श्रीनगर में लगेगा सी-बैंड Doppler Radar
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भारतीय मौसम विभाग की ओर से श्रीनगर में सी-बैंड पांच सौ किलोमीटर परिधि क्षमता वाला डापलर राडार स्थापित करने जा रहा है। यह डापलर राडार की सुविधा अगले दो वर्षों में हो जाएगी जिससे जम्मू कश्मीर के मौसम की सही जानकारी लोगों तक पहुंच सकेगी।
इस आशय की जानकारी श्रीनगर मौसम विभाग द्वारा राज्य के राज्यपाल एनएन वोहरा को दी गई जो रामबाग के मौसम विभाग का दौरा करने पहुंचे थे। इस दौरे के दौरान राज्यपालप ने झेलम बांध व शहर के कई हिस्सों का राज्यपाल ने मुआयना किया। गौरतलब है कि राज्यपाल श्री अमरनाथ श्राइन बोर्ड के चेयरमैन भी हैं।
सी-बैंड डापलर राडार की क्षमता लग जाने से राज्य में भारी बारिश, बादल फटने, बर्फबारी व बर्फीले तूफान जैसी प्राकृतिक आपदाओं की पूर्व जानकारी सही तरीके से मिल सकेगी। राज्यपाल ने श्रीनगर मौसम विभाग में लगाए गए नए एक्स बैंड राडार का मुआयना किया तथा इसकी खासियत के बारे में पूरी जानकारी मौसम विभाग के निदेशक सोनम लोटस द्वारा दी गई।
राडार बताएगा कब आएगी बाढ़
इस नए राडार सौ किलोमीटर परिधि क्षमता वाला है जिससे फिलहाल राज्य के मौसम के बारे में पूरी जानकारी मिल रही है। इस संदर्भ में मौजूदा बाढ़ की स्थिति को देखते हुए और पहले से ही राज्यपाल केंद्रीय विज्ञान व तकनीकी मंत्रालय व अर्थ साइंस से संपर्क में हैं ताकि यहां पर सी -बैंड डापलर राडार को स्थापित किया जा सके।
इस नई राडार सुविधा से मौसम की सही जानकारी ही नहीं मिल सकेगी बल्कि बाढ़ की स्थिति के बारे में भी लोग अवगत हो सकेंगे।
बताया जा रहा है कि इस सी-बैंड डापलर राडार के जरिए माता वैष्णो देवी व खासकर अमरनाथ यात्रा पर आने वाले श्रद्धालुओं को भी काफी हद तक मौसम विभाग द्वारा सही जानकारी मिल सकेगी। राज्यपाल से लोटस ने राज्य में 1 व 4 अप्रैल तक खराब रहने के बारे में बताया।
65 सड़कें, 66 ब्रिज क्षतिग्रस्त
पब्लिक वर्क्स के राज्यमंत्री सुनील कुमार शर्मा ने विधानसभा को सूचित किया कि सितंबर 2014 में आई बाढ़ में सूरनकोट विधानसभा क्षेत्र की 65 सड़कें बुरी तरह टूट गईं।
इसके अलावा 66 ब्रिज क्षतिग्रस्त हुई, जिनमें से 47 आंशिक रूप से टूटे। चौधरी मोहम्मद अकरम के सवाल पर राज्यमंत्री ने कहा कि मुगल रोड पर पीर की गली से लेकर बफलियाज तक 43.60 किलोमीटर सड़क क्षतिग्रस्त हुई हैं।
मंत्री ने अन्य क्षतिग्रस्त सड़कों का ब्योरा देते हुए सूचित किया कि इन सड़कों को जल्द पूरा किया जाएगा।