NH बंद होने से 1400 करोड़ का नुकसान: केईए
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श्रीनगर-जम्मू राष्ट्रीय राजमार्ग के बंद रहने से घाटी के व्यवसाइयों को काफी नुकसान हुआ है। एक अनुमान के अनुसार, यह नुकसान करीब 1400 करोड़ का है। कश्मीर इकोनोमिक अलायंस (केईए) के अध्यक्ष मोहम्मद यासीन खान ने अमर उजाला को बताया कि एक महीने के भीतर करीब 14 दिनों तक राजमार्ग के बंद रहने से घाटी के व्यवसाइयों को काफी परेशानियों के साथ-साथ नुकसान भी उठाना पड़ा है।
उन्होंने बताया कि व्यवसाइयों को एक दिन का करीब 100 करोड़ से अधिक का नुकसान हुआ, जो कुल मिलकर 1400 करोड़ के करीब होता है। खान ने बताया कि राजमार्ग बंद होने से आम जनता को भी इसका खामियाजा भुगतना पड़ता है। रास्ता बंद होते ही सब्जियों के साथ-साथ जरूरत की चीजों के दाम बढ़ जाते हैं।
यहां तक कि कई बार इन चीजों की किल्लत भी हो जाती है खासकर दवाइयों की। वहीं कश्मीर घाटी के मीट व्यापारियों ने भी इस राजमार्ग के बंद होने से 40 प्रतिशत नुकसान की बात कही है। कश्मीर मटन डीलर एसोसिएशन के मेंबर सलीम अहमद के अनुसार, 27 मार्च से जबसे राजमार्ग दोबारा बंद हुआ है, तबसे करीब उनका दो करोड़ का माल रास्ते में फंसा है।
उन्होंने बताया कि सितंबर में आई भीषण बाढ़ के दौरान मीट व्यापारियों का करीबन 16 करोड़ से अधिक का नुकसान हुआ था। उन्हें अभी तक उसका मुआवजा नहीं दिया गया।
डेढ़ सौ छोटे वाहन श्रीनगर के लिए रवाना
बस स्टैंड में फंसे यात्रियों की मुश्किलें कम नहीं हो रही हैं, लेकिन बुधवार सुबह डेढ़ सौ छोटी गाड़ियों को श्रीनगर के लिए रवाना किया गया है। इसके बाद भी सैकड़ों मुसाफिर अभी तक बस स्टैंड में फंसे हैं। इनकी संख्या अभी तक तीन सौ के करीब है। गौरतलब है कि पांच दिन से मौसम खराब होने की वजह से नेशनल हाईवे बंद चल रहा है।
जिस कारण बस स्टैंड में यात्रियों के रुकने का सिलसिला जारी है। पहले दिन से लेकर तीसरे दिन तक तीन हजार के करीब यात्री बस स्टैंड में फंसे थे। दो हजार यात्रियों को मंगलवार 175 छोटी गाड़ियों में रवाना किया गया। बुधवार को पांचवें दिन और बढ़े मुसाफिरों को 150 छोटी गाड़ियों में भेजा गया। हालांकि बस स्टैंड में अभी यात्री रास्ता खुलने का इंतजार कर रहे हैं।
इनमें बूढ़े, बच्चे और महिलाएं शामिल हैं। बारिश ने इनकी मुश्किलों में बढ़ोतरी कर दी। ठंड बढ़ने से सभी लोग जल्द से जल्द अपने घर जाने के लिए प्रयासरत हैं। मजदूर तबके के लोगों ने बस स्टैंड में ही चूल्हा जलाकर खाना पकाया और समय निकाला। अब वे जल्द श्रीनगर जाने के लिए प्रयासरत हैं।
बारिश ने शहर को किया बदरंग
सुबह से लगातार बारिश ने शहर की हालत बिगाड़ कर रख दी। सड़कों पर जगह-जगह खड्ढे बन गए हैं। उखड़ी सड़कों में पानी भर जाने से हादयों की आशंका बनी रही। लगातार बारिश से जनजीवन बुरी तरह से प्रभावित हो गया। लोग घरों में दुबके रहने के लिए मजबूर हो गए।
शहर के अलग-अलग हिस्सों में जलभराव हुआ, जिससे पैदल तथा दोपहिया वाहनों को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ा है। शहर के लगभग सभी चौकों पर पानी की निकासी नहीं होने के कारण लोगों को दिक्कतें पेश आईं।
बड़े वाहनों के गुजरने से जहां पैदल चलने वाले और दोपहिया वाहनों पर सवारों के कपड़े गंदे पानी की छींटें पड़ने से खराब हो रहे थे, वहीं सड़क के बीच जलभराव से नजर नहीं आ रहे गड्ढे भी आफत बने। हादसों की आशंका बनी रही। लोग संभल कर चले रहे थे। बावजूद कई जगह पर वाहनों के फिसलने का सिलसिला जारी था।