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Jammu News: हॉस्टल में ही जारी रहे पढ़ाई की सुविधा
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राजोरी। राजोरी के ग़ुज्जर बकरवाल हॉस्टल के छात्रों ने सोमवार को हॉस्टल परिसर में ही विरोध प्रदर्शन कर उनकी कक्षाओं को हॉस्टल में ही जारी रखने की मांग की।
प्रदर्शन कर रहे छात्रों ने बताया कि छट्ठी कक्षा से लेकर 8वीं तक के छात्रों की पढ़ाई पिछले करीब 10 साल से हॉस्टल में ही हो रही थी। हॉस्टल परिसर के अंदर ही उनको शिक्षक पढ़ाने आते थे और इससे उनको स्कूल आने जाने में समय नष्ट नहीं होता था। उन्होंने बताया कि इस बार पिछले कुछ दिनों से हॉस्टल के वार्डन ने उन्हें हॉस्टल में कक्षाएं लगाने के बजाय स्कूल में जाकर पढ़ाई करने के निर्देश जारी कर दिए। उन्होंने बताया कि सरकारी मिडल स्कूल हॉस्टल से करीब दो किलोमीटर दूर है, जहां पहुंचने के लिए उनको पैदल चलना पड़ता है। इससे उनका समय बर्बाद होता है। उन्होंने जिला प्रशासन, शिक्षा विभाग से गुहार लगाते हुए कहा कि वे उनको हॉस्टल मे ही कक्षाओं को लगाने की परंपरा को जारी रखें। इस संबंध में हॉस्टल के वार्डन मोहम्मद रफ़ीक़ ने वताया कि पिछले 10 साल से हॉस्टल के छट्ठी से 8वीं कक्षा के छात्रों की पढ़ाई हॉस्टल में ही होती थी लेकिन इनका नाम लड़कों के सरकारी मिडल स्कूल में ही दर्ज था। अब कुछ दिन पहले शिक्षा मंत्री के निर्देश के बाद विभाग ने यह निर्णय लिया है कि हॉस्टल में कोई कक्षा आयोजित नहीं की जाएगी। सभी बच्चों की पढ़ाई खुले माहौल में स्कूल में ही होगी। मंत्री के निर्देश के बाद निदेशक ने भी साफ साफ निर्देश जारी किए हैं कि बच्चों कोे पढ़ाई के लिए स्कूलों में भेजा जाए और उसी आदेश का पालन किया का रहा है।
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प्रदर्शन कर रहे छात्रों ने बताया कि छट्ठी कक्षा से लेकर 8वीं तक के छात्रों की पढ़ाई पिछले करीब 10 साल से हॉस्टल में ही हो रही थी। हॉस्टल परिसर के अंदर ही उनको शिक्षक पढ़ाने आते थे और इससे उनको स्कूल आने जाने में समय नष्ट नहीं होता था। उन्होंने बताया कि इस बार पिछले कुछ दिनों से हॉस्टल के वार्डन ने उन्हें हॉस्टल में कक्षाएं लगाने के बजाय स्कूल में जाकर पढ़ाई करने के निर्देश जारी कर दिए। उन्होंने बताया कि सरकारी मिडल स्कूल हॉस्टल से करीब दो किलोमीटर दूर है, जहां पहुंचने के लिए उनको पैदल चलना पड़ता है। इससे उनका समय बर्बाद होता है। उन्होंने जिला प्रशासन, शिक्षा विभाग से गुहार लगाते हुए कहा कि वे उनको हॉस्टल मे ही कक्षाओं को लगाने की परंपरा को जारी रखें। इस संबंध में हॉस्टल के वार्डन मोहम्मद रफ़ीक़ ने वताया कि पिछले 10 साल से हॉस्टल के छट्ठी से 8वीं कक्षा के छात्रों की पढ़ाई हॉस्टल में ही होती थी लेकिन इनका नाम लड़कों के सरकारी मिडल स्कूल में ही दर्ज था। अब कुछ दिन पहले शिक्षा मंत्री के निर्देश के बाद विभाग ने यह निर्णय लिया है कि हॉस्टल में कोई कक्षा आयोजित नहीं की जाएगी। सभी बच्चों की पढ़ाई खुले माहौल में स्कूल में ही होगी। मंत्री के निर्देश के बाद निदेशक ने भी साफ साफ निर्देश जारी किए हैं कि बच्चों कोे पढ़ाई के लिए स्कूलों में भेजा जाए और उसी आदेश का पालन किया का रहा है।
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