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पुलवामा हमले में अब तक का सबसे बड़ा खुलासा, इतने किलों आरडीएक्स का हुआ था इस्तेमाल
Thu, 14 Feb 2019 09:07 PM IST
Pranjal Dixit
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
Published by: Pranjal Dixit
Updated Thu, 14 Feb 2019 09:07 PM IST
सार
- एक ट्रक से टकराने पर 40 मीटर तक हवा में उछाल सकता है धमाका
- 7 से 8 वाहनों के चीथड़े उड़ा सकता है इतना विस्फोटक
- न ही तारें बिछाईं, न ही रिमोट से किया हमला, सीधा कार को टकराया
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- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में सीआरपीएफ काफिले पर आत्मघाती हमले को अंजाम देने वाले आतंकी ने कार में 300 किलो से अधिक आरडीएक्स रखा हुआ था। इतने आरडीएक्स के धमाके एक ट्रक करीब 40 मीटर तक हवा में उछल सकता है। यही नहीं, अगर वाहनों के बीच कहीं सेंटर में इतना आरडीएक्स विस्फोट हो तो 7 से 8 वाहनों के चीथड़े उड़ा सकता है।
आशंका है कि आतंकी आदिल की कुछ ऐसी ही प्लानिंग थी। इसलिए इतनी भारी मात्रा में कार में आरडीएक्स रखा गया था।
आरडीएक्स से धमाका करने के मुख्य रूप से दो ही तरीके हैं। पहला यह कि आरडीएक्स लगी आईईडी को कहीं पर लगाकर रखा जाए और रिमोट से विस्फोट कर दिया। दूसरा यह की इसके लिए तारें बिछाई जाएं। कुछ दूरी पर इसका बटन दबाकर विस्फोट किया जाए। पुलवामा में हुए हमले में इन दोनों का ही इस्तेमाल नहीं किया।
आतंकियों को पता था कि तारें बिछाने से काम नहीं चलेगा। क्योंकि किसी भी कानवाय के गुजरने से पहले उसके रूट पर गश्त होती है। जिससे तारें बिछाने वाला प्लान संभव नहीं था। रिमोट से भी हमला नहीं किया गया, क्योंकि सड़क पर खड़े वाहन को आगे चल रहे वाहन मानीटर कर लेते हैं। इसलिए आतंकी पीछे से कार लेकर आया और सीधा काफिले के एक वाहन से जाकर टकराया।
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कार चलाने वाले ने आईईडी बटन दबाकर विस्फोट किया। क्योंकि इसमें 300 किलो से अधिक आरडीएक्स था। इसलिए जिस गाड़ी से यह टकराया। उसके चीथड़े उड़ गए। करीब 40 मीटर तक सीआरपीएफ का वाहन हवा में उछला। कार के टकराने के बाद अन्य आतंकियों सीआरपीएफ के दूसरे वाहन पर फायरिंग कर दी।
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आशंका है कि आतंकी आदिल की कुछ ऐसी ही प्लानिंग थी। इसलिए इतनी भारी मात्रा में कार में आरडीएक्स रखा गया था।
आरडीएक्स से धमाका करने के मुख्य रूप से दो ही तरीके हैं। पहला यह कि आरडीएक्स लगी आईईडी को कहीं पर लगाकर रखा जाए और रिमोट से विस्फोट कर दिया। दूसरा यह की इसके लिए तारें बिछाई जाएं। कुछ दूरी पर इसका बटन दबाकर विस्फोट किया जाए। पुलवामा में हुए हमले में इन दोनों का ही इस्तेमाल नहीं किया।
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आतंकियों को पता था कि तारें बिछाने से काम नहीं चलेगा। क्योंकि किसी भी कानवाय के गुजरने से पहले उसके रूट पर गश्त होती है। जिससे तारें बिछाने वाला प्लान संभव नहीं था। रिमोट से भी हमला नहीं किया गया, क्योंकि सड़क पर खड़े वाहन को आगे चल रहे वाहन मानीटर कर लेते हैं। इसलिए आतंकी पीछे से कार लेकर आया और सीधा काफिले के एक वाहन से जाकर टकराया।
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कार चलाने वाले ने आईईडी बटन दबाकर विस्फोट किया। क्योंकि इसमें 300 किलो से अधिक आरडीएक्स था। इसलिए जिस गाड़ी से यह टकराया। उसके चीथड़े उड़ गए। करीब 40 मीटर तक सीआरपीएफ का वाहन हवा में उछला। कार के टकराने के बाद अन्य आतंकियों सीआरपीएफ के दूसरे वाहन पर फायरिंग कर दी।