{"_id":"5c38aea7bdec227390330743","slug":"ied-blast-in-naushera-sector-rajouri-jammu-kashmir-major-and-jawan-martyred","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"जम्मू-कश्मीर: नौशेरा सेक्टर में एलओसी पर दो आईईडी ब्लास्ट, एक मेजर व एक जवान शहीद","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जम्मू-कश्मीर: नौशेरा सेक्टर में एलओसी पर दो आईईडी ब्लास्ट, एक मेजर व एक जवान शहीद
Fri, 11 Jan 2019 08:26 PM IST
Priyesh Mishra
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
Published by: Priyesh Mishra
Updated Fri, 11 Jan 2019 08:26 PM IST
विज्ञापन
निरंतर एक्सेस के लिए सब्सक्राइब करें
सार
- आतंकियों की ओर से आईईडी किया गया था प्लांट
- सेना के गश्ती दल को निशाना बनाने की थी साजिश
- पाकिस्तानी सेना के बैट हमले को लेकर अलर्ट जारी
आगे पढ़ने के लिए लॉगिन या रजिस्टर करें
अमर उजाला प्रीमियम लेख सिर्फ रजिस्टर्ड पाठकों के लिए ही उपलब्ध हैं
अमर उजाला प्रीमियम लेख सिर्फ सब्सक्राइब्ड पाठकों के लिए ही उपलब्ध हैं
फ्री ई-पेपर
सभी विशेष आलेख
सीमित विज्ञापन
सब्सक्राइब करें
एलओसी
- फोटो :
फाइल
विस्तार
जम्मू-कश्मीर के राजोरी जिले के नौशेरा इलाके के लाम सेक्टर में शुक्रवार को दो आईईडी ब्लास्ट में एक मेजर समेत दो जवान शहीद हो गए। दो अन्य जवान घायल है। सैन्य सूत्रों के अनुसार आतंकियों की ओर से एलओसी पर आईईडी प्लांट किया गया था ताकि सेना के गश्ती दल को निशाना बनाया जा सके। सेना ने आईईडी ब्लास्ट तथा पाकिस्तानी सेना के बैट हमले को लेकर अलर्ट जारी किया है।लाम सेक्टर में शुक्रवार को सेना की लाम बटालियन 2/1 जीआर के तीन जवान गश्त के दौरान आईईडी ब्लास्ट में गंभीर रूप से घायल हो गए। तीनों को अस्पताल में उपचार के लिए लाया गया। इनमें से एक जवान ने दम तोड़ दिया। घायल सूबेदार व नायक का उपचार चल रहा है। उसी जगह शाम पौने छह बजे एक और आईईडी ब्लास्ट हुआ, जिसमें सेना के एक मेजर शहीद हो गए। बताया जा रहा है कि आईईडी ब्लास्ट में सेना की एक जिप्सी भी उड़ गई है।
शहीद मेजर की पहचान एस नायर और जवान की पहचान राइफलमैन जीवन गुरुंग के रूप में हुई है।
सैन्य सूत्रों के अनुसार पाकिस्तानी बैट टीम ने नौशेरा सेक्टर के पुखरणी इलाके की रूपमति पोस्ट के पास पहला आईईडी विस्फोट किया। इसमें भारतीय सेना के तीन जवान घायल हो गए। तीनों घायलों को लेने जब सेना के अन्य जवान व अधिकारी घटनास्थल पर पहुंचे तो एक और विस्फोट हुआ, जिसमें सेना की 2/1 गोरखा रेमीमेंट के मेजर रैंक के अधिकारी एसजी नायर शहीद हो गए। पहले विस्फोट में घायल तीन जवानों में से एक राइफलमैन जी गुरंग की बिगड़ती हालत को देखते हुए उधमपुर स्थित सेना के अस्पताल भेजा गया था, लेकिन उसने उपचार के दौरान दम तोड़ दिया।
सैन्य सूत्रों के अनुसार पाकिस्तानी सेना की मदद से बैट टीम के कुछ सदस्यों ने भारतीय क्षेत्र में घुसपैठ कर रूपमति पोस्ट के पास दो आईईडी लगाई थी। भारतीय सेना के जवान जब आईईडी के ऊपर से गुजरे तभी उसमें विस्फोट हो गया, जिसमें तीनों जवान घायल हुए।
कई आतंकियों के घुसपैठ करने की आशंका
सैन्य सूत्रों की मानें तो पाकिस्तानी सेना ने पुखरणी इलाके में बैट टीम से आईईडी लगवाने के बाद कई आतंकियों की घुसपैठ करवाने की कोशिश की। ऐसा बताया जा रहा है कि जब एक के बाद एक आईईडी विस्फोट में मेजर व जवान शहीद हुए तो नियंत्रण रेखा के उस पार से आतंकवादियों के एक ग्रुप ने घुसपैठ का प्रयास किया। सूत्रों की मानें तो आतंकवादियों ने घुसपैठ के प्रयास के दौरान भारतीय सेना पर ग्रेनेड भी फेंके, हालांकि वे घुसपैठ में सफल नहीं हो पाए।
