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'ट्विटर पर मुझे टैग वैग मत कर, अगर मेरी भलाई चाहता है', पढ़ें ऐसा क्यों बोले आईजी एसडी सिंह जमवाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
Updated Fri, 30 Nov 2018 03:06 AM IST
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जम्मू संभाग के आईजी पुलिस एसडी सिंह जमवाल ने ट्रैफिक पुलिस के पूर्व आईजी बसंत रथ को सलाह दी है कि यदि उनकी भलाई चाहते हैं तो वह उनको ट्विटर पर टैग करना बंद कर दें। एक रेडियो चैनल में पहुंचे जमवाल ने रथ को फोन पर यह सब कहा। रथ ने यह फोन तब किया था, जब आईजी जमवाल आन एयर थे।
जमवाल ने इसका एक वीडियो भी अपने आफिशियल फेसबुक पर शेयर किया है। यह बात सब जानते है कि बसंत रथ ने ट्रैफिक पुलिस से हटाए जाने के बाद अपने फेसबुक अकाउंट पर विदाई पत्र लिखा, जिसमें उन्होंने आईजी जमवाल को सर कहकर तारीफों के पुल बांधे थे।
28 नवंबर को आईजी जमवाल एक रेडियो चैनल पर आन एयर हुए।
तभी वहां आईजी बसंत रथ का फोन आया। बसंत ने फोन करते ही आरजे के हैलो कहने पर जम्मू के यूथ पर हमला बोल दिया। कहा कि जम्मू-कश्मीर का यूथ अपनी लाइफ को सीरियस नहीं लेता, न कोई ड्राइविंग सेंस है, न सीट बेल्ट पहनते हैं, न हेलमेट।
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बस टीवी पर लगे रहते हैं। अपने टाइम में सीरियस नहीं, इंटरनेट पर लगे रहते हैं। बस सोशल मीडिया का प्रयोग। तभी आरजे बसंत से कहता है कि वह स्टूडियो में बैठे एक लाइन से उनकी बात कराते हैं।
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जमवाल ने इसका एक वीडियो भी अपने आफिशियल फेसबुक पर शेयर किया है। यह बात सब जानते है कि बसंत रथ ने ट्रैफिक पुलिस से हटाए जाने के बाद अपने फेसबुक अकाउंट पर विदाई पत्र लिखा, जिसमें उन्होंने आईजी जमवाल को सर कहकर तारीफों के पुल बांधे थे।
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28 नवंबर को आईजी जमवाल एक रेडियो चैनल पर आन एयर हुए।
तभी वहां आईजी बसंत रथ का फोन आया। बसंत ने फोन करते ही आरजे के हैलो कहने पर जम्मू के यूथ पर हमला बोल दिया। कहा कि जम्मू-कश्मीर का यूथ अपनी लाइफ को सीरियस नहीं लेता, न कोई ड्राइविंग सेंस है, न सीट बेल्ट पहनते हैं, न हेलमेट।
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बस टीवी पर लगे रहते हैं। अपने टाइम में सीरियस नहीं, इंटरनेट पर लगे रहते हैं। बस सोशल मीडिया का प्रयोग। तभी आरजे बसंत से कहता है कि वह स्टूडियो में बैठे एक लाइन से उनकी बात कराते हैं।
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तभी आईजी जमवाल बोलते हैं- बसंत...। आगे से जवाब आता है हैलो...। जमवाल फिर बोलते हैं- हां, बसंत...। बसंत का जवाब आता है- गुड इवनिंग सर। फिर जमवाल कहते हैं कि टाइगर जिंदा है। तू भी जिंदा है।
तभी बसंत हंस-हंस कर लोटपोट होते हैं। फिर जमवाल कहते हैं कि यह तू जो लोगों को लेक्चर देता है, किस मुंह से? तू मुझसे बात कर रहा है, तुझे गुस्सा आता है। तूने ही सबसे ज्यादा यूथ को बिगाड़ा है।
तभी बसंत कहते हैं कि सर, मैंने जम्मू-कश्मीर में बहुत काम किया है। इस पर जमवाल कहते हैं कि ट्विटर पर टैग-बैग करना बंद कर दे, अगर मेरी भलाई चाहता है तो। तेरा कुछ होगा नहीं, तेरा कुछ बनेगा नहीं। आई हैव गीवन अपान यू। तू जहां बैठा है, वहीं बैठा रह। इसके बाद फोन कट जाता है।
तभी बसंत हंस-हंस कर लोटपोट होते हैं। फिर जमवाल कहते हैं कि यह तू जो लोगों को लेक्चर देता है, किस मुंह से? तू मुझसे बात कर रहा है, तुझे गुस्सा आता है। तूने ही सबसे ज्यादा यूथ को बिगाड़ा है।
तभी बसंत कहते हैं कि सर, मैंने जम्मू-कश्मीर में बहुत काम किया है। इस पर जमवाल कहते हैं कि ट्विटर पर टैग-बैग करना बंद कर दे, अगर मेरी भलाई चाहता है तो। तेरा कुछ होगा नहीं, तेरा कुछ बनेगा नहीं। आई हैव गीवन अपान यू। तू जहां बैठा है, वहीं बैठा रह। इसके बाद फोन कट जाता है।
यह मजाक या चेतावनी
अब इसे एसडी सिंह जमवाल की बसंत रथ को चेतावनी समझा जाए या फिर मजाक। फिलहाल यह दोनों अधिकारी ही बता सकते हैं, लेकिन इस तरह से आन एयर दो आईपीएस अधिकारियों के बीच बातचीत होना, अपने आप में चर्चा का विषय है।
यह लिखा था बसंत ने विदाई पत्र में
बसंत ने लिखा था कि पूर्व डीजीपी के राजिंद्रा ने एसएसपी रहते उन्हें हटाने के लिए पूरा जोर लगाया, लेकिन जमवाल सर आपने मेरा साथ दिया और राजिंद्रा को अपने कदम खींचने पर मजबूर कर दिया।
अब इसे एसडी सिंह जमवाल की बसंत रथ को चेतावनी समझा जाए या फिर मजाक। फिलहाल यह दोनों अधिकारी ही बता सकते हैं, लेकिन इस तरह से आन एयर दो आईपीएस अधिकारियों के बीच बातचीत होना, अपने आप में चर्चा का विषय है।
यह लिखा था बसंत ने विदाई पत्र में
बसंत ने लिखा था कि पूर्व डीजीपी के राजिंद्रा ने एसएसपी रहते उन्हें हटाने के लिए पूरा जोर लगाया, लेकिन जमवाल सर आपने मेरा साथ दिया और राजिंद्रा को अपने कदम खींचने पर मजबूर कर दिया।