजफायर हुआ।
1965 -भारत और पाकिस्तान की सेनाएं आमने-सामने थीं, जब सोवियत संघ और तत्कालीन संयुक्त राज्य अमेरिका के हस्तक्षेप के बाद दोनों देशों में सीजफायर हुआ।
1971- भारत की पाकिस्तान पर युद्ध में जीत के साथ ही सीजफायर।
1999- भारत की कारगिल में पाकिस्तान पर जीत के साथ ही सीजफायर।
2003-अटल बिहारी वाजपेयी सरकार के दौरान सीजफायर।
यह भी पढ़ें: IND vs PAK Ceasefire: खाने बैठे तभी धमाके... जो सोने की तैयारी में थे उनकी नींद उड़ी; चिंता में गुजरी रात
1965 -भारत और पाकिस्तान की सेनाएं आमने-सामने थीं, जब सोवियत संघ और तत्कालीन संयुक्त राज्य अमेरिका के हस्तक्षेप के बाद दोनों देशों में सीजफायर हुआ।
1971- भारत की पाकिस्तान पर युद्ध में जीत के साथ ही सीजफायर।
1999- भारत की कारगिल में पाकिस्तान पर जीत के साथ ही सीजफायर।
2003-अटल बिहारी वाजपेयी सरकार के दौरान सीजफायर।
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