Op Dhanush: कुपवाड़ा में मारे गए तीन आतंकियों से भारी मात्रा में हथियार बरामद, बडे़ हमले की थी तैयारी
कुपवाड़ा में हाल ही में घुसपैठ की कोशिश के दौरान मारे गए आतंकवादियों से भारी मात्रा में हथियार और गोला-बारूद बरामद किया गया है। सोमवार को सेना ने इसकी जानकारी दी।
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उत्तरी कश्मीर के कुपवाड़ा में मारे गए तीन आतंकियों के पास से भारी मात्रा में हथियार बरामद हुए हैं। नियंत्रण रेखा के पास हुई मुठभेड़ में मारे गए आतंकवादी बड़े हमले की तैयारी में थे। लेकिन इससे पहले पुलिस औ र सेना के सतर्क जवानों ने उनके नापाक इरादों को मिट्टी में मिला दिया।
आतंकवादियों का इरादा जम्मू-कश्मीर में शांति भंग करना था। सोमवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए 268 ब्रिगेड केरन सेक्टर के कमांडर बीटीआईजी एन एल कुर्कर्णी ने बताया कि ऑपरेशन धनुष एक महत्वपूर्ण सफलता है।
इसमें कुपवाड़ा पुलिस के साथ एक संयुक्त प्रयास में केरन सेक्टर में नियंत्रण रेखा (एलओसी) पर घुसपैठ के प्रयास को सफलतापूर्वक विफल कर दिया।
ऑपरेशन में तीन एके-47 राइफल, चार पिस्तौल और छह हथगोले सहित हथियारों और गोला-बारूद का एक बड़ा जखीरा बरामद किया गया। इसके अतिरिक्त, पाकिस्तान-मार्क वाली सिगरेट और खाद्य पदार्थ जब्त किए गए। आतंकवादियों का इरादा घाटी में शांति भंग करना था, लेकिन संयुक्त बलों ने उनके प्रयासों का प्रभावी ढंग से मुकाबला किया। कमांडर कुर्कर्णी ने क्षेत्र में शांति और सुरक्षा बनाए रखने के लिए सुरक्षा बलों के बीच सतर्कता और सहयोग के महत्व पर बल दिया।
इससे पहले रविवार को सेना की चिनार कोर ने एक्स पर पोस्ट में लिखा कि केरन में घुसपैठ की कोशिश को नाकाम कर दिया गया है। ऑपरेशन धनुष II के तहत रविवार को इस कार्रवाई को अंजाम दिया गया है।
कुलगाम में पिछले सप्ताह मारे गए थे छह आतंकी
आतंकियों के सफाये के लिए सुरक्षा बल बड़े स्तर पर तलाशी अभियान चला रहे हैं। कुलगाम जिले में अलग-अलग मुठभेड़ों में पिछले सप्ताह सुरक्षाबलों ने छह आतंकियों को मार गिराया गया था।
आतंकी हमलों में वृद्धि
जम्मू-कश्मीर में हाल के दिनों में आतंकी हमलों की संख्या में बढ़ोतरी हुई है। 9 जून को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शपथ ली थी, उसी दिन दहशतगर्दों ने रियासी में तीर्थयात्रियों को ले जा रही बस पर हमला किया था। इससे बस खाई में गिरने से नौ लोगों की मौत हो गई थी। आतंकियों की ओर से 9 से 11 जून के बीच चार हमले किए गए हैं।
कठुआ में पांच जवान हुए बलिदान
इसके बाद जुलाई महीने की शुरुआत में, 8 जुलाई को कठुआ के बदनोटा इलाके में सेना के गश्ती दल पर भारी हथियारों से लैस आतंकवादियों के एक समूह ने घात लगाकर हमला किया था। हमले में पांच जवान बलिदान हो गए थे।