फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Jammu and Kashmir ›   Jammu News ›   In the last two and a half decades, this trend of explosions that originated from the Valley reached Delhi.

J&K: कश्मीर में कार बम विस्फोट करने का सिलसिला पुराना है, पिछले ढाई दशक का खौफनाक ट्रेंड अब दिल्ली तक पहुंचा

Sat, 15 Nov 2025 02:31 PM IST
निकिता गुप्ता अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू
अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू Published by: निकिता गुप्ता Updated Sat, 15 Nov 2025 02:31 PM IST
सार

कश्मीर घाटी में पिछले ढाई दशक में कार बम के कई आत्मघाती हमले हुए हैं, जिनमें 2001 श्रीनगर सचिवालय और 2019 पुलवामा हमला सबसे घातक रहे। इन हमलों में दर्जनों जवान और निर्दोष नागरिक मारे गए, जबकि आतंकियों ने जैश-ए-मोहम्मद के नेतृत्व में इन हमलों की जिम्मेदारी ली।

विज्ञापन
In the last two and a half decades, this trend of explosions that originated from the Valley reached Delhi.
आरोपी डॉ. उमर नबी का घर पुलवामा में विस्फोट से ध्वस्त - फोटो : बसित जरगर

विस्तार

पिछले ढाई दशक के दौरान कश्मीर घाटी से निकला कार के जरिए विस्फोट करने का ट्रेंड अब दिल्ली तक पहुंच चुका है। वर्ष 2001 में श्रीनगर में सचिवालय के पास और दूसरी बार कार बम का सबसे भीषण प्रयोग आतंकियों ने फरवरी 2019 में पुलवामा में किया था।

विज्ञापन


इस हमले में 40 से ज्यादा जवान बलिदान हुए थेे। इसी हमले के बाद भारतीय सेना ने एयर स्ट्राइक कर पाकिस्तान स्थित आतंकी ठिकानों को नेस्तनाबूद कर दिया था। कश्मीर संभाग में पिछले 25 साल के दौरान करीब एक दर्जन आतंकी हमलों में कार या किसी अन्य वाहन का बम के तौर पर इस्तेमाल किया गया है। इनमें से तीन फिदायीन कार हमले थे। कश्मीर में सबसे पहला आत्मघाती कार बम विस्फोट 2001 में श्रीनगर सचिवालय के बार हुआ था। आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद ने इसकी जिम्मेदारी ली थी। इस आत्मघाती कार बम विस्फोट में 38 लोगों की मौत हो गई थी और 40 से ज्यादा निर्दोष घायल हुए थे।
विज्ञापन


इस हमले के करीब चार साल बाद 13 जून 2005 को पुलवामा में एक सरकारी स्कूल के सामने भीड़ भरे बाजार में विस्फोटकों से लदी एक कार में विस्फोट हुआ था। हमले में दो स्कूली बच्चों सहित 13 नागरिक और तीन सीआरपीएफ अधिकारी मारे गए थे। 100 से अधिक लोग घायल हो गए। इस हमले की भी जिम्मेदारी जैश-ए-मोहम्मद ने ली थी।
विज्ञापन
विज्ञापन


आतंकियों ने तीसरी बार कार बम का सबसेे विध्वंसकारी प्रयोग करीब 14 साल बाद पुलवामा में ही किया। 14 फरवरी 2019 को जम्मू से श्रीनगर जा रहे सीआरपीएफ के काफिले पर जैश के आत्मघाती आतंकी आदिल अहमद डार ने तीन क्विंटल से ज्यादा विस्फोटकों से लदी कार से हमला किया। हमले में 40 जवान शहीद हो गए थे। 2001 के बाद यह कश्मीर में दूसरा सबसे घातक कार बम से किया गया हमला था।

  • 2001 में श्रीनगर सचिवालय के पास कार बम धमाके में 36 लोग मारे गए थे
  • 2005 में पुलवामा में स्कूल के पास धमाके में 13 लोगों की गई थी जान
  • फरवरी 2019 में पुलवामा में कार बम की चपेट में आए 40 सीआरपीएफ जवान हुए थे बलिदान
  • तीनों हमलों की आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद ने ली थी जिम्मेदारी

ज्यादा नुकसान करने का जरिया बना कार बम
गोलीबारी कर या फिर बाइक व अन्य किसी वाहन से हमला करने की बजाए कार बम का प्रयोग काफी नुकसान पहुंचाता है क्योंकि इसमें कई क्विंटल विस्फोटक एक जगह से दूसरे जगह ले जाने में काफी आसानी होती है और विस्फोट करने पर व्यापक जानमाल की हानि होती है। कुछ पूर्व सैन्य अधिकारी कहते हैं ऐसे हमलों में अक्सर सिर्फ कार चलाने वाला ही मारा जाता है जबकि आमने-सामने की गोलीबारी मेंं आतंकी सेना के सामने टिक नहीं पाते हैं। जवान उन्हें छलनी कर देते हैं। इसीलिए अपने एक साथी को गंवा कर वह व्यापक नुकसान करने का माध्यम कार बम को अपनाते हैं।

कार बम से विस्फोट कर आतंकी ज्यादा नुकसान पहुंचाने की सोच रखते हैं। दिल्ली में लाल किले पर हुए विस्फोट में भी यही हुआ है। सुरक्षा एजेंसियों की सतर्कता काम आई और धमाका करने के लिए तैयार की जा रही 32 कारों को समय से पहले ही ट्रैक कर खतरनाक मंसूबे नाकाम कर दिए गए। सेना व जम्मू-कश्मीर पुलिस मुंहतोड़ जवाब दे रही है। -एसपी वैद, पूर्व डीजीपी, जम्मू-कश्मीर पुलिस
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed