जानिए, कैसे बचें स्वाइन फ्लू के खतरे से
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मामूली सा नियमित बुखार, खांसी, गले में खराश जैसी छोटी बीमारियां स्वाइन इनफ्लूएंजा फ्लू के लक्षण हो सकते हैं। स्वाइन फ्लू का एच1एन1 नामक वायरस मानव शरीर के महत्वपूर्ण अंगों पर हमला करके शारीरिक क्षमता को बेकार कर देता है। पीडि़त को समय पर उचित इलाज न मिलने से उसकी जान जा सकती है।
इलाज में देरी से आसपास के लोग भी इस फ्लू की चपेट में आ जाते हैं। स्वाइन इनफ्लूएंजा वायरस मैक्सिको में मानव के बीच महामारी का कारण बना। इसने युनाइटेड स्टेट्स तथा कनाडा सहित अन्य देशों के बाद भारत में दस्तक दी है। यह वायरस मानव शरीर के अलावा सुअरों को भी संक्रमित करता है।
स्वाइन फ्लू का वायरस हवा में प्रभावित तत्वों द्वारा मानव से मानव में हस्तांतरित होकर बड़ी तबाही मचा सकता है। यह इंसानों में महामारी का कारण भी बना है। विशेषज्ञों के अनुसार उन लोगों को ज्यादा सतर्क रहने की जरूरत है, जो कामकाज के सिलसिले में नियमित तौर पर प्रभावित देशों में दौरे करते हैं।
जानिए, स्वाइन फ्लू के लक्षण और बचाव
स्वाइन फ्लू के लक्षण
1. अचानक सेहत का छोटे रोगों से बिगड़ना
2. बुखार, खांसी, गले में खराश, डायरिया, उल्टी, सांस लेने में कठिनाई होगी
क्या करें
1. सादा पानी पीएं, पोषणयुक्त खाने का सेवन करें
2. लक्षणों से प्रभावित व्यक्ति अन्य लोगों से थोड़ी दूरी बनाएं
3. खांसते अथवा छींकते समय मुंह व नाक को ढकें
4. नाक, कान अथवा मुंह को छूने से पहले व बाद में हाथों को धोएं
5. भीड़ भाड़ वाली जगहों पर जाने से परहेज करें
6. अच्छी नींद लें, शारीरिक रूप से सक्रिय रहें तथा तनाव को प्रभावी रूप से संभालें
क्या न करें
1. लक्षण मिलने पर हाथ न मिलाएं, गले न लगें और सामाजिक रूप से चुंबन न लें
2. फिजिशियन की सलाह के बिना कोई भी दवाई का सेवन न करें, बाहर न थूकें