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कश्मीरियों का अगर दिल जीतना है तो केंद्र बहाल करे स्वायत्तताः फारूक अब्दुल्ला

Mon, 30 Oct 2017 11:57 AM IST
amarujala.com- Presented by: चंद्रा पाण्डेय
amarujala.com- Presented by: चंद्रा पाण्डेय Updated Mon, 30 Oct 2017 11:57 AM IST
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If the Kashmiris have to win hearts, then restore the center Autonomy
- फोटो : BASIT ZARGAR

नेशनल कांफ्रेंस के अध्यक्ष निर्वाचित होने के बाद रविवार को डा. फारूक अब्दुल्ला कश्मीर नीति के लिए मोदी सरकार पर खूब बरसे। उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर को और स्वायत्तता की जरूरत है। पार्टी स्वायत्तता तथा अनुच्छेद 370 के लिए लगातार संघर्ष करती रहेगी। इसके लिए प्रतिनिधि सत्र में प्रस्ताव भी पारित किया गया। यदि केंद्र सरकार कश्मीरियों का दिल जीतना चाहती है तो उसे स्वायत्तता को बहाल करना होगा।

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प्रतिनिधि सत्र में उन्होंने कहा कि जम्मू, कश्मीर और लद्दाख तब तक उन्हें स्वीकार नहीं करेंगे जब तक लोगों के हृदय को जीतने की कोशिश नहीं होगी। यदि वह लोगों का दिल जीतना है तो स्वायत्तता को लौटाना होगा। उन्होंने स्वायत्तता पर कांग्रेस नेता पी चिदंबरम का समर्थन किया जिसमें उन्होंने कहा था कि केंद्र को और स्वायत्तता देने पर विचार करना चाहिए। हालांकि, कई साल तक सत्ता में रहने के बाद भी स्वायत्तता के मुद्दे पर कांग्रेस की ओर से उठाए गए कदमों पर उन्होंने अफसोस जताया। कहा कि कांग्रेस ने सब कुछ छीन लिया जो उनका अपना था। इसलिए कृपापूर्वक सब लौटा दें। इंतजार किस बात का है।
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एक अन्य प्रस्ताव में कहा गया कि कश्मीर मुद्दे का हल आंतरिक तथा बाह्य हितधारकों के साथ बातचीत से ही निकाला जा सकता है। खासकर अलगाववादियों तथा पाकिस्तान से बातचीत। हाल ही में केंद्र सरकार की ओर से बातचीत के लिए प्रतिनिधि को नियुक्त किए जाने का मकसद स्पष्ट होना चाहिए, ताकि बातचीत की प्रक्रिया की पवित्रता कायम रहे। कश्मीर मसले का सियासी हल निकाले जाने तक यहां शांति स्थापित नहीं हो सकती।
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सेना की बदौलत शांति स्थापित करने का प्रयास काफी खतरनाक है तथा यह लोगों में अलगाववाद की भावना को पैदा करता है। पार्टी ने भारत तथा पाकिस्तान दोनों से सकारात्मक बातचीत प्रक्रिया शुरू किए जाने की अपील की। दोनों देशों के बीच कटुता का रियासत सबसे बड़ा भुक्तभोगी है। दोनों देशों के बीच आपसी सहयोग तथा शांति के बिना किसी को लाभ मिलने वाला नहीं। इसके लिए शिमला समझौते तथा लाहौर घोषणा को फिर से ताजा करने की जरूरत है। 

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