हैदरपोरा मुठभेड़: अल्ताफ और मुदासिर के शव परिजनों को सौंपे गए, सिन्हा ने कहा- किसी के साथ नहीं होगा अन्याय
अल्ताफ भट के भाई अब्दुल मजीद ने जांच के आदेश देने पर उप-राज्यपाल को धन्यवाद दिया है। उन्होंने मामले में सख्त कार्रवाई की मांग की है।
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श्रीनगर के हैदरपोरा मुठभेड़ को लेकर मचे हंगामे के बीच सरकार ने घटना की मजिस्ट्रियल जांच के आदेश दिए हैं। उप-राज्यपाल मनोज सिन्हा ने ट्वीट किया कि हैदरपोरा मुठभेड़ की एडीएम स्तर के अधिकारी समयबद्ध जांच करेंगे। जांच रिपोर्ट आने के बाद सरकार उचित कार्रवाई करेगी। जम्मू-कश्मीर सरकार यह सुनिश्चित करेगी कि किसी के साथ कोई अन्याय न होने पाए। इस बीच देर रात मकान मालिक अल्ताफ भट और मुदासिर गुल के शव हंदवाड़ा कब्रिस्तान से निकाल कर परिजनों को सौंप दिए। इन्हें गिने-चुने परिजनों की मौजूदगी में रात में ही सुपुर्दे-खाक किये जाने की संभावना है।
उप-राज्यपाल के आदेश के बाद श्रीनगर के डीएम ने अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट (एडीएम) खुर्शीद अहमद शाह को जांच अधिकारी नियुक्त किया। उन्हें 15 दिन में जांच रिपोर्ट देने को कहा गया है। जांच अधिकारी नियुक्त होने के बाद शाह ने घटना के संबंध में लोगों से 10 दिनों के भीतर बयान दर्ज कराने की अपील की है। हैदरपोरा मुठभेड़ में सुरक्षाबलों ने दो आतंकियों के साथ ही दो मददगार भी मार गिराए थे। इसके बाद से ही विरोध प्रदर्शन हो रहा है।
मकान मालिक मोहम्मद अल्ताफ भट, किरायेदार मुदासिर गुल तथा गुल के दफ्तर में काम करने वाले आमिर मागरे के परिवार वाले विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। उनका आरोप है कि इन्हें मारा गया है। वे तीनों के शव अंतिम संस्कार के लिए मांग रहे थे।
रामबन के आमिर के शव पर फैसला नहीं
अल्ताफ और मुदासिर के शव हंदवाड़ा में कब्र से निकाले जाने के बाद मुठभेड़ में मारे गए रामबन के आमिर मागरे के शव को लेकर अभी फैसला नहीं हो पाया है।