जम्मू-कश्मीर: एलओसी पर 11 दिन में नवीं बार पाक ने तोड़ा सीजफायर, सेना के पोर्टर की मौत
भारतीय सेना की तरफ से मुंहतोड़ जवाब मिलने से पाकिस्तानी सेना लगातार गोलीबारी के मोर्चे बदलने को मजबूर हो रही है। यही वजह है कि शुक्रवार को दोपहर बाद उसने पुंछ जिले से अपने मोर्चे को बदलते हुए सुंदरबनी में सीजफायर का उल्लंघन किया। इस गोलाबारी में भारतीय सेना का एक पोर्टर जख्मी हुआ है। उसे उपचार के लिए हवाई मार्ग से उधमपुर भेजा गया है। जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
पुलिस के अनुसार हेमराज पुत्र ताराचंद निवासी कलासरा जो दादल क्षेत्र में सेना के पोर्टर के तौर पर काम करता था। शुक्रवार को दोपहर में 3:30 बजे पाकिस्तान ने हल्के हथियारों से गोलाबारी शुरू कर दी। हेमराज के पैर में गोली लगने से वह गंभीर रूप से घायल हो गया। उसे सीमा पर बने सेना के अस्थायी चिकित्सा केंद्र पहुंचाया गया। वहां प्राथमिक उपचार के बाद उसे हवाई मार्ग से उधमपुर भेजा गया। जहां इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया।
पुंछ की तरह सुंदरबनी में भी भारतीय सेना ने पाकिस्तान को करारा जवाब दिया। भारतीय सेना के जवान पहले से ही सतर्क थे। इसलिए जैसे ही पाकिस्तान की तरफ से गोलीबारी शुरू की गई, भारतीय सेना के जवानों ने फायर झोंकना शुरू कर दिया। इसके चलते 10 मिनट में ही पाकिस्तानी सेना की बंदूकें शांत हो गईं। ऐसे में एक बार फिर पाकिस्तान को कड़ा सबक मिला है, जिससे वह आतंकी घुसपैठ की अपनी मंशा में कामयाब नहीं हो पाया।
गौरतलब है कि पाकिस्तान ने वीरवार को पुंछ जिले में नियंत्रण रेखा पर दिगवार सेक्टर में गोलाबारी की थी। यह दस दिन में सीजफायर उल्लंघन का आठवां मामला था। 11 दिनों में एलओसी पर सीजफायर उल्लंघन की सबसे ज्यादा छह वारदातें करमाड़ा सेक्टर में हुईं। दरअसल पाकिस्तान गोलीबारी की आड़ में आतंकियों को भारतीय क्षेत्र में घुसपैठ करवाना चाहता है, लेकिन भारतीय सेना की सतर्कता की वजह से वह ऐसा नहीं कर पा रहा है। इसीलिए उसने अब सुंदरबनी को भी निशाना बनाना शुरू किया है।
पुलिस के अनुसार हेमराज पुत्र ताराचंद निवासी कलासरा जो दादल क्षेत्र में सेना के पोर्टर के तौर पर काम करता था। शुक्रवार को दोपहर में 3:30 बजे पाकिस्तान ने हल्के हथियारों से गोलाबारी शुरू कर दी। हेमराज के पैर में गोली लगने से वह गंभीर रूप से घायल हो गया। उसे सीमा पर बने सेना के अस्थायी चिकित्सा केंद्र पहुंचाया गया। वहां प्राथमिक उपचार के बाद उसे हवाई मार्ग से उधमपुर भेजा गया। जहां इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया।
पुंछ की तरह सुंदरबनी में भी भारतीय सेना ने पाकिस्तान को करारा जवाब दिया। भारतीय सेना के जवान पहले से ही सतर्क थे। इसलिए जैसे ही पाकिस्तान की तरफ से गोलीबारी शुरू की गई, भारतीय सेना के जवानों ने फायर झोंकना शुरू कर दिया। इसके चलते 10 मिनट में ही पाकिस्तानी सेना की बंदूकें शांत हो गईं। ऐसे में एक बार फिर पाकिस्तान को कड़ा सबक मिला है, जिससे वह आतंकी घुसपैठ की अपनी मंशा में कामयाब नहीं हो पाया।
गौरतलब है कि पाकिस्तान ने वीरवार को पुंछ जिले में नियंत्रण रेखा पर दिगवार सेक्टर में गोलाबारी की थी। यह दस दिन में सीजफायर उल्लंघन का आठवां मामला था। 11 दिनों में एलओसी पर सीजफायर उल्लंघन की सबसे ज्यादा छह वारदातें करमाड़ा सेक्टर में हुईं। दरअसल पाकिस्तान गोलीबारी की आड़ में आतंकियों को भारतीय क्षेत्र में घुसपैठ करवाना चाहता है, लेकिन भारतीय सेना की सतर्कता की वजह से वह ऐसा नहीं कर पा रहा है। इसीलिए उसने अब सुंदरबनी को भी निशाना बनाना शुरू किया है।