12 साल में पहली बार सरहद पर पाक ने तोड़ी सारी सीमाएं
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वर्ष 2015 को सीमांत इलाकों के ग्रामीण भूलना भी चाहें तो नहीं भूल पाएंगे। संघर्ष विराम के 12 साल के अंतराल में पहली बार सीमाओं पर पाक की तरफ से भारी गोलाबारी की गई।
इसमें रिहायशी इलाकों को निशाना बनाया गया। दर्जन भर लोगों की मौत हो गई और सैकड़ों घायल हो गए। हजारों लोगों को कई बार अपना घर छोड़ना पड़ा।
साल के पहले दिन से ही पाक ने गोलाबारी शुरू कर दी थी। जो सालभर रुक-रुक कर होती रही। पाकिस्तान ने एलओसी से लेकर इंटरनेशनल बार्डर तक रिहायशी इलाकों को निशाना बनाया।
इसमें सीजन की हजारों हेक्टेयर भूमि पर फसल तक नहीं लग पाई। सुरक्षा बलों के कई जवानों को भी अपनी जान गंवानी पड़ी। हर बार की तरह इस साल भी ग्रामीणों को सुरक्षित स्थानों पर प्लाट नहीं मिले।
131 बार बार्डर पर निशाना
इस साल पाकिस्तान ने सबसे ज्यादा इंटरनेशनल बार्डर को निशाना बनाया। बार्डर पर 131 बार संघर्ष विराम का उल्लंघन किया। इसमें 10 नागरिकों, तीन सुरक्षा कर्मियों की मौत हो गई।
एलओसी पर 98 बार संघर्ष विराम की उल्लंघन की घटनाएं हुईं। इसमें सात सुरक्षाकर्मी और 10 नागरिक मारे गए। इससे पहले 2009 की बात करें तो एलओसी पर 28 बार सीजफायर उल्लंघन हुआ, इसमें चार सुरक्षाकर्मी मारे गए।
आईबी पर 7 बार उल्लंघन हुआ, इसमें एक सुरक्षाकर्मी शहीद हुआ और नागरिक कोई नहीं। 2010 में एलओसी पर 44, आईबी पर 26 बार पाकिस्तान ने गोलाबारी की।
इसमें एलओसी पर 3 और आईबी पर 2 सुरक्षाकर्मियों को शहादत देनी पड़ी। एलओसी पर दो नागरिक भी मारे गए। 2011 में एलओसी पर 51 बार, आईबी पर 11 बार गोलाबारी हुई।
इन दोनों जगह दो सुरक्षाकर्मी शहीद हुए, नागरिक कोई नहीं। 2012 में एलओसी पर 69, आईबी पर 23 बार सीजफायर उल्लंघन की घटनाएं हुईं। दोनों जगह चार सुरक्षाकर्मी और तीन नागरिकों की मौत हुई।
2013 में एलओसी पर 92 और आईबी पर 24 बार पाकिस्तान ने नापाक हरकतें कीं। दोनों जगह 11 सुरक्षाकर्मी शहीद हुए, नागरिक कोई नहीं। इसी तरह 2014 में एलओसी पर 51, आईबी पर 38 घटनाएं हुईं। दोनों जगह 10 सुरक्षाकर्मी और 11 नागरिक मारे गए।
तीन महीने रहे खतरनाक
जनवरी
1 और 2 जनवरी-सांबा, कठुआ, मकान ढहे, एक जवान घायल
3 जनवरी-सांबा कठुआ, दो जवान शहीद, महिला की मौत, 18 जख्मी
5 जनवरी- सांबा कठुआ, जवान शहीद, दो जवान घायल, दो नागरिक घायल
जुलाई
5 जुलाई-नौगाम और अरनिया, जवान शहीद
7 जुलाई- सुंदरबनी, एक जवान जख्मी
15 जुलाई- अखनूर, ज्यौड़ियां, दोमाना, महिला की मौत, छह नागरिक जख्मी,
16 जुलाई- पुंछ, आरएस पुरा, चार नागरिक घायल
अगस्त
5 और 6 अगस्त- आरएस पुरा, अखनूर, एक नागरिक की मौत, जवान और एक नागरिक घायल
16 अगस्त- जम्मू, पुंछ, राजोरी, 6 नागरिक मरे, 40 घायल
28 अगस्त-आरएस पुरा, अरनिया, 3 नागरिकों की मौत, 15 घायल
अक्तूबर
23, 24, 25 अक्तूबर- सांबा, 7 नागरिक जख्मी