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124 कैमरों की नजर में रहेगी एशिया की सबसे लंबी टनल, कई और सुविधाओं से भी लैस
रोहित गुप्ता,अमर उजाला/चिनैनी
Updated Sat, 18 Mar 2017 11:12 AM IST
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चिनैनी नाशरी टनल
- फोटो : Amar Ujala
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साढ़े पांच साल के इंतजार के बाद बनकर तैयार हुई एशिया की सबसे बड़ी चिनैनी-नाशरी रोड टनल का सफर सबसे महफूज होगा। अत्याधुनिक तकनीक और उपकरणाें से लैस टनल चार हजार लाइटों से चौबीस घंटे चकाचौंध रहेगी।
124 कैमरों से 24 घंटे निगरानी होगी और आपात स्थिति बनने पर एसओएस (सेव अवर सोल) संकट मोचक का काम करेेंगे। टनल से गुजरने पर टोल भी देना होगा। इसकी तैयारी की जा रही है। नौ किलोमीटर लंबी टनल में सफर के दौरान हर 150 मीटर की दूरी पर एसओएस की सुविधा दी गई है।
एसओएस में यात्री के अंदर जाते ही टेक्नोलॉजी इमारत से यात्रियों की समस्या पूछी जाएगी, जिसे तुरंत हल करने के प्रयास होंगे। टनल के अंदर गाड़ी को आग लगने की स्थिति में भी एसओएस में अग्निशमन के मुकम्मल इंतजाम हैं। टनल के अंदर कोई हादसा हो जाए और यात्री गाड़ी के अंदर ही फंसे हैं तो शीशा तोड़ने के लिए भी टनल के अंदर सामान मौजूद है।
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फर्स्ट एड के सामान के अलावा टनल के भीतर हर 600 मीटर की दूरी पर ले बाई (किनारे पर गाड़ी खड़ी करने की जगह) दी गई है। निगरानी तंत्र को मजबूत बनाने के लिए लगाए गए कैमरे लगातार ओवर स्पीड, ओवर टेक समेत हर हलचल को कैद करेंगे और टेक्नोलॉजी इमारत को सूचना प्रेषित करते रहेंगे। इमारत में तैनात अमला जरूरत के अनुसार ही त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करेगा।
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124 कैमरों से 24 घंटे निगरानी होगी और आपात स्थिति बनने पर एसओएस (सेव अवर सोल) संकट मोचक का काम करेेंगे। टनल से गुजरने पर टोल भी देना होगा। इसकी तैयारी की जा रही है। नौ किलोमीटर लंबी टनल में सफर के दौरान हर 150 मीटर की दूरी पर एसओएस की सुविधा दी गई है।
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एसओएस में यात्री के अंदर जाते ही टेक्नोलॉजी इमारत से यात्रियों की समस्या पूछी जाएगी, जिसे तुरंत हल करने के प्रयास होंगे। टनल के अंदर गाड़ी को आग लगने की स्थिति में भी एसओएस में अग्निशमन के मुकम्मल इंतजाम हैं। टनल के अंदर कोई हादसा हो जाए और यात्री गाड़ी के अंदर ही फंसे हैं तो शीशा तोड़ने के लिए भी टनल के अंदर सामान मौजूद है।
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फर्स्ट एड के सामान के अलावा टनल के भीतर हर 600 मीटर की दूरी पर ले बाई (किनारे पर गाड़ी खड़ी करने की जगह) दी गई है। निगरानी तंत्र को मजबूत बनाने के लिए लगाए गए कैमरे लगातार ओवर स्पीड, ओवर टेक समेत हर हलचल को कैद करेंगे और टेक्नोलॉजी इमारत को सूचना प्रेषित करते रहेंगे। इमारत में तैनात अमला जरूरत के अनुसार ही त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करेगा।
यह होगा टोल का स्वरूप
टनल में सुरक्षा के कड़े इंतजाम
- फोटो : Amar Ujala
चिनैनी-नाशरी टनल से गुजरने पर टोल प्लाजा में शुल्क देना होगा। इसे टनल के उद्घाटन के बाद से लागू किया जा सकता है। कार, जीप, वैन और अन्य एलएमवी के लिए 55 रुपये टोल होगा। इन्हीं गाड़ियों के आने-जाने का टोल एक साथ कटवाने पर 85 रुपये होगा। यदि एक माह का पास इन गाड़ियों को बनाना होगा तो उन्हें 1870 रुपये ही देने पड़ेंगे।
वहीं एलसीवी, एलजीवी या मिनी बस का सिर्फ टनल से जाने का टोल 90 रुपये और आने-जाने के लिए 135 और एक माह के पास के लिए 3020 रुपये रखे गए हैं। बस और ट्रक जो दो एक्सल हैं, उन्हें जाने के लिए 190 रुपये और आने-जाने के लिए 285 रुपये और एक माह के पास के लिए 6325 रुपये देने होंगे। तीन एक्सल कामर्शियल वाहनों के लिए 205 रुपये एक तरफ का और 310 रुपये दोनों तरफ का, जबकि एक माह के लिए 6900 रुपये में पास बनेगा।
एचसीएम, ईएमई और एमएवी चार से छह एक्सल के वाहन के लिए तीन सौ रुपये एक तरफ का, जबकि आने-जाने के लिए 445 रुपये टोल देना होगा। एक माह के पास के लिए 9915 रुपये देने पड़ेंगे। उधर ओवरसाइज वाहन जो सात या उससे अधिक एक्सल वाले होंगे, उनको एक तरफ का 360 रुपये टोल देना होगा, जबकि आने-जाने का 545 रुपये और एक माह का पास 12075 रुपये में बनाए जाएंगे।
वहीं एलसीवी, एलजीवी या मिनी बस का सिर्फ टनल से जाने का टोल 90 रुपये और आने-जाने के लिए 135 और एक माह के पास के लिए 3020 रुपये रखे गए हैं। बस और ट्रक जो दो एक्सल हैं, उन्हें जाने के लिए 190 रुपये और आने-जाने के लिए 285 रुपये और एक माह के पास के लिए 6325 रुपये देने होंगे। तीन एक्सल कामर्शियल वाहनों के लिए 205 रुपये एक तरफ का और 310 रुपये दोनों तरफ का, जबकि एक माह के लिए 6900 रुपये में पास बनेगा।
एचसीएम, ईएमई और एमएवी चार से छह एक्सल के वाहन के लिए तीन सौ रुपये एक तरफ का, जबकि आने-जाने के लिए 445 रुपये टोल देना होगा। एक माह के पास के लिए 9915 रुपये देने पड़ेंगे। उधर ओवरसाइज वाहन जो सात या उससे अधिक एक्सल वाले होंगे, उनको एक तरफ का 360 रुपये टोल देना होगा, जबकि आने-जाने का 545 रुपये और एक माह का पास 12075 रुपये में बनाए जाएंगे।