फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Jammu and Kashmir ›   Jammu News ›   in kashmir water level comes down not difficulties

15 दिन में स्वर्ग से नरक बनी घाटी, बढ़ी मुसीबतें

Mon, 22 Sep 2014 12:43 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, श्रीनगर
ब्यूरो/अमर उजाला, श्रीनगर Updated Mon, 22 Sep 2014 12:43 AM IST
विज्ञापन
 in kashmir water level comes down not difficulties

लाल चौक सहित श्रीनगर शहर के कुछ इलाकों में अब बाढ़ का पानी नहीं है अथवा घट गया है। पर लोगों की मुसीबतें अभी भी जस की तस बनी हुईं हैं। श्रीनगर के सबसे व्यस्त रहने वाले लाल चौक में जहां बीते 15 दिन पहले दिनभर चहल पहल रहा करती थी, वहां अब पूरी तरह से सन्नाटा पसरा हुआ है।

विज्ञापन


अगर कुछ है तो मलबे के ढेर और दुकानदारों के मायूस चेहरे। रेजीडेंसी रोड, अप मार्केट लांबर्ट लेन में दुकान करने वाले निसार अहमद वाणी बताते हैं कि कब लाल चौक पहले जैसा हो पाएगा यह कह पाना बहुत मुश्किल है। वाणी कहते हैं कि दुकान में जो सामान था सब बर्बाद हो गया, पर खुदा का शुक्र है कि जिंदगियां बच गईं।
विज्ञापन


उनका परिवार सलामत है। एक अन्य दुकानदार मुदस्सर अहमद का कहना है कि सरकार की ओर से प्रशासन को सफाई करने के निर्देश जारी किए गए हैं, ऐसा सुनने में आया था। पर यहां शहर के सबसे प्रमुख बाजार में सड़कों पर जो गंदगी फैली हुई है, उससे नहीं लगता कि सरकार और प्रशासन सफाई को लेकर गंभीर हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


सरकार और प्रशासन से ज्यादा मदद न मिल पाने के चलते लोगों की चिंताएं और बढ़ गईं हैं। लोगों को समझ नहीं आ रहा है कि जीवन को फिर से पटरी पर लाने की जद्दोजहद कहां से शुरू करें।

रेलवे ट्रैक कहीं वरदान तो कहीं मुसीबत
कश्मीर में शुरू हुई बारामुला-बनिहाल ट्रेन सेवा जहां कुछ इलाकों के लिए वरदान साबित हुई तो वहीं बाढ़ पीड़ित कुछ इलाकों में मुसीबत भी बनी। गुलजारपोरा के गुलाम नबी हाजम बताते हैं कि उनके गांव में रेलवे ट्रैक 15 से 20 ऊंचे बांध पर बनाया गया है। इससे ट्रैक के दोनों ओर पानी भर गया है।


हाजम का कहना है कि अगर रेलवे ट्रैक 15 से 20 फीट की ऊंच्राइ पर नहीं बनाया गया होता तो उनके गांव में 8 से 10 फुट तक पानी नहीं भरता। लोगों का कहना है कि रेलवे ट्रैक निर्माण से जुड़े इंजीनियरों को चाहिए था कि बांध बनाते समय कुछ-कुछ दूरी पर गैप बनाए जाते, पर ऐसा नहीं किया गया जिससे गांव में पानी भर गया। पर वहीं, दक्षिण कश्मीर के लोगों के लिए यही बांध वरदान साबित हुए और पानी उनके क्षेत्र में नहीं घुस पाया।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